गर्मी शुरू होते ही शरीर से पसीना भी निकलने लगता है। उमस भरे मौसम में यह पसीना कपड़ों से लेकर जूतों तक हर जगह नमी बनाए रखता है। यही वजह है कि कई लोग इस मौसम में जूतों से आने वाली बदबू से काफी परेशान रहते हैं। बाहर से देखने पर जूते बिल्कुल साफ लगते हैं, लेकिन अंदर से उनमें से आने वाली गंध काफी असहज कर देती है।
वैज्ञानिकों की मानें तो जूतों में बदबू आने की मुख्य वजह पसीना और बैक्टीरिया का मेल होता है। हमारे पैरों में शरीर के अन्य हिस्सों की तुलना में ज्यादा पसीने वाली ग्रंथियां होती हैं। जब हम जूते पहनते हैं तो हवा का आना-जाना सीमित हो जाता है, जिससे पसीना अंदर ही फंस जाता है। यह नमी धीरे-धीरे बैक्टीरिया और फंगस के बढ़ने के लिए अनुकूल वातावरण बना देती है। ये सूक्ष्म जीव पसीने और त्वचा के मृत कणों को तोड़ते हैं और इसी प्रक्रिया के दौरान एक तेज गंध उत्पन्न होती है। यही कारण है कि गर्मी में जूते पहनने पर बदबू और बढ़ जाती है।
इस समस्या को दूर करने के लिए जूतों को हर बार धोना जरूरी नहीं होता। कुछ आसान घरेलू उपाय नमी और बैक्टीरिया को कम करने में मदद करते हैं।
बेकिंग सोडा इस मामले में काफी प्रभावी है, क्योंकि यह प्राकृतिक रूप से नमी को सोख लेता है और गंध पैदा करने वाले तत्वों को खत्म करता है। अगर इसे रातभर जूतों के अंदर छोड़ दिया जाए तो सुबह तक बदबू काफी कम हो जाती है। इसी तरह सिरका और पानी का हल्का घोल भी बैक्टीरिया को कम करने में मदद करता है, क्योंकि सिरका में एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं। इसे हल्के स्प्रे के रूप में इस्तेमाल करने से जूतों के अंदर की गंध नियंत्रित की जा सकती है।
सिर्फ घरेलू उपाय ही नहीं, बल्कि रोजमर्रा की कुछ आदतें भी इस समस्या को काफी हद तक कम कर सकती हैं। जूतों को लगातार पहनने से बचना चाहिए ताकि उन्हें हवा लग सके और अंदर जमा नमी सूख सके। साफ और सूखे मोजे पहनना भी बेहद जरूरी है, क्योंकि मोजे पसीने को सीधे जूतों तक पहुंचने से रोकते हैं। साथ ही जूतों को इस्तेमाल के बाद खुली हवा में रखना चाहिए ताकि प्राकृतिक वेंटिलेशन से उनमें जमा नमी कम हो सके। [SP]
(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)