गर्मी के बढ़ते तापमान में शरीर को ठंडक, ताजगी और संतुलन बनाए रखने का सबसे आसान, कारगर और प्राकृतिक तरीका है मिट्टी के घड़े या मटके का पानी पीना। हेल्थ एक्सपर्ट बताते हैं कि फ्रिज का ठंडा पानी अस्थायी राहत तो देता है, लेकिन मटके का पानी स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद और सुरक्षित है। खास बात है कि इसका सेहत पर कोई नकारात्मक असर नहीं होता है।
नेशनल हेल्थ मिशन के अनुसार, गर्मियों में ज्यादातर लोग राहत पाने के लिए फ्रिज का पानी पीते हैं, लेकिन इससे गला खराब होने, खांसी या पेट की समस्याएं हो सकती हैं। वहीं, मिट्टी के घड़े में रखा पानी प्राकृतिक रूप से ठंडा रहता है और शरीर को अंदर से ठंडक पहुंचाता है। इसमें मिट्टी की हल्की सौंधी खुशबू भी आती है, जो पीने में स्वादिष्ट लगती है।
एक्सपर्ट्स के अनुसार मटके के पानी के सेवन से कई फायदे मिलते हैं। इसके सेवन से शरीर का तापमान नियंत्रित रखता है और प्राकृतिक ठंडक मिलती है। पाचन क्रिया को मजबूत बनाता है। मिट्टी पानी की अशुद्धियों को सोख लेती है, जिससे शरीर के विषैले तत्व बाहर निकलते हैं। इम्युनिटी बढ़ाने में भी यह मदद करता है और शरीर के पीएच लेवल को संतुलित भी रखता है।
आयुर्वेद में मटके के पानी को अमृत के समान माना जाता है। आधुनिक डॉक्टर भी इसे फ्रिज के पानी से बेहतर बताते हैं। मिट्टी के क्षारीय गुण पानी में प्राकृतिक मिनरल्स बढ़ा देते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी होते हैं। गले, पेट और आंतों के लिए यह पानी सुरक्षित है। बीमार व्यक्ति भी बिना किसी चिंता के इसे पी सकते हैं।
गर्मी के मौसम में हाइड्रेटेड रहने का यह सबसे सस्ता, प्राकृतिक और प्रभावी तरीका है। मटके का पानी पूरी तरह केमिकल मुक्त होता है और शरीर को अंदर से स्वस्थ रखता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि घर में मिट्टी का घड़ा जरूर रखें और गर्मियों में रोजाना इसका पानी पिएं। इससे न सिर्फ शरीर तरोताजा रहेगा, बल्कि कई मौसमी बीमारियों से भी बचाव होगा। [SP]
(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)