

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 (West Bengal Assembly Election 2026) के दूसरे चरण (29 April 2026) की शुरुआत हो चुकी है। लेकिन बंगाल में चुनाव और विवादों का रिश्ता जैसे अब आम बात बन चुका है। यहां मतदान हो और सब कुछ पूरी तरह शांतिपूर्ण रहे, ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है। इस बार भी दूसरे चरण की शुरुआत से ही कई इलाकों से EVM खराब होने, मतदान में देरी, बूथों पर हंगामा और राजनीतिक झड़पों की खबरें सामने आने लगीं। कहीं मशीनें बार-बार फेल हुईं, तो कहीं BJP और TMC कार्यकर्ताओं के बीच टकराव देखने को मिला। कुछ जगहों पर पोलिंग एजेंटों के साथ मारपीट और उम्मीदवारों पर हमले के आरोप भी लगे, जिससे चुनावी माहौल और तनावपूर्ण हो गया। लोकतंत्र के इस अहम दिन पर जहां मतदाताओं को अपने अधिकार का प्रयोग करना चाहिए, वहीं हिंसा और अव्यवस्था की ये घटनाएं चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। आखिर 29 अप्रैल को दूसरे चरण के मतदान के दौरान किन-किन इलाकों में क्या हुआ, आइए विस्तार से जानते हैं।
29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण का विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Election 2026) हो रहा है। इसी बीच सुबह से बंगाल के कई इलाकों में EVM में गड़बड़ी की शिकायतें सामने आईं, जिससे मतदान प्रक्रिया प्रभावित हुई और कई जगह तनाव का माहौल बन गया। हावड़ा के बाली (Bally) क्षेत्र में मतदाताओं ने आरोप लगाया कि EVM सही तरीके से काम नहीं कर रही थी, जिसके कारण मतदान शुरू होने में देरी हुई।
इसको लेकर बूथ के बाहर हंगामा बढ़ गया और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए CRPF को हस्तक्षेप करना पड़ा। इस दौरान 2 लोगों को हिरासत में भी लिया गया। वहीं बारानगर में भी EVM तीन बार फेल होने की शिकायत सामने आई। स्थानीय लोगों का कहना था कि मशीन बार-बार खराब हो रही थी, जिससे वोटिंग समय पर शुरू नहीं हो सकी और बूथ के बाहर लंबी कतारें लग गईं। हावड़ा के कुछ अन्य बूथों पर भी सुबह 8:30 बजे के बाद ही मतदान शुरू हो पाया, क्योंकि मशीनें लगातार तकनीकी समस्या दे रही थीं। इन घटनाओं ने चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए।
29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Election 2026) के दूसरे चरण के मतदान के दौरान कई इलाकों में BJP और TMC कार्यकर्ताओं के बीच तनाव और टकराव देखने को मिला। हुगली के खानाकुल क्षेत्र में दोनों दलों के पोलिंग एजेंटों (TMC And BJP) और समर्थकों के बीच तीखी झड़प हो गई। आरोप-प्रत्यारोप के बीच माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि CRPF को तुरंत हस्तक्षेप करना पड़ा। सुरक्षा बलों ने स्थिति को नियंत्रित किया, जिसके बाद मतदान दोबारा शांतिपूर्ण तरीके से शुरू कराया गया। दक्षिण 24 परगना के फलता (Falta) क्षेत्र में BJP ने एक और गंभीर आरोप लगाया कि EVM पर उनके चुनाव चिन्ह ‘कमल’ के सामने टेप लगा दिया गया था, जिससे मतदाता भ्रमित हो रहे थे। इस मामले पर राज्य के CEO ने कहा कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित बूथ पर री-पोल कराया जा सकता है।
29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 (West Bengal Assembly Election 2026) के दूसरे चरण के मतदान के दौरान नदिया जिले के चापड़ा (Chapra) विधानसभा क्षेत्र में बड़ा विवाद सामने आया। BJP ने आरोप लगाया कि उनके पोलिंग एजेंट मोशारफ मीर (Mosharef Mir) पर सुबह करीब 5:30 बजे बूथ नंबर 52/53 के पास हमला किया गया। BJP उम्मीदवार सैकत सरकार (Saikat Sarkar) के अनुसार, मॉक पोल शुरू होने के तुरंत बाद TMC समर्थकों ने उनके एजेंट को बूथ पर बैठने से रोका और फिर हमला कर दिया। आरोप है कि 15–16 लोगों का एक समूह वहां पहुंचा, जिनमें कुछ लोगों के पास लोहे की रॉड और हथियार भी थे।
घायल पोलिंग एजेंट ने बताया कि हमलावरों ने पहले उन्हें घेरा, फिर एक व्यक्ति ने लोहे की रॉड से उनके सिर पर वार किया, जिससे उनका माथा फट गया और वे जमीन पर गिर पड़े। गंभीर चोट लगने के बाद उन्हें तुरंत स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। BJP ने इसे चुनाव के दौरान डराने-धमकाने की साजिश बताया, जबकि TMC ने इन आरोपों से इनकार किया। इस घटना के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। यह मामला दूसरे चरण के चुनाव की सबसे चर्चित हिंसक घटनाओं में से एक बन गया।
29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Election 2026) के दूसरे चरण के मतदान के दौरान दक्षिण 24 परगना में राजनीतिक तनाव काफी बढ़ गया। यहां BJP ने आरोप लगाया कि उनके एक उम्मीदवार पर चुनाव के बीच हमला किया गया, जिससे इलाके में डर और असुरक्षा का माहौल बन गया। पार्टी का कहना था कि मतदान को प्रभावित करने और दबाव बनाने की कोशिश की गई। इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठे। वहीं दूसरी ओर TMC ने भी पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि उनके एक कार्यकर्ता पर हमला किया गया और कुछ बूथों पर BJP समर्थकों ने मतदाताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं पर दबाव बनाने की कोशिश की। दोनों दलों ने एक-दूसरे पर हिंसा और डराने-धमकाने के आरोप लगाए, जिससे चुनावी माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया। प्रशासन और केंद्रीय बलों को कई जगह हालात संभालने के लिए सक्रिय होना पड़ा, ताकि मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से जारी रह सके।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 (West Bengal Assembly Election 2026) के अंतिम चरण के मतदान के दौरान BJP उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि भवानीपुर के एक मतदान केंद्र के दौरे के समय TMC समर्थकों ने उन्हें घेर लिया और उन पर हमला करने की कोशिश की। यह घटना उस समय हुई जब वे बूथ का निरीक्षण करने पहुंचे थे। यह सीट इसलिए भी खास रही क्योंकि यहां उनका सीधा मुकाबला मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) से है। मतदान के दौरान भवानीपुर इलाके में TMC समर्थकों ने सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ “Joy Bangla” के नारे लगाए, जिससे स्थिति अचानक गर्मा गई। समर्थकों की भारी भीड़ और नारेबाजी के बीच पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया। इस घटना ने चुनावी माहौल को और अधिक गरमा दिया। हालांकि यह सीधा शारीरिक हमला नहीं था, लेकिन राजनीतिक रूप से इसे सुवेंदु अधिकारी को घेरने और दबाव बनाने की कोशिश माना गया। इस हाई-प्रोफाइल सीट पर पूरे राज्य की नजर बनी हुई है।