गर्मी के मौसम में पाचन संबंधी समस्याएं, थकान, कमजोरी (fatigue, weakness) और वजन बढ़ने की शिकायत आम हो जाती है। आयुर्वेद के अनुसार, सहजन (मोरिंगा) का सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद साबित होता है। सहजन को ‘चमत्कारी वरदान’ भी कहा जाता है क्योंकि इसके पत्ते, फल और फूल सभी औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं।
नेशनल हेल्थ मिशन (National Health Mission) बताता है कि सहजन (drumstick) में विटामिन ए, बी, सी, कैरोटीन, आयरन, जिंक, पोटैशियम, मैग्नीशियम और फाइबर प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। गर्मियों में यह शरीर को अंदर से ठंडक पहुंचाता है, पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है।
गर्मियों में सहजन के सेवन से एक-दो नहीं कई लाभ मिलते हैं। सहजन में मौजूद फाइबर पेट साफ रखता है, कब्ज, गैस और अपच जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है, भारी खाने से जो पाचन बिगड़ता है, सहजन उसे ठीक करने में मदद करता है। यह वजन नियंत्रण में भी सहायक है। सहजन मेटाबॉलिज्म को तेज करता है, जिससे भोजन जल्दी पचता है और शरीर में अतिरिक्त चर्बी नहीं जमा होती। फाइबर से भरा होने के कारण यह भूख को नियंत्रित रखता है और बार-बार खाने की आदत पर लगाम लगाता है।
गर्मी में शरीर में पानी और हानिकारक पदार्थ (harmful elements) जमा हो जाते हैं। सहजन प्राकृतिक रूप से डिटॉक्स (detox) करता है, सूजन कम करता है और शरीर को हल्का-फुल्का बनाता है। साथ ही, सहजन रक्त में शुगर का स्तर स्थिर रखने में मदद करता है। जो लोग वजन घटाने के साथ डायबिटीज की समस्या से जूझ रहे हैं, उनके लिए यह विशेष रूप से फायदेमंद है। गर्मी में थकान महसूस होना आम है।
सहजन में कैल्शियम और विटामिन सी (calcium & vitamin C) पाया जाता है, जो शरीर में एनर्जी बनाए रखता है और कमजोरी दूर करने में भी मददगार है। गर्मियों में बीमारियां तेजी से फैलती हैं। सहजन एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होने के कारण रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है। गर्मियों में सहजन की सब्जी, पत्तों का साग, सूप या जूस बनाकर रोजाना सेवन कर सकते हैं। पत्तों को सुखाकर पाउडर बनाकर पानी में मिलाकर भी लिया जा सकता है।
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(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)