पहले बद्रीनाथ को बदरुद्दीन बनाने की साजिश, अब देव भूमि जोशीमठ बन रहा नमाज का गढ़, कांग्रेस नेता के इशारे पर हुआ खेल!

उत्तराखंड के जोशीमठ में नगरपालिका भवन में नमाज पढ़ने से बवाल मचा हुआ है। उत्तराखंड के चमोली जिले के इस मामले ने पूरे सूबे की सियासत में फिर से खलबली मचा दी है।
बद्रीनाथ का मंदिर
उत्तराखंड के जोशीमठ में नगरपालिका भवन में नमाज पढ़ने से बवाल मचा हुआ है। उत्तराखंड के चमोली जिले के इस मामले ने पूरे सूबे की सियासत में फिर से खलबली मचा दी है। X
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Summary
  • ज्योतिर्मठ (जोशीमठ) में नगर पालिका द्वारा बनाए जा रहे टी-टी हॉल में नमाज़ पढ़े जाने की खबर से विवाद भड़का।

  • हिंदू संगठनों ने विरोध किया और आरोप लगाया कि यह अनुमति कांग्रेस की मेयर के निर्देश पर दी गई, जबकि प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

  • राजनीतिक माहौल गरम: 2027 विधानसभा चुनावों से पहले प्रदेश का सियासी पारा चढ़ा हुआ है। भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रही हैं।

उत्तराखंड के जोशीमठ में नमाज पढ़ने से बवाल मचा हुआ है। देवभूमि कही जाने वाली उत्तराखंड में कुछ दिन पहले ही एक मुस्लिम यूनिवर्सिटी के बनाने के मुद्दे को भाजपा ने उछाला था और लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींचा था। अब उत्तराखंड में नया बवाल मच गया है। उत्तराखंड के चमोली जिले के इस मामले ने पूरे सूबे की सियासत में फिर से खलबली मचा दी है।  

क्या है पूरा ममला 

दरअसल, उत्तराखंड में ज्योतिर्मठ में कुछ दिन से निर्माण कार्य चल रहा है। वहाँ की नगरपालिका मेयर देवेश्वरी शाह के निर्देशन पर खिलाड़ियों के खेलने हेतु एक टीटी हॉल बनाया जा रहा है। यही टीटी हॉल अब राजनीतिक विवाद का कारण बन गया है। निर्माणाधीन हॉल में ही मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा नमाज पढ़ने की खबर तेजी से वायरल हो रही है।

जब यह बात हिन्दू संगठनों को पता चला तो उन्होंने इस बात का जमकर विरोध करना शुरू कर दिया है। उनका आरोप है कि वहाँ पर नमाज पढ़ने की अनुमति काँग्रेस की मेयर देवेश्वरी शाह के आदेश पर हुआ है। इस मामले की वजह से सियासी पारा ऊपर चढ़ गया है। इधर दिल्ली में काँग्रेस के यूथ विंग ने एआई सम्मिट (AI Summit) में नरेंद्र मोदी का  विरोध किया था, विरोध करने के तरीके को लेकर भाजपा, काँग्रेस पर हमलावर  है।  

बता दें कि हाल ही में यहाँ पर हिन्दू समुदाय (Hindu Community) द्वारा कलश यात्रा निकाला गया था। कुछ लोगों का कहना है कि मुस्लिम समुदाय द्वारा यहाँ पर नमाज पढ़ना प्रतिक्रिया स्वरूप है। मामले को चमोली जिले की प्रशासन ने गंभीरता से संज्ञान में लिया है। प्रशासन ने कहा है कि इस मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी। स्थानीय हिन्दू संगठनों के द्वारा इस मामले की शकायत स्थानीय पुलिस प्रशासन से की गई है। 

ज्योतिर्मठ के उपजिलाधिकारी चंद्रशेखर ने कहा है कि इस मामले की जांच गंभीरता से की जाएगी। किसी भी प्रकार से नगर क्षेत्र सहित आसपास के इलाकों में गहन जांच किया जाएगा। बिना सत्यापन के अगर कोई बाहरी आदमी पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

बदरुद्दीन ने लिखी थी बदरीनाथ की आरती  

बता दें कि बद्रीनाथ में आरती होती है। यह आरती काफी प्रसिद्ध आरती है। इस आरती के बोल कुछ इस तरीके से हैं “पवन मंद सुगंध शीतल हेम मंदिर शोभितम, निकट गंगा बहति निर्मल श्री बदरीनाथ विश्वंबरम।” मीडिया रेपोर्ट्स के मुताबिक इस आरती को एक मुस्लिम शख्स ने लिखा था। उनका नाम उस समय फकरुद्दीन हुआ करता था। लेकिन उनकी आस्था बद्रीनाथ में थी। अपना नाम उन्होंने बाद में बदरुद्दीन कर लिया था। बदरुद्दीन बाद में बद्रीनाथ मंदिर समिति के सदस्य भी रहे।

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उत्तराखंड का सियासी पारा दिनोंदिन चढ़ रहा ऊपर 

दरअसल, उत्तराखंड (Uttrakhand) में साल 2027 में विधानसभा चुनाव है। इसलिए उत्तराखंड के हर मामले को राजनीतिक गतिविधि के नजरिए से ही देखा जा रहा है। भाजपा सहित अन्य राजनीतिक हिन्दू संगठनों ने काँग्रेस पर आरोप लगाया है कि काँग्रेस के स्थानीय नेताओं और मेयर के आदेश पर ऐसी घटना हुई है।

वहीं अंकित भण्डारी रेप मामले पर काँग्रेस (Congress) ने भाजपा को कटघरे में खड़ा करने में बिल्कुल देरी नहीं की है। दोनों दल एक दूसरे पर चुनाव तक राजनीतिक हमले के मूड में है। 2022 के विधानसभा चुनाव में ध्रुवीकरण का मामला दिखाई दिया था।

इस बार (2027) भी चुनाव में ध्रुवीकरण करने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए राजनीतिक संगठनों द्वारा हर संभव कोशिश की जा रही है कि हर हाल में जनता को अपने पक्ष में करना है, जिसकी तैयारी अभी से चल रही है। कोई भी दल किसी को भी रियायत देने की के मूड में नहीं है।    

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