अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच Ilhan Omarने बयान दिया कि अमेरिका अक्सर रमज़ान के दौरान मुस्लिम देशों पर सैन्य कार्रवाई करता है। उनके बयान से अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बहस तेज हुई।
वे अमेरिकी कांग्रेस में चुनी जाने वाली पहली सोमाली-अमेरिकी हैं और Rashida Tlaib के साथ पहली मुस्लिम महिला सदस्यों में शामिल हैं।
बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरम है।
अमेरिका और ईरान के बीच लगातार तनाव बढ़ता जा रहा है। ऐसा कहा जा रहा है कि अमेरिका ईरान पर हमले की तैयारी कर रहा है। इसी बीच अमेरिका की सीनेटर ने डोनाल्ड ट्रम्प पर एक बयान दिया, जिससे अंतर्राष्ट्रीय राजनीति का माहौल फिर से गरम हो गया है।
दरअसल, पिछले कुछ दिन से अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर जिस तरीके से बयान दिया है ऐसा लग रहा है, अमेरिका, ईरान पर हमले की तैयारी में है। इसी बीच अमेरिका की एक महिला सीनेटर ने कहा है कि जब रमजान का महीना आता है, तब अमेरिका मुस्लिम देशों पर आक्रमण करता है।
उन्होंने आगे कहा कि मुस्लिम देशों पर जानबूझकर रमजान के महीने में हमला किया जाता है, यह हमला इसलिए नहीं किया जाता कि मुस्लिम देश अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करते हैं बल्कि इस वजह से किया जाता है कि मुस्लिम देशों में किसी खास की पूजा की जाती है।
उनका साफ इशारा था कि अमेरिका अंतर्राष्ट्रीय कानून उल्लंघन, आतंकवाद इत्यादि का बहाना बनाकर असल में इस्लाम के मूल्यों पर प्रहार करता है।
जिस महिला सीनेटर ने ट्रंप (Trump) के खिलाफ जाकर यह बयान दिया है उनका नाम इलहन उमर है। इलहन अब्दुल्लाही उमर का जन्म सोमालिया में 4 अक्टूबर 1982 को हुआ था। साल 1991 में सोमालिया गृहयुद्ध संकट के समय इलहन शरणार्थी के रूप में अमेरिका में 1995 में पहुंची। इसके बाद उन्होंने नॉर्थ डकोटा स्टेट यूनिवर्सिटी से राजनीति विज्ञान और अंतर्राष्ट्रीय संबंध विषय में स्नातक की पढ़ाई पूरी की।
इलहन फिलहाल संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रतिनिधि सभा की सदस्या हैं। ये पहली बार ऐसा हुआ है कि कोई हिजाब वाली महिला अमेरिका की सीनेटर बनी है। इलहन के साथ में रशीदा तलाईब भी सदन में हिजाब वाली सीनेटर (मिशिगन से) के तौर पर पहुंची हैं। ये दोनों फिलहाल अमेरिका की डेमोक्रेटिक पार्टी से जुड़ी हैं।
हाल ही में अमेरिकी सीनेटर द्वारा जब ये बयान आया कि अमेरिका मुस्लिम देशों पर रमजान महीने में ही क्यों आक्रमण करता है, तो फिर अतीत में मुस्लिम देशों पर रमजान महीने में हुए हमले की याद फिर से ताज़ा हो गई है।
इलहन उमर ने कहा कि इसके पहले अमेरिका की तरफ से रमजान महीने में ही इराक पर हमला किया जा चुका है। साल 2003 में अमेरिका की तरफ से जब हमले किए गए तो रमजान का महीना था।
बता दें कि इसके अलावा कुछ अन्य हमले जैसे लीबिया (2011), अफगानिस्तान (2001) पर हमले तथा आईएसआईएस (ISIS) के खिलाफ अभियान (2014) जिसे ऑपरेशन इनहेरेंट रिज़ॉल्व (Operation Inherent Resolve) भी कहा जाता है, ये सब रमजान महीने तक जारी रहे।
बता दें कि अमेरिका में 9/11 हमले के बाद, इस्लामोफोबिया अमेरिका सहित वैश्विक राजनीति का अहम मुद्दा बन चुका है। डोनाल्ड ट्रम्प ने इस्लामिक आतंकवाद को लेकर बहुत बार बयान दिया है। अमेरिका का राष्ट्राध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने एक साथ 7 मुस्लिम बहुल देशों के नागरिकों के अमेरिका यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया था।