JNU में छात्रसंघ और वाइस चांसलर हुए आमने-सामने, वीसी द्वारा दलित विरोधी बयान देने पर छात्रों ने मांगा इस्तीफा !

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) की वाइस चांसलर शांतिश्री धूलिपुड़ी पंडित ने एक साक्षात्कार में अमेरिका में शोषित काले लोगों की तुलना भारत के दलितों से किया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार अमेरिका में काले लोग विक्टिम कार्ड खेलते हैं, उसी तरह भारत में भी दलित विक्टिम कार्ड खेलते हैं।
एक तरफ शांतिश्री धूलिपुड़ी पंडित और दूसरी  तरफ आंदोलन करते छात्र
26 फरवरी 2026 की शाम JNUSU ने जमकर नारेबाजी करते हुए शिक्षा मंत्रालय तक मार्च निकालने की कोशिश की। वाइस चांसलर के खिलाफ जमकर बयानबाजी की।NewsGram
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Summary
  • 26 फरवरी 2026 की शाम छात्रों ने नारेबाजी की और शिक्षा मंत्रालय तक मार्च की कोशिश की, जिसके बाद कुछ छात्रों को पुलिस ने हिरासत में लिया।

  • Jawaharlal Nehru University Students' Union (JNUSU) ने VC से सार्वजनिक माफी और इस्तीफे की मांग की।छात्रों का आरोप है कि बयान से दलित समुदाय की भावनाएँ आहत हुईं और परिसर का माहौल खराब हुआ।

  • छात्रों ने वीसी पर माहौल बिगाड़ने और नीतिगत फैसलों को लेकर भी नाराजगी जताई।

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के छात्रों ने 26 फरवरी 2026 की शाम जमकर नारेबाजी करते हुए शिक्षा मंत्रालय तक मार्च निकालने की कोशिश की। बाद में छात्रों को पुलिस प्रशासन ने हिरासत में ले लिया। प्रशासन की सख्ती के आगे छात्रों ने अपने नारों से विरोध के स्वर जारी रखे और वाइस चांसलर के खिलाफ जमकर बयानबाजी की।

क्या है पूरा मामला 

दरअसल, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) की वाइस चांसलर शांतिश्री धूलिपुड़ी पंडित ने एक साक्षात्कार में अमरीका में शोषित काले लोगों की तुलना भारत के दलितों से किया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार अमेरिका में काले लोग विक्टिम कार्ड खेलते हैं उसी तरह भारत में भी दलित विक्टिम कार्ड खेलते हैं। उनके इस बयान के बाद छात्रों में आक्रोश दिखाई दिया। इसके पहले भी छात्र समाज की तरफ से वाइस चांसलर को लेकर बहुत सारे मुद्दों पर नाराजगी जाहिर की जा चुकी है।

नीतीश कुमार और दानिश अलि
JNUSU की संयुक्त सचिव दानिश अलि ने न्यूज़ग्राम से बातचीत में कहा कि वाइस चांसलर जातिवादी मानसिकता वाली महिला है।JNUSU के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष, नीतीश कुमार (पी एच डी छात्र) ने न्यूज़ग्राम से बातचीत में कहा कि रोहित ऐक्ट की मांग काफी समय से की जा रही है। वाइस चांसलर ने देश के दलितों के खिलाफ बयान देकर अपने जातिवादी संघी मानसिकता का परिचय दिया है। NewsGram

छात्रों की क्या है मांग

JNU छात्रसंघ ने पैदल मार्च करते हुए बताया कि वाइस चांसलर (VC) ने जिस तरीके से बयान दिया है, उनको देश के दलितों से माफी मांगनी चाहिए। अगर वाइस चांसलर ऐसा नहीं करती है तो फिर छात्रसंघ का आक्रोश बढ़ता चला जाएगा और आगे हम वीसी (VC) से इस्तीफे की मांग करते हैं।

वर्तमान संयुक्त सचिव दानिश अलि ने वाइस चांसलर को जमकर लताड़ा 

JNUSU की संयुक्त सचिव दानिश अलि ने न्यूज़ग्राम से बातचीत में कहा कि वाइस चांसलर जातिवादी मानसिकता वाली महिला है। वाइस चांसलर के आने के बाद जे एन यू में भ्रष्टाचार बढ़ गया है। वाइस चांसलर संघी मानसिकता वाली वाइस चांसलर है। देश के दलितों के खिलाफ उन्होंने बयान दिया है। इससे उनके मानसिक संतुलन का अंदाजा लगाया जा सकता है कि वाइस चांसलर कितनी कुंठित मानसिकता वाली औरत है। JNUSU की नवनिर्वाचित संयुक्त सचिव ने आगे कहा कि छात्रों की मांग है कि वाइस चांसलर पहले तो माफी मांगे और फिर इस्तीफा दे। 

नीतीश कुमार (पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष JNUSU)

JNUSU के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष, नीतीश कुमार (पीएचडी छात्र) ने न्यूज़ग्राम से बातचीत में कहा कि रोहित ऐक्ट की मांग काफी समय से की जा रही है। वाइस चांसलर ने देश के दलितों के खिलाफ बयान देकर अपने जातिवादी संघी मानसिकता का परिचय दिया है। विश्वविद्यालय में माहौल को जानबूझकर खराब करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आगे कहा कि यह मार्च पूरी तरीके से वाइस चांसलर के खिलाफ है। वाइस चांसलर जब तक माफी नहीं मांगती है और इस्तीफा नहीं देती हैं, तब तक उनके खिलाफ विरोध जारी रहेगा। 

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निगम, JNU की छात्रा
निगम नाम की छात्रा ने कहा, जब से वाइस चांसलर JNU आईं हैं, लगातार उन्होंने छात्रों के खिलाफ निर्णय लिया है।NewsGram

कुछ अन्य छात्रों से बातचीत

वहीं जे एन यू परिसर के कुछ अन्य छात्रों ने भी वाइस चांसलर के खिलाफ बयान दिए। न्यूज़ग्राम से बातचीत करते हुए निगम नाम की छात्रा (परास्नातक छात्रा) ने वाइस चांसलर को लेकर बोला कि पूरे परिसर का माहौल जानबूझकर खराब करने की कोशिश की जा रही है। जब से वाइस चांसलर  जे एन यू (JNU) आईं हैं लगातार उन्होंने छात्रों के खिलाफ निर्णय लिया है। निगम के साथ उनके साथी आदित्य ने कहा कि पिछले कई वर्षों से लगातार जे एन यू का माहौल जानबूझकर खराब करने की कोशिश की जा रही है इसी क्रम में वर्तमान वाइस चांसलर अपना योगदान दे रहीं हैं। 

छात्रों ने विश्वविद्यालय में प्रवेश की प्रक्रिया को लेकर भी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि सी यू ई टी के तहत जबसे प्रवेश शुरू हुआ है वंचित समाज के बच्चे जे एन यू (JNU) तक नहीं पहुँच पा रहे हैं क्योंकि बड़े-बड़े कोचिंग संस्थानों में महंगी फीस देकर गरीब छात्र सी यू ई टी की तैयारी नहीं कर सकता है। 

बता दें कि छात्रों के इस आक्रोशित मार्च ने जब शिक्षा मंत्रालय की तरफ रुख किया तो प्रशासन ने गेट को बंद कर दिया। बहुत सारे छात्रों की गिरफ़्तारी भी हुई। 

एक तरफ शांतिश्री धूलिपुड़ी पंडित और दूसरी  तरफ आंदोलन करते छात्र
JNU वीसी के बयान से सियासी भूचाल, “दलित भी खेलते हैं विक्टिम कार्ड?”

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