

गर्मी की छुट्टियों में अगर आप हिमाचल और उत्तराखंड (Himachal And Uttarakhand) की भीड़भाड़ से दूर किसी शांत, ठंडी और खूबसूरत जगह की तलाश कर रहे हैं, तो इस बार रुख कीजिए सिक्किम का। बादलों से ढके पहाड़, बर्फ से जमी चोटियाँ, झीलों का नीला पानी और हरियाली से भरी वादियाँ यहाँ आने वाले हर पर्यटक का दिल जीत लेती हैं। खास बात ये है कि जून जैसी गर्मियों में भी सिक्किम की कई जगहों पर आपको ठंडी हवाओं के साथ बर्फ का मजा मिल जाता है। यहाँ का शांत माहौल, कम भीड़ और प्राकृतिक सुंदरता आपकी ट्रिप को यादगार बना देती है। अगर आप इस गर्मी “बर्फीला सुकून” महसूस करना चाहते हैं, तो सिक्किम की ये 4 जगहें आपकी ट्रैवल लिस्ट में जरूर होनी चाहिए।
उत्तर सिक्किम (Sikkim) में बसा लाचुंग एक बेहद खूबसूरत पहाड़ी गांव है, जिसे “सिक्किम का स्विट्जरलैंड” (“Switzerland of Sikkim”) भी कहा जाता है। जून के महीने में भी यहाँ का मौसम काफी ठंडा रहता है और आसपास की पहाड़ियों पर बर्फ देखने को मिल जाती है। लाचुंग से सबसे खास जगह है युमथांग वैली, जिसे “वैली ऑफ फ्लॉवर्स” (“Valley of Flowers”) कहा जाता है। यहाँ बर्फीले पहाड़, रंग-बिरंगे फूल और गर्म पानी के झरने पर्यटकों को बेहद आकर्षित करते हैं। इसके अलावा जीरो पॉइंट भी काफी मशहूर है, जहाँ साल के ज्यादातर समय बर्फ जमी रहती है। यहाँ पहुंचने के लिए पहले आपको ट्रेन या फ्लाइट से न्यू जलपाईगुड़ी या बागडोगरा आना होगा। वहां से गंगटोक और फिर करीब 6-7 घंटे की सड़क यात्रा करके लाचुंग पहुंचा जा सकता है। रास्ते में झरने और पहाड़ों के नजारे सफर को और भी शानदार बना देते हैं।
भारत-चीन सीमा पर स्थित नाथुला पास सिक्किम (Nathula Pass, Sikkim) की सबसे लोकप्रिय और रोमांचक जगहों में से एक है। करीब 14,000 फीट की ऊंचाई पर मौजूद यह जगह जून में भी ठंडी हवाओं और बर्फ के लिए जानी जाती है। यहाँ से दिखने वाले बर्फीले पहाड़ और बादलों से ढकी सड़कें किसी फिल्मी दृश्य से कम नहीं लगतीं। नाथुला पास के पास मौजूद त्सोमगो झील भी बेहद खूबसूरत है, जहाँ याक की सवारी का मजा लिया जा सकता है। बाबा हरभजन सिंह मंदिर भी यहाँ आने वाले पर्यटकों के लिए खास आकर्षण है। नाथुला जाने के लिए परमिट लेना जरूरी होता है, जो गंगटोक से आसानी से बन जाता है। गंगटोक से करीब 2-3 घंटे की सड़क यात्रा करके यहाँ पहुंचा जा सकता है। रास्ते में घुमावदार सड़कें और बर्फीले पहाड़ सफर को यादगार बना देते हैं।
अगर आप शांत माहौल, खूबसूरत वादियाँ और कंचनजंगा के शानदार नजारों का आनंद लेना चाहते हैं, तो पेलिंग (Pelling) आपके लिए परफेक्ट जगह है। पश्चिम सिक्किम में स्थित यह हिल स्टेशन अपनी प्राकृतिक सुंदरता और एडवेंचर एक्टिविटीज के लिए मशहूर है। यहाँ का सबसे बड़ा आकर्षण है पेलिंग स्काईवॉक, जहाँ से कंचनजंगा की बर्फीली चोटियाँ बेहद करीब नजर आती हैं। इसके अलावा खेचेओपलरी झील, रबदंत्से खंडहर और पेमा यांग्त्से मठ भी घूमने लायक जगहें हैं। जून में यहाँ का मौसम काफी सुहावना और ठंडा रहता है। पेलिंग पहुंचने के लिए पहले गंगटोक या न्यू जलपाईगुड़ी (New Jalpaiguri) आना पड़ता है, फिर सड़क मार्ग से करीब 5-6 घंटे में यहाँ पहुंचा जा सकता है। यहाँ की शांत वादियाँ और ठंडी हवाएँ आपको शहर की भागदौड़ से पूरी तरह दूर कर देती हैं।
सिक्किम की सबसे अद्भुत जगहों में से एक गुरुडोंगमार झील (Gurudongmar Lake) अपनी बर्फीली सुंदरता के लिए दुनियाभर में मशहूर है। करीब 17,800 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह झील भारत की सबसे ऊंची झीलों में गिनी जाती है। चारों तरफ बर्फ से ढके पहाड़ और बीच में नीले रंग का शांत पानी इस जगह को किसी जन्नत जैसा बना देता है। जून के महीने में भी यहाँ का तापमान काफी कम रहता है और कई जगहों पर बर्फ देखने को मिलती है। माना जाता है कि इस झील का धार्मिक महत्व भी काफी खास है। गुरुडोंगमार पहुंचने के लिए लाचेन से परमिट लेकर जाना पड़ता है। गंगटोक से लाचेन और फिर वहाँ से सड़क मार्ग द्वारा इस झील तक पहुंचा जाता है। ऊंचाई ज्यादा होने की वजह से यहाँ यात्रा करते समय गर्म कपड़े और जरूरी दवाइयाँ साथ रखना बेहद जरूरी होता है। [SP]