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दिल्ली की इन 4 गलियों में बसते हैं उत्तराखंड-हिमाचल के पहाड़, सिड्डू से लेकर भांग की चटनी तक यहाँ मिलेगा असली जायका

दिल्ली सिर्फ चाट, छोले-भटूरे और कबाबों के लिए ही नहीं जानी जाती, बल्कि यहां ऐसी कई गलियां भी हैं जहां उत्तराखंड और हिमाचल की मिट्टी की खुशबू बसती है।

Author : Sarita Prasad

दिल्ली सिर्फ चाट, छोले-भटूरे और कबाबों के लिए ही नहीं जानी जाती, बल्कि यहां ऐसी कई गलियां भी हैं जहां उत्तराखंड और हिमाचल (Uttarakhand And Himachal) की मिट्टी की खुशबू बसती है। इन जगहों पर पहुंचते ही ऐसा लगता है जैसे दिल्ली से सीधे पहाड़ों में आ गए हों। कहीं गरमा-गरम सिड्डू (Siddu) का स्वाद मिलता है, तो कहीं भांग की चटनी और मंडुवे की रोटी लोगों का दिल जीत लेती है। छोटे-छोटे कैफे और पुराने ढाबे यहां पहाड़ी संस्कृति को जिंदा रखे हुए हैं। दिल्ली में रहने वाले उत्तराखंडी और हिमाचली परिवारों ने इन दुकानों को सिर्फ बिजनेस नहीं, बल्कि अपनी पहचान बनाया है। यहां मिलने वाला खाना बिल्कुल घर जैसा स्वाद देता है और इसी वजह से अब दिल्ली वाले भी इन जगहों के फैन बन चुके हैं। अगर आप भी पहाड़ों का असली स्वाद बिना दिल्ली छोड़े लेना चाहते हैं, तो इन 4 खास जगहों पर जरूर जाएं।

हिमाचली रसोई, मजनू का टीला

सिड्डू

दिल्ली के मजनू का टीला (Majnu Ka Tila) इलाके में मौजूद यह छोटी-सी दुकान पहाड़ी खाने के लिए काफी मशहूर है। इसे करीब 2015 में हिमाचल के मंडी जिले से आए एक परिवार ने शुरू किया था। यहां का सबसे फेमस आइटम सिड्डू है, जिसे देसी घी और अखरोट की चटनी के साथ परोसा जाता है। इसके अलावा राजमा-चावल, चना मदरा और तुडकिया भात भी लोगों को खूब पसंद आता है। खाने की कीमत ₹120 से ₹350 के बीच रहती है। कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन से ऑटो लेकर यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है। दुकान का माहौल बिल्कुल पहाड़ी ढाबे जैसा है, जहां लकड़ी की सजावट लोगों को आकर्षित करती है। ग्राहकों के मुताबिक यहां का खाना “घर जैसा और बेहद ऑथेंटिक” लगता है। वीकेंड पर यहां काफी भीड़ रहती है, इसलिए जल्दी पहुंचना बेहतर माना जाता है।

गढ़वाल कैफे, मुखर्जी नगर

भांग की चटनी

मुखर्जी नगर (Mukherjee Nagar) की गलियों में मौजूद यह कैफे उत्तराखंडी छात्रों और परिवारों के बीच बेहद लोकप्रिय है। इसे 2018 में पौड़ी गढ़वाल के दो दोस्तों ने शुरू किया था, ताकि दिल्ली में लोगों को पहाड़ी स्वाद मिल सके। यहां भांग की चटनी, झंगोरे की खीर, आलू के गुटके और मंडुवे की रोटी सबसे ज्यादा पसंद की जाती है। खाने की कीमत ₹80 से ₹250 तक रहती है, इसलिए स्टूडेंट्स के बजट में भी आसानी से फिट हो जाता है। नजदीकी मेट्रो स्टेशन GTB नगर है, जहां से ई-रिक्शा लेकर कैफे पहुंच सकते हैं। यहां की खास बात यह है कि खाने में पहाड़ी मसालों का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे स्वाद बिल्कुल अलग लगता है। ग्राहक अक्सर इसकी तारीफ करते हुए कहते हैं कि यहां का खाना उन्हें अपने गांव की याद दिला देता है। शाम के समय यहां लाइव पहाड़ी गाने भी बजाए जाते हैं।

पहाड़ी ढाबा, बुराड़ी

पहाड़ी चिकन

बुराड़ी (Buradi) इलाके में मौजूद यह ढाबा दिल्ली में पहाड़ी खाने का बड़ा नाम बन चुका है। इसे 2012 में अल्मोड़ा के एक परिवार ने शुरू किया था। यहां का सबसे मशहूर व्यंजन भट्ट की चुड़कानी और काफुली है, जिसे लोग दूर-दूर से खाने आते हैं। साथ ही यहां पहाड़ी चिकन और देसी घी वाले परांठे भी काफी पसंद किए जाते हैं। खाने का खर्च लगभग ₹150 से ₹400 तक आता है। कश्मीरी गेट से बस या कैब के जरिए यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है। ढाबे का इंटीरियर काफी सिंपल है, लेकिन स्वाद ऐसा कि लोग बार-बार यहां लौटकर आते हैं। ग्राहकों के अनुसार यहां की भांग की चटनी और पहाड़ी रायता बेहद शानदार होता है। कई फूड ब्लॉगर्स भी इस जगह की तारीफ कर चुके हैं।

देवभूमि फूड पॉइंट, आर.के. पुरम

काफुली

आर.के. पुरम (R.K Puram) में स्थित यह फूड पॉइंट उत्तराखंड और हिमाचल दोनों राज्यों के खाने के लिए जाना जाता है। इसे 2016 में देहरादून के एक शेफ ने शुरू किया था। यहां सिड्डू, काफुली, चैंसू और हिमाचली धाम जैसी डिशेज मिलती हैं। खाने की कीमत ₹100 से ₹300 तक रहती है। यहां पहुंचने के लिए भीकाजी कामा प्लेस मेट्रो स्टेशन सबसे नजदीक पड़ता है। इस जगह की खासियत इसका साफ-सुथरा माहौल और पारंपरिक सर्विंग स्टाइल है। खाने को तांबे और पीतल के बर्तनों में परोसा जाता है, जिससे लोगों को पहाड़ी संस्कृति का असली अनुभव मिलता है। लोग यहां के सिड्डू और देसी घी की खूब तारीफ करते हैं। कई लोग इसे “दिल्ली में मिनी हिमाचल” भी कहते हैं। [SP]