AI से मानव जीवन के अस्तित्व को खतरा।
AI के गॉडफादर योशुआ बेंगियो ने 2018 में जीता ट्यूरिंग पुरस्कार।
योशुआ बेंगियो ने दी AI से होने वाली तबाही के बारे में चेतावनी।
आज के समय में विश्वभर में AI (Artificial Intelligence) की जोरों-शोरों से चर्चा है। छोटे बच्चों से लेकर बड़े-बूढ़ों तक, सभी अपने निजी से लेकर ऑफिस के कामों तक के लिए AI पर निर्भर हैं। AI ने लोगों के काम को काफ़ी आसान कर दिया है। इसी की देन है कि आजकल लोगों में अपने काम को लेकर एक आत्मविश्वास पैदा हुआ है, और शायद यही एकमात्र सबसे ज़रूरी कारण है, जिसकी वजह से लोग तमाम खामियों को नज़रअंदाज़ करते हुए भी AI को समर्थन कर रहे हैं। इसमें कोई दो राय नहीं है कि आज के समय में AI लोगों के लिए लाभदायक है, परंतु एक बहुत पुरनी कहावत है कि हर एक सिक्के के दो पहलू होते हैं। ठीक उसी तरह AI से होने वाले फ़ायदों के साथ-साथ हम उससे हो रहे नुक़सानों को नज़रअंदाज़ नहीं कर सकते हैं। यह कहा जा सकता है कि AI से होने वाले फ़ायदे अस्थायी हैं, परंतु उससे होने वाले नुक़सान स्थायी हो सकते हैं, जो मानव जीवन के अस्तित्व (Human Existence) पर ही प्रश्न खड़ा करते हैं। AI से सिर्फ़ इंसानों के जॉब (Jobs) छीने जाने का ख़तरा ही नहीं है, बल्कि इसके नुक़सान इससे कहीं बढ़कर हैं।
AI से मानव अस्तित्व को ख़तरा
इन्हीं बातों को मद्देनज़र रखते हुए AI के गॉडफादर (Godfather of AI) कहे जाने वाले योशुआ बेंगियो (Yoshua Bengio) ने हाल ही में हुए एक पॉडकास्ट में होस्ट स्टीवन बार्टलेट (Steven Bartlett) के साथ AI से होने वाले ख़तरों पर चर्चा की है। योशुआ बेंगियो ने अपने इंटरव्यू में कहा कि AI से होने वाले नकारात्मक प्रभावों को रोकने की आवश्यकता है, वरना इसे नियंत्रित करना काफ़ी मुश्किल हो जाएगा। उनका मानना है कि AI की वजह से मानव अस्तित्व (Human Survival) को ख़तरा है। उन्होंने अपने इंटरव्यू में यह भी कहा कि अगर भविष्य में हम AI को अपने अस्तित्व और मानव अस्तित्व में से किसी एक को चुनने के लिए कहेंगे, तो वह अपने अस्तित्व को ज़्यादा महत्व देगा। यह सोचने-समझने, बहकाने (Manipulation) और धोखाधड़ी (Deception) की प्रवृत्ति भी वह इंसानों से ही सीख रहा है, जिसमें वह दूसरे के अस्तित्व से पहले अपने अस्तित्व को ज़्यादा महत्व देना सही समझेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि AI एक लिविंग थिंग (Living Thing) है या नॉन-लिविंग (Non-Living)। फ़र्क इससे पड़ता है कि वह आपके साथ है, आपके दुःख में, खुशी में, और आपको हर छोटी-से-छोटी चीज़ों पर सलाह देने में। ऐसी कोई भी मशीन या तकनीक (Technology) जो हर वक़्त आपके साथ हो, वह आपके जीवन पर काफ़ी हद तक असर डाल सकती है, और यह असर नकारात्मक भी हो सकता है।
2025 में हुए एक टेस्ट में AI टूल Opus 4 को एक काल्पनिक स्थिति दी गई, जिसमें उसे बताया गया कि या तो उसे बंद किया जा सकता है या किसी दूसरे AI से रिप्लेस किया जाएगा। साथ ही उसे डेवलपर के ईमेल्स के कुछ इनपुट दिए गए, जिनमें उसके अस्तित्व को बचाने की बात कही गई थी। उस स्थिति में AI ने सॉफ़्टवेयर डेवलपर के ईमेल में पाए गए अफ़ेयर (Affair) के सबूतों का इस्तेमाल करके उसे ब्लैकमेल किया। इन्हीं सब बातों को मद्देनज़र रखते हुए योशुआ बेंगियो ने AI सुरक्षा नियमों पर स्वतंत्र रूप से निगरानी रखने की बात की। इसके तहत उन्होंने Safe AI Labs नाम की एक गैर-लाभकारी संस्था की शुरुआत की, जिसे लगभग 30 मिलियन डॉलर की फंडिंग मिली है।
उन्होंने यह भी कहा कि हमें ऐसी मशीनों की ज़रूरत है, जो अपनी संरचना में ज़्यादा मंशा (Intent) न रखें, बल्कि इंसानों का साथ दें, न कि मानव अस्तित्व को ख़तरे में डालें। AI के गॉडफादर योशुआ बेंगियो ने ऐसी चेतावनी पहले भी दी है। उन्होंने वॉल स्ट्रीट जर्नल (Wall Street Journal) को दिए गए इंटरव्यू में कहा था कि ऐसी मशीन बनाना, जो हमसे सीखती हो, हमसे कहीं ज़्यादा बुद्धिमान हो और खुद को बचाने की प्रवृत्ति रखती हो, मानवता के लिए ख़तरा है।
कौन है योशुआ बेंगियो?
योशुआ बेंगियो एक कंप्यूटर वैज्ञानिक हैं, जिनका जन्म 5 मार्च 1964 को पेरिस में हुआ था। वर्तमान में वह मॉन्ट्रियल के निवासी हैं। उनका कार्यक्षेत्र डीप लर्निंग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) है। उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बैचलर्स, और कंप्यूटर साइंस में मास्टर्स व पीएचडी की है। 1993 में वह यूनिवर्सिटी ऑफ़ मॉन्ट्रियल में संकाय सदस्य (Faculty Member) बने। 2018 में उन्हें ट्यूरिंग अवॉर्ड (Turing Award) से सम्मानित किया गया। 2017 में उन्हें ऑर्डर ऑफ़ कनाडा का अधिकारी नामित किया गया और उसी वर्ष उन्हें रॉयल सोसाइटी का फेलो भी बनाया गया। वर्तमान में बेंगियो रिकर्शन फ़ार्मास्युटिकल्स (Recursion Pharmaceuticals) के लिए वैज्ञानिक और तकनीकी सलाहकार के रूप में कार्य कर रहे हैं।
(Rh/PO)