पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले ईडी ने पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी के आवास पर छापा मारा

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी के घर पर छापा मारा। यह कार्रवाई दक्षिण कोलकाता के नाकतला स्थित उनके आवास पर की गई।
पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले ईडी ने पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी के आवास पर छापा मारा
पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले ईडी ने पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी के आवास पर छापा माराIANS
Published on

West Bengal elections 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी (Parth Chatterjee) के घर पर छापा मारा। यह कार्रवाई दक्षिण कोलकाता के नाकतला स्थित उनके आवास पर की गई।

शनिवार सुबह भारी केंद्रीय बलों के साथ ईडी की टीम नाकतला पहुंची। माना जा रहा है कि स्कूल शिक्षक भर्ती घोटाले के मामले में चुनाव से पहले उनसे दोबारा पूछताछ की जा सकती है। जमानत मिलने के बाद ईडी ने उन्हें कई बार पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन आरोप है कि वह हर बार बीमारी का हवाला देकर पेश होने से बचते रहे।

सूत्रों के मुताबिक, इसी वजह से इस बार ईडी की टीम खुद उनके घर पहुंची है ताकि सीधे उनसे पूछताछ की जा सके। बताया जा रहा है कि पार्थ चटर्जी ने ईडी से पहले ही कहा था कि वह बीमार हैं और जरूरत पड़ने पर वीडियो कॉल के जरिए या घर पर ही पूछताछ की जा सकती है।

इसी बीच, ईडी की एक अन्य टीम ने न्यू टाउन में प्रसन्ना रॉय (Prasanna Roy) के दफ्तर पर भी छापा मारा। प्रसन्ना रॉय इस भर्ती घोटाले में 'मिडलमैन' के रूप में आरोपी हैं। शनिवार सुबह करीब 11 बजे ईडी की टीम उनके ऑफिस पहुंची।

पार्थ चटर्जी को जुलाई 2022 में इस बहुचर्चित एसएससी शिक्षक भर्ती घोटाले में कथित भूमिका के चलते गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के दिन ईडी ने उनकी करीबी अर्पिता मुखर्जी के घर से करीब 20 करोड़ रुपए बरामद किए थे। अर्पिता मुखर्जी को भी इसी मामले में गिरफ्तार किया गया था, हालांकि उन्हें 2024 में जमानत मिल गई थी।

सितंबर 2025 में कलकत्ता हाईकोर्ट ने पार्थ चटर्जी को जमानत दे दी थी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के कारण उनकी रिहाई तुरंत नहीं हो पाई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ट्रायल कोर्ट द्वारा गवाहों की जांच पूरी होने के बाद ही उन्हें रिहा किया जाए। इसके बाद 11 नवंबर को उन्हें न्यायिक हिरासत से रिहा किया गया।

वहीं, इस मामले में राज्य मंत्री और टीएमसी नेता सुजीत बोस के बेटे समुद्र बोस भी ईडी के सामने पेश हुए। उन्होंने साल्ट लेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स में पूछताछ के लिए हाजिरी दी। भर्ती घोटाले को लेकर ईडी की कार्रवाई लगातार जारी है और चुनाव से पहले इस मामले ने राजनीतिक हलकों में हलचल तेज कर दी है।

[VT]

यह भी पढ़ें:

पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले ईडी ने पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी के आवास पर छापा मारा
बेहाला पश्चिम विवाद: एफआईआर के बाद टीएमसी प्रत्‍याशी रत्ना चटर्जी ने आरोपों को बताया झूठा

(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)

Related Stories

No stories found.
logo
www.newsgram.in