बॉलीवुड अभिनेत्री शरवरी वाघ इन दिनों अपनी आगामी फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' को लेकर चर्चाओं में हैं। इस फिल्म में उन्हें एक ऐसी महिला का किरदार निभाने का मौका मिला, जो उनकी अपनी सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से काफी अलग है, जिसके चलते उन्हें नई भाषा और संस्कृति को समझना पड़ा। अपने इस अनुभव को उन्होंने आईएएनएस संग साझा किया।
आईएएनएस से बात करते हुए शरवरी वाघ ने कहा, ''घर में मैं मराठी भाषा बोलती हूं और मेरी परवरिश पूरी तरह मराठी संस्कृति के बीच हुई है। ऐसे में एक पंजाबी महिला का किरदार निभाना मेरे लिए एक नया और दिलचस्प अनुभव था।''
शरवरी ने कहा, ''भाषाएं हमेशा से मुझे आकर्षित करती रही हैं। मेरा मानना है कि भारत जैसे देश में कलाकारों के लिए सीखने और समझने के अवसर कभी खत्म नहीं होते। यहां इतनी सारी भाषाएं और संस्कृतियां हैं कि हर नया किरदार किसी नई दुनिया का दरवाजा खोल देता है। एक अभिनेता के लिए सिर्फ डायलॉग बोलना ही काफी नहीं होता, बल्कि उस भाषा की भावना, उसके लहजे और उससे जुड़ी संस्कृति को समझना भी जरूरी होता है।''
अभिनेत्री ने कहा, ''भले ही मैं नई भाषाएं सीखने को लेकर उत्साहित रहती हूं, लेकिन मेरी मातृभाषा मराठी आज भी मेरे दिल के सबसे करीब है। जब भी मुझे किसी सीन के लिए भावनात्मक रूप से खुद को तैयार करना होता है या किसी खास एहसास से जुड़ना होता है, तो मैं अक्सर मराठी गाने सुनती हूं। मराठी भाषा के शब्द मेरे दिल को सबसे गहराई से छूते हैं।''
शरवरी ने कहा, "अपनी जड़ों से जुड़ा रहना और साथ ही नई चीजें सीखना, दोनों ही जरूरी हैं। महाराष्ट्र से होने का एक फायदा यह भी मिला कि मुझे दूसरी भाषाओं को समझने और अपनाने में आसानी हुई। भारत की कई भाषाएं एक-दूसरे से किसी न किसी रूप में जुड़ी हुई हैं। यही वजह है कि नई भाषा सीखने की प्रक्रिया मेरे लिए मुश्किल के बजाय आनंददायक रही।"
फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' भारत के विभाजन की पृष्ठभूमि में बुनी गई एक प्रेम कहानी है। फिल्म में शरवरी के अलावा दिलजीत दोसांझ और नसीरुद्दीन शाह जैसे दिग्गज कलाकार भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे।
इस फिल्म का निर्माण बिरला स्टूडियो, अप्लॉज एंटरटेनमेंट, मोहित चौधरी और शिबाशीष सरकार की विंडो सीट फिल्म्स ने मिलकर किया है। यह फिल्म 12 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)