एपस्टीन फाइल के सार्वजनिक होने के बाद दुनिया भर में हड़कंप मच गया। इन दस्तावेज़ों में कई प्रभावशाली और ताक़तवर लोगों के नाम सामने आए, जिससे यह उजागर हुआ कि जेफ़री एपस्टीन का नेटवर्क बहुत ऊँचे स्तर तक फैला हुआ था।
वर्जीनिया जिउफ्रे, जो एपस्टीन और घिसलेन मैक्सवेल द्वारा यौन तस्करी की शिकार बताई जाती हैं, ने अपनी आत्मकथा Nobody’s Girl में अपने साथ हुए शारीरिक और मानसिक शोषण का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि किशोरावस्था में उन्हें अमीर और ताक़तवर लोगों के पास भेजा जाता था और उन पर अत्याचार किया जाता था।
फाइलों में डोनाल्ड ट्रंप, बिल क्लिंटन, प्रिंस एंड्रयू और घिसलेन मैक्सवेल जैसे नाम चर्चा में रहे। 2019 में एपस्टीन और 25 अप्रैल 2025 को वर्जीनिया जिउफ्रे की आत्महत्या के बाद यह मामला और गहरा हो गया, जिससे सत्ता, अपराध और न्याय पर गंभीर सवाल खड़े हुए।
एपस्टीन फाइल ने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया है। जुर्म की एक ऐसी दुनिया जिसकी कभी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। परन्तु जब से एपस्टीन फाइल से जुड़ी घटनाएं सामने आई हैं तब से यह फाइल लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। इस फाइल में बड़े-बड़े हस्तियों के नाम जुड़े हैं। इसी बीच एपस्टीन फाइल से जुड़ी एक घटना सामने निकल कर आ रही है। इस घटना ने मनुष्य की मनुष्यता पर बड़ा प्रश्न चिन्ह खड़ा कर दिया है। इस घटना ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। यह घटना एक महिला की है जिसने अपनी कहानी बयां करते हुए बताया कि एक प्रधानमंत्री ने उसके साथ दरिंदगी की सारी हदें पार कर दिया था। महिला ने अपने इस कहानी में अपनी मज़बूरी को बताया है।
दरअसल जेफ़री एपस्टीन (Jeffrey Epstein)मामले से जुड़ी एक अमेरिकन महिला ने अपनी आत्मकथा 'नोबडीज़ गर्ल' (Nobody's Girl) में बताया है कि उनके साथ किस तरीके का क्रूर व्यवहार किया गया था। यह महिला वर्जीनिया जिउफ्रे (Virginia Giuffre) हैं, जो कि मूल रूप से अमेरिका के कैलिफ़ोर्निया राज्य के सैक्रामेंटो की रहने वाली थी। बाद का जीवन इन्होंने ऑस्ट्रेलिया (Australia) में बिताया था। महिला ने अपनी आत्मकथा 'नोबडीज़ गर्ल' (Nobody's Girl) में बताया है कि उनके साथ एक देश के प्रसिद्ध प्रधानमंत्री ने क्रूरता की सारी हदें पार की थीं। वर्जीनिया बताती हैं कि एपस्टीन और उससे जुड़े गिरोह वर्जीनिया जिउफ्रे (Virginia Giuffre) को बार-बार अमीर और ताकतवर लोगों के बीच भेजता था। वहाँ जाने पर उनके साथ शारीरिक और मानसिक शोषण होता था। कई बार उनका गला दबाया जाता था। बहुत विनती करने पर भी कोई दया की भीख नहीं मिलती थी। वर्जीनिया आगे बताती हैं कि जितनी बार थोड़ी भी दया की भीख मांगती थी, उतनी बार वह शख्स पहले से और ज्यादा हिंसक हो जाता था। इस शख्स को वर्जीनिया जिउफ्रे (Virginia Giuffre) अपने आत्मकथा 'नोबडीज़ गर्ल' (Nobody's Girl) के अमेरिकी संस्करण में 'प्रसिद्ध प्रधानमंत्री' कहती हैं।
