श्रेया घोषाल ने खोले अपनी गायकी के अनकहे राज IANS
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श्रेया घोषाल ने खोले अपनी गायकी के अनकहे राज

बहुभाषी गायकी की बारीकियों पर बोलीं श्रेया घोषाल, अलग-अलग संस्कृतियों और लोगों से सीखकर गढ़ती हैं हर गीत की अभिव्यक्ति

IANS

हाल ही में अपने ‘ऑल हार्ट्स टूर’ का लाइव एल्बम जारी करने वाली मशहूर प्लेबैक सिंगर श्रेया घोषाल ने बताया कि वह भारत की अलग-अलग भाषाओं में गाते समय बारीकियों को कैसे समझती हैं।

उन्होंने कहा कि उनके लिए सीखने की प्रक्रिया कभी खत्म नहीं होती। वह गाने में आवाज की अभिव्यक्ति और छोटी-छोटी बातों का खास ध्यान रखती हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने कभी किसी ऐसे व्यक्ति से कुछ सीखा है जो संगीत के क्षेत्र से जुड़ा हुआ नहीं है और उसे अपने गाने में इस्तेमाल किया है, तो उन्होंने कहा कि ऐसा अक्सर होता रहता है।

उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि ऐसा लगातार होता रहता है। मैं क्षेत्रीय स्तर पर बहुत काम करती हूं। मैंने शुरुआत से ही क्षेत्रीय भाषाओं में गाना गाया है। इसलिए जब मुझे कोई तमिल गाना या मलयालम गाना गाना होता है, तो जैसे ही पूरी टीम स्टूडियो में आती है, मैं उनकी बॉडी लैंग्वेज, उनके बोलने के लहजे या वे हर शब्द कैसे बोलते हैं, उसका बारीकी से अध्ययन करती हूं। लोगों को देखकर और समझकर मुझे उन भाषाओं के गानों के करीब पहुंचने में मदद मिलती है।"

उन्होंने बताया, "मैं यह सब उन लोगों से सीखती हूं जो वहां मौजूद होते हैं। इसमें टीम से जुड़े सभी लोग शामिल हैं। खासकर उस गाने के रचनाकार और कोई भी ऐसा व्यक्ति जो उस भाषा को जानता हो या उस गाने की कहानी जानता हो। इसलिए मैं लगातार सीखती रहती हूं। मुझे लगता है कि यह सिर्फ़ भाषा तक ही सीमित नहीं है।"

श्रेया ने उदाहरण देते हुए यह बताया कि अगर किसी गाने में लोक संगीत के तत्व होते हैं, तो वह अपने मन में उससे जुड़े उदाहरण याद करती हैं। जैसे अगर गाना गुजराती लोक शैली का है, तो वह सोचती हैं कि अगर उसे उस शैली के प्रसिद्ध गायक गाते, तो कैसे गाते। इसी तरह वह अलग-अलग स्रोतों से प्रेरणा लेती रहती हैं, जो उनके गायन में मदद करता है।

इस बीच, उनका ‘ऑल हार्ट्स टूर’ लाइव एल्बम सोनी म्यूजिक इंडिया के तहत जारी किया गया है।

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(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)