जसबीर सिंह...वो IPS अधिकारी जिसने योगी आदित्यनाथ पर की NSA लगाने की सिफारिश, तो कर दिया गया सस्पेंड

महाराजगंज में धारा 144 लगे होने के बावजूद योगी आदित्यनाथ ने हिन्दू युवा वाहिनी के समर्थकों के साथ एक रैली निकलते हुए भड़काऊ भाषण दिया था।
महाराजगंज में धारा 144 लगे होने के बावजूद योगी आदित्यनाथ ने हिन्दू युवा वाहिनी के समर्थकों के साथ एक रैली निकलते हुए भड़काऊ भाषण दिया था। जसबीर सिंह ने सरकार से मांग किया कि ऐसे लोगों को एनएसए के तहत गिरफ्तार करना चाहिए।
महाराजगंज में धारा 144 लगे होने के बावजूद योगी आदित्यनाथ ने हिन्दू युवा वाहिनी के समर्थकों के साथ एक रैली निकलते हुए भड़काऊ भाषण दिया था। जसबीर सिंह ने सरकार से मांग किया कि ऐसे लोगों को एनएसए के तहत गिरफ्तार करना चाहिए। X and ai generated
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बुलडोजर एक्शन सूबे की सियासत का अभिन्न हिस्सा है। सरकार की तरफ से यह कहा जाता है कि माफियाओं पर शिकंजा कसने के लिए यह काम किया जाता है। कभी योगी आदित्यनाथ के खिलाफ भी मुकदमे दायर थे। आईपीएस जसबीर सिंह ने योगी आदित्यनाथ के खिलाफ एनएसए लगाने की मांग कर दिया था। 

क्या है पूरी कहानी ?

यह घटना साल 2002 की है जब उत्तर प्रदेश में भाजपा-बसपा गठबंधन की सरकार थी। गोरखपुर के सांसद योगी आदित्यनाथ उस समय एक विवादित नेता के तौर पर पहचाने जाते थे। जसबीर सिंह महाराजगंज जिले के एसपी थे। सिद्धार्थनगर जिले में पचपेड़वा में एक मस्जिद के पास से जुलूस निकल रहा था। जुलूस को लेकर उठे विवाद ने धार्मिक तनाव पैदा कर दिया था। सामाजिक तनाव को देखते हुए महाराजगंज में भी धारा 144 लागू किया गया था। हिन्दू युवा वाहिनी का गठन इसी साल योगी आदित्यनाथ ने किया था। धारा 144 लगे होने के बावजूद उन्होंने वहाँ पर हिन्दू युवा वाहिनी के समर्थकों के साथ एक रैली निकलते हुए भड़काऊ भाषण दिया था।

एसपी जसबीर सिंह का कहना था कि इससे सामाजिक ध्रुवीकरण की संभावना को और बल मिलने लगा। इसके बाद जसबीर सिंह ने सरकार से मांग किया कि ऐसे लोगों को एनएसए के तहत गिरफ्तार करना चाहिए। उस समय अटल बिहारी वाजपेयी भारत के प्रधानमंत्री थे और मायावती यूपी की मुख्यमंत्री थी। दोनों दलों बसपा और भाजपा का गठबंधन था, सरकार ने जसबीर सिंह की मांग को इनकार कर दिया और उनका तत्काल स्थानांतरण दसरे जिले में करा दिया गया।

साल 2017 में भाजपा की सरकार उत्तर प्रदेश में बनने पर योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने और एक विधेयक लाया गया। इसके तहत लगभग 20 हजार मुकदमों को वापस लेने की घोषणा की गई और इसी के तहत योगी आदित्यनाथ के ऊपर लगे मुकदमे भी वापस हो गए। 

जसबीर सिंह कई सालों से हैं सस्पेंड !

जसबीर सिंह को 14 फरवरी 2019 को सस्पेंड कर दिया गया। सस्पेंड करने का कारण यह बताया गया है कि बिना नोटिस दिए अपने पद पर समय से तैनात नहीं मिले। इसके बाद से उनको अभी तक उनके पद पर बहाल नहीं किया गया। सरकार का कहना है कि बिना अनुमति के उन्होंने एक निजी चैनल में बहुत सारे ऐसे बयान दिए जिससे गोपनीयता का उल्लंघन हुआ। इसके बारे में जब उनसे नोटिस जारी करके पूछा गया तो बिना कारण बताए अनुपस्थित दिखे। 

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राजा भैया के किले पर पड़ा छापा और निकले नर कंकाल !

जसबीर सिंह का मामला केवल योगी आदित्यनाथ तक सीमित नहीं था। उन्होंने उत्तर प्रदेश में रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के नाम से मशहूर बाहुबली नेता के बाहुबल को चुनौती दे डाली थी। जनवरी 2003 में जसबीर सिंह ने राजा भैया के कुंडा स्थित बेंती किले पर रणनीति के तहत छापेमारी की।

इस छापेमारी में बहुत सारे राज खुलकर सामने आए थे। जसबीर सिंह के इस छापेमारी में राजा भैया के घर से एके-47 राइफल, बहुत सारे विदेशी हथियार और अधिक मात्रा में कारतूस बरामद किए गए।

यहीं से इस कहानी का खुलासा होता है कि राजा भैया ने अपने घर पर तालाब में मगरमच्छ रखा है। जसबीर सिंह का कहना था कि इस तालाब में बहुत सारे लोगों को मारकर फेंका गया। इस तालाब से बहुत सारे नर कंकाल निकलकर सामने आए थे। यह खबर जैसे ही सूबे में फैली लोगों के होश उड़ गए थे। आतंकवाद निरोधक कानून (POTA) के तहत रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया सहित उनके पिताजी को गिरफ्तार कर लिया गया। 

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महाराजगंज में धारा 144 लगे होने के बावजूद योगी आदित्यनाथ ने हिन्दू युवा वाहिनी के समर्थकों के साथ एक रैली निकलते हुए भड़काऊ भाषण दिया था। जसबीर सिंह ने सरकार से मांग किया कि ऐसे लोगों को एनएसए के तहत गिरफ्तार करना चाहिए।
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