बजट पेश होने के बाद गरमाया राजनीतिक माहौल।  https://www.youtube.com/@rahulgandhi, CC BY 3.0, via Wikimedia Commons
Union Budget 2026

बजट पेश होने के बाद गरमाया राजनीतिक माहौल, जानें पीएम मोदी से लेकर राहुल गाँधी तक, किसने क्या कहा

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) ने मामले पर किसी भी प्रकार की बयानबाजी से परहेज करते हुए सदन की अगली कार्यवाही में बोलने की बात कही। वही अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने कहा है कि यह बजट केवल 5 प्रतिशत लोगों के लिए है।

Author : Preeti Ojha
  • बजट 2026 पेश होते ही राजनीतिक माहौल गरमा गया, जहां सरकार ने इसे विकास और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने वाला बताया, वहीं विपक्ष ने इसे आम जनता से दूर करार दिया।

  • पीएम मोदी और कई केंद्रीय मंत्रियों ने बजट को ऐतिहासिक और विकसित भारत की दिशा में बड़ा कदम बताया, जबकि विपक्षी नेताओं ने इसे चुनिंदा वर्ग के हित वाला बजट कहा।

  • बजट में स्वास्थ्य, केयर सेक्टर, MSME और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर के साथ कुछ वस्तुएं सस्ती और कुछ महंगी हुईं, जिससे आम आदमी की जेब पर मिला-जुला असर पड़ेगा।

1 फरवरी 2026 को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) द्वारा उनके कार्यकाल का 9वां बजट पेश किया गया । केंद्र सरकार ने बजट 2026 में सामाजिक विकास और स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए कई योजनाओं की घोषणा की है। इस बार बजट में खास ध्यान केयर सेवाओं (Care Services), दिव्यांगजनों की सहायता (Support for Persons with Disabilities), मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) और आपात चिकित्सा सुविधाओं(Emergency Medical Services - EMS) पर दिया गया है। सरकार ने कहा कि उनका लक्ष्य है कि सेवाएं जमीनी स्तर तक मजबूत रूप में पहुंचें। बजट पेश हो चुका है लेकिन अब इसपर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी है। ऐसे में आइये जानते हैं किसने क्या कहा है? 

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने बजट 2026 के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) को बधाई दी। उन्होंने कहा, "ये बजट वर्तमान के सपनों को साकार करता है। ये बजट ऐतिहासिक है। आज भारत रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार है।" 

पीएम मोदी ने आगे कहा, '' बजट से भारत ग्लोबल पोजिशन मजबूत होगी। भारत तीसरी बड़ी इकोनॉमी बनने जा रहा है। बजट से देश को गति मिलेगी। इससे आत्मनिर्भर भारत को नई रफ्तार मिलेगी।

बजट 2026 पेश होने के बाद हुई प्रेस कॉन्फ़्रेंस में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस बजट का मुख्य फोकस स्वास्थ्य सेवाओं, केयर सेक्टर और सामाजिक सुरक्षा ढांचे को जमीनी स्तर तक मजबूत करना है। उन्होंने बताया कि दुर्लभ बीमारियों की कई दवाओं और मेडिकल उपकरणों पर इंपोर्ट ड्यूटी में छूट दी गई है ताकि इलाज सस्ता हो सके। सरकार ने रिकॉर्ड स्तर का पूंजीगत व्यय (Capex) रखने पर भी जोर दिया है, जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। टैक्स और टैरिफ में किए गए बदलावों को उन्होंने आम लोगों और छोटे निवेशकों के हित में बताया और कहा कि बजट का लक्ष्य समावेशी और दीर्घकालिक आर्थिक विकास सुनिश्चित करना है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) कहा, "बजट 2026-27 के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी जी ने सिद्ध किया है कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत केवल एक नारा नहीं, बल्कि हमारी सरकार का संकल्प है। इस बजट में न सिर्फ हर क्षेत्र, हर वर्ग और हर नागरिक को सशक्त बनाने का एक स्पष्ट ब्लूप्रिंट है, बल्कि उसे प्रोत्साहन देने का एक जमीनी विजन भी है, जो उसे हर कदम पर मदद करेगा। विकसित भारत बजट एक ऐसे भारत के निर्माण का विजन है, जो विश्व में हर क्षेत्र में अग्रणी हो।"

