सीनेट फॉरेन रिलेशंस कमेटी के डेमोक्रेटिक सदस्यों द्वारा जारी एक नए रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की नीतियों ने चीन के साथ रणनीतिक प्रतिद्वंद्विता में अमेरिका को कमजोर कर दिया है। इसके समर्थन में यह तर्क दिया गया है कि व्यापार युद्ध, विदेशी सहायता में कटौती और तनावपूर्ण गठबंधन बीजिंग को वैश्विक प्रभाव बढ़ाने के अवसर प्रदान कर रहे हैं।
वरिष्ठ डेमोक्रेट सदस्य सीनटर जीन शाहीन (Senior Democrat Senator Jeanne Shaheen) और अन्य डेमोक्रेट सांसदों की समिति ने 56 पेज की रिपोर्ट जारी की जिसका शीर्षक है-“द प्राइस ऑफ रिट्रीट 2.0: अंडरमाइनिंग अमेरिकी इकोनामिक एज एंड एलायंस एडवांटेज।”
रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब उम्मीद है कि ट्रंप इस महीने के अंत में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Chinese President Xi Jinping) के साथ वार्ता के लिए बीजिंग यात्रा करेंगे। जीन शाहीन ने कहा, “यह रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि ट्रंप प्रशासन की वैश्विक पीछे हटने की नीतियों के परिणाम, जिनके बारे में हमने पिछले साल चेतावनी दी थी, अब सैद्धांतिक नहीं है। वे हर दिन अमेरिकी परिवारों और व्यवसायों द्वारा महसूस किए जा रहे हैं।”
उन्होंने कहा, “प्रशासन की व्यापार युद्ध नीतियां, नवाचार में कटौती और हमारे गठबंधनों की कमजोरी अमेरिका की स्थिति को चीन के खिलाफ मजबूत नहीं कर रही हैं; वे इसे कमजोर कर रही हैं।” ये नीतियां बीजिंग को वैश्विक प्रभाव बढ़ाने की अनुमति दे रही हैं, जबकि वाशिंगटन को आर्थिक नेतृत्व और साझेदारी को मजबूत करना चाहिए।
उन्होंने कहा, “जैसे ही राष्ट्रपति ट्रंप इस महीने के अंत में राष्ट्रपति शी के साथ अपनी बैठकों में जाते हैं, उनकी अपनी नीतियों ने अमेरिका की चीन के खिलाफ प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त को गंभीर रूप से कम कर दिया है।”
राष्ट्रपति के पास बीजिंग में खेलने के लिए कमजोर स्थिति होगी और कीमत अमेरिकी जनता को चुकानी पड़ेगी। रिपोर्ट के अनुसार, प्रशासन के बदलते हुए टैरिफ ने महत्वपूर्ण आर्थिक लागत डाली है। रिपोर्ट में उल्लेख है कि नवंबर 2025 में छोटे व्यवसायों में 1,20,000 कर्मचारियों की छंटनी हुई, जो पांच साल में सबसे अधिक मासिक संख्या है, जबकि प्रशासन द्वारा लागू “लिबरेशन डे” टैरिफ के बाद से अमेरिकी अर्थव्यवस्था ने शुद्ध 19,000 नौकरियां खो दी हैं।
टैरिफ ने अमेरिकी घरों के लिए लागत बढ़ा दी है और वैश्विक बाजारों को प्रभावित किया है, जबकि चीन के व्यवहार में महत्वपूर्ण बदलाव नहीं आया है। सांसदों ने तकनीकी नीति को लेकर भी चिंता जताई। रिपोर्ट चेतावनी देती है कि चीन (China) को उन्नत सेमीकंडक्टर की बिक्री की अनुमति देना अमेरिका के दीर्घकालिक आर्थिक और तकनीकी लाभ को कमजोर कर सकता है। रिपोर्ट का तर्क है कि आप्रवासन और वीज़ा प्रतिबंधों ने भी प्रमुख क्षेत्रों में श्रमिकों की कमी को बढ़ाया है।
अंतरराष्ट्रीय छात्रों और कुशल श्रमिकों को प्रभावित करने वाली नीतियों ने प्रतिभा को अमेरिका से दूर किया है जबकि चीन ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित में वीज़ा कार्यक्रम और पेशेवर अवसर बढ़ाए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका की कूटनीतिक क्षमता कमजोर हो रही है। वर्तमान में, अमेरिका के आधे से अधिक विदेशी दूतावासों में सीनेट-मान्यता प्राप्त राजदूत नहीं हैं, जबकि प्रशासन ने 2025 में विदेशी सहायता में 14 बिलियन डॉलर से अधिक रद्द कर दिए। इसके विपरीत, चीन ने बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव ( Belt and Road Initiative) के तहत अपने कूटनीतिक पदचिह्न और निवेश बढ़ाए हैं।
सहयोगियों के साथ तनाव ने वाशिंगटन की बीजिंग के प्रति प्रतिक्रियाओं का समन्वय करने की क्षमता को कमजोर कर दिया है। रिपोर्ट में डेनमार्क और जापान सहित साझेदारों के साथ विवादों और ताइवान से संबंधित अमेरिकी प्रतिबद्धताओं के बारे में चिंता का हवाला दिया गया है। यह सांसदों से व्यापार नीति पर कांग्रेस के अधिकार को पुनः स्थापित करने और प्रशासन को एकतरफा टैरिफ लगाने की क्षमता को सीमित करने का आह्वान भी करती है।
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