वर्जीनिया कहती हैं कि जब वह किशोरी थीं तब वह यौन तस्करी का शिकार हो गई थीं। उन्होंने बताया कि उनकी मुलाकात ब्रिटिश सोशलाइट मैक्सवेल से 2000 में हुई थी। उन्होंने कहा है कि उनको मात्र 17 वर्ष की आयु में ही एपस्टीन और मैक्सवेल ने प्रिंस एंड्रयू के पास तस्करी करके पहुंचाया था। वर्जीनिया जिउफ्रे (Virginia Giuffre) वह महिला हैं जो दोषी ठहराए गए यौन अपराधियों एपस्टीन और उनकी पूर्व प्रेमिका घिसलेन मैक्सवेल पर मुखर होकर आरोप लगा चुकी हैं।
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19 दिसंबर 2025 को एपस्टीन (Epstein) फाइल सार्वजनिक की गईं। जब ये फाइल सार्वजनिक हुई, तो इसमें कई मशहूर और ताक़तवर लोगों के नामों का ज़िक्र मिला, जिससे यह तो साफ़ हुआ कि एपस्टीन के संपर्क बहुत ऊँचे स्तर तक थे। इसमें सबसे चर्चित नाम डोनाल्ड ट्रंप और पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन का था। एपस्टीन को ट्रंप काफी पहले से जानते थे और जो फाइल रिलीज हुई उसमे ट्रंप की तस्वीर भी थी। हालांकि, उनकी कोई गलत तस्वीर सामने नहीं आई। इसलिए उनपर सीधा आपराधिक आरोप सामने नहीं आया है।
दूसरी तरफ जो व्यक्ति सबसे ज्यादा चर्चा में रहा उनका नाम बिल क्लिंटन था, जो अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति थे। इस फाइल में उनका एपस्टीन के निजी विमान से यात्रा करने का ज़िक्र मिलता है, साथ ही कई महिलाओं के साथ उनकी तस्वीर भी सामने आई। एक तस्वीर में वो स्विमिंग पुल में नहाते दिखे और आस पास कई महिलाएं भी थी। एक तस्वीर में तो क्लिंटन महिलाओं के कपड़े में नज़र आ रहे थे लेकिन कोई ऐसा अपराध सिद्ध नहीं हुआ, जो उन्हें अदालत के कटघरे में खड़ा करता हो।
इसके साथ ही ब्रिटेन के प्रिंस एंड्रयू की भी तस्वीर दिखी, जिनपर वर्जीनिया जिउफ्रे (Virginia Giuffre) ने सीधे तौर पर उन पर शोषण का आरोप लगाया था। बाद में उन्होंने क़ानूनी समझौता भी किया।
वहीं, इसमें एपस्टीन (Epstein) की सहयोगी गिस्लेन मैक्सवेल की तस्वीर दिखी, जिसे अदालत ने पहले ही 20 साल की सजा सुनाई है। मैक्सवेल पर नाबालिग लड़कियों को फँसाने और शोषण में मदद करने का आरोप था।
संयुक्त राज्य अमेरिका (America) की न्याय विभाग द्वारा 30 जनवरी 2026 को 3 मिलियन से अधिक दस्तावेज़ जारी किए गए। इन दस्तावेज़ों में एक ई-मेल का हवाला दिया गया, जिसमें कथित रूप से मोदी का जिक्र उनके 2017 के इज़राइल दौरे के संदर्भ में आया था। जब से मोदी का नाम एपस्टीन के साथ उजागर हुआ है तब से बवाल मचा हुआ है। हालांकि भारत के विदेश मंत्रालय की तरफ से बयान दिया गया "हमें तथाकथित एपस्टीन फ़ाइलों से एक ईमेल मैसेज की रिपोर्ट मिली है। इसमें प्रधानमंत्री और उनकी इज़रायल यात्रा का ज़िक्र है। जुलाई 2017 में प्रधानमंत्री की इज़रायल की आधिकारिक यात्रा के अलावा ई-मेल में बाकी बातें एक दोषी अपराधी की बेकार की बकवास से ज़्यादा कुछ नहीं हैं, जिन्हें पूरी तरह से नज़रअंदाज़ कर देना चाहिए।"
बता दें कि एपस्टीन (Epstein)ने साल 2019 में जेल में आत्महत्या कर ली, जहां उसे यौन तस्करी के आरोपों में मुकदमे की प्रतीक्षा के लिए रखा गया था। वहीं वर्जीनिया जिउफ्रे (Virginia Giuffre) ने 25 अप्रैल 2025 को आत्महत्या की थी। वर्जीनिया की मौत के पश्चात् उनकी आत्मकथा 'नोबडीज़ गर्ल' (Nobody's Girl) विश्व के पटल पर आई है। जिसमे उन्होंने इन सारी बातों का ज़िक्र किया है।