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को कहा कि बजट में एमएसएमई क्षेत्र के लिए 10,000 करोड़ रुपए का प्रावधान हरियाणा के लिए लाभकारी सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में खारी और जलभराव वाली भूमि के सुधार के लिए केंद्र सरकार द्वारा दी जाने वाली सहायता राज्य के किसानों के लिए वरदान साबित होगी।

विपक्ष की ओर से प्रतिक्रिया 

लोकसभा में विपक्ष की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी (समाजवादी पार्टी) के नेता अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने कहा है कि यह बजट केवल 5 प्रतिशत लोगों के लिए है। उन्होंने कहा कि इस बजट में ग्रामीण और गरीब लोगों के लिए कोई जगह नहीं है।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) ने मामले पर किसी भी प्रकार की बयानबाजी से परहेज करते हुए सदन की अगली कार्यवाही में बोलने की बात कही।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने Union Budget 2026-27 पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बजट में पश्चिम बंगाल के लिए कुछ भी नहीं है और यह बजट महिला-विरोधी, किसान-विरोधी और शिक्षा-विरोधी है। उन्होंने इसे “दिशाहीन (Visionless)” भी बताया और कहा कि इसमें आम आदमी के लिए कोई बड़ा लाभ नहीं दिखाई देता।

बिहार से भी आई प्रतिक्रिया 

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा, "बजट इस दृष्टिकोण से है कि 2030 में हम संसार की तीसरी अर्थव्यवस्था बनना चाहते हैं और 2047 में संसार का अग्रिम विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में हैं। उसमें एमएसएमई का योगदान बहुत है।"

वहीं, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को लोकसभा में पेश केंद्रीय बजट को सकारात्मक और स्वागत योग्य बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का यह बजट विकसित भारत बनाने के लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए पेश किया गया है। यह बजट प्रगतिशील और भविष्योन्मुखी है। 

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि इस बजट के माध्यम से केंद्र सरकार की ओर से देश के विकास की गति को बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।

नीतीश कुमार ने सोशल नेटवर्किंग साइट एक्स पर केंद्रीय बजट पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए लिखा, "इस बार केंद्रीय बजट में देश में 7 हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा की गई है। इसमें वाराणसी-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनने से बिहार को भी काफी फायदा होगा। साथ ही बजट में देश भर में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग बनाने की घोषणा की गई है। इसके तहत पटना और वाराणसी में जहाज मरम्मत की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। जलमार्ग के विस्तार से बिहार के भी कई शहरों को फायदा मिलेगा तथा राज्य के उत्पादों के निर्यात की सुविधा बढ़ेगी और व्यापारिक एवं व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ेंगी।"

उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट में देश भर में बड़े टेक्सटाइल पार्क और महात्मा गांधी स्वरोजगार योजना की घोषणा की गई है।

बजट से आम आदमी को फायदा या नुकसान? 

ये तो बजट पर प्रतिक्रियाएं थी। ऐसे में आइये जानते हैं कि इस वजट से आम आदमी को फायदा हो रहा है या नुकसान। तो चलिए समझते हैं कि इस बजट से आपकी जेब पर कितना असर पड़ेगा। 

बजट में  से ऐसी कई चीजें है जो अब आम आदमी के लिए और महंगी हो गयी है उसमे विदेशी शराब, तंबाकू उत्पाद और सिगरेट, शेयर बाजार में निवेश और आयातित लग्जरी वस्तुएं शामिल है, वही कुछ चीजों पर आम आदमियों को राहत मिली है। जो चीज़े अब सस्ती हो जाएंगी, उसमे मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स, दवाइयां, जूते और कपड़े, इलेक्ट्रिक वाहन (EV), खेल के सामान पर असर, सोलर और सीएनजी और विमान यात्रा शामिल हैं।

(PO)