आखिर क्यों एपस्टीन फाइल से गायब हुआ नरेंद्र मोदी और हरदीप सिंह पुरी का नाम? यहाँ समझें पूरा सच

14 फरवरी 2026 को अमेरिका के अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी (Pam Bondi) ने पत्र जारी करके कहा कि एपस्टीन फाइल से जुड़े सारे दस्तावेजों को सार्वजनिक किया जा चुका है। उनके साथ अमेरिका के उप अटॉर्नी जनरल (US Deputy Attorney General) (न्याय विभाग) टॉड वालेस ब्लैंच भी थे।
नरेंद्र मोदी और हरदीप सिंह पुरी
एपस्टीन फाइल से गायब हुआ नरेंद्र मोदी और हरदीप सिंह पुरी का नामX
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Summary
  • एपस्टीन फाइल के सार्वजनिक होने के