बढ़ता वजन सेहत के लिए न केवल खतरनाक बल्कि कई बार लोगों को इसकी वजह से शर्मिंदगी का सामना भी करना पड़ जाता है। वजन कम करने के लिए लोग जिम से लेकर कई जतन करते हैं। कई लोग तो भोजन छोड़ने की गलती तक कर बैठते हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) (World Health Organisation) ने भोजन और वजन को लेकर फैले आम मिथकों और वास्तविक तथ्यों पर प्रकाश डाला है। संगठन के अनुसार, खाना छोड़ना वजन घटाने का सही तरीका नहीं है, बल्कि इससे उल्टा नुकसान हो सकता है। डब्ल्यूएचओ ने स्पष्ट किया कि भोजन छोड़ने से अस्थायी रूप से वजन कम लग सकता है, लेकिन लंबे समय में यह तरीका असफल साबित होता है। जब कोई व्यक्ति भोजन छोड़ता है तो बाद में ज्यादा भूख लगने के कारण अधिक खाने की संभावना बढ़ जाती है। इससे कुल कैलोरी इनटेक बढ़ सकता है और वजन घटाने के बजाय बढ़ने का खतरा रहता है।
एक्सपर्ट के मुताबिक, भोजन छोड़ने से शरीर में कई समस्याएं पैदा हो सकती हैं। सबसे आम प्रभाव थकान महसूस होना है। ऊर्जा की कमी के कारण दिनभर सुस्ती बनी रहती है। साथ ही ब्लड शुगर का स्तर अचानक गिर सकता है, जिससे लो ब्लड शुगर या हाइपोग्लाइसीमिया जैसी स्थिति बन सकती है। इससे चक्कर आना, कमजोरी और ध्यान केंद्रित करने में दिक्कत जैसी परेशानियां होती हैं।
डब्ल्यूएचओ का कहना है कि स्वस्थ वजन बनाए रखने के लिए नियमित और संतुलित भोजन जरूरी है। भोजन छोड़ने की बजाय छोटे-छोटे अंतराल पर पौष्टिक भोजन (healthy food) लेना बेहतर है। इससे मेटाबॉलिज्म ठीक रहता है, ऊर्जा का स्तर बना रहता है और अनावश्यक भूख नहीं लगती।विशेषज्ञों का मानना है कि वजन कम करने का सबसे सही तरीका कुल कैलोरी इनटेक को नियंत्रित करना, स्वस्थ आहार चुनना और नियमित शारीरिक व्यायाम करना है।
केवल भोजन छोड़कर वजन घटाने की कोशिश न सिर्फ असफल होती है, बल्कि स्वास्थ्य को भी नुकसान पहुंचा सकती है। ऐसे में वजन घटाने से संबंधित किसी भी मिथक पर भरोसा न करें। इसके बजाय वैज्ञानिक तथ्यों और विशेषज्ञ सलाह के आधार पर आहार योजना बनाएं। खासकर युवा और कामकाजी लोग जो व्यस्तता में भोजन छोड़ देते हैं, उन्हें इस आदत को तुरंत बदलना चाहिए।
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(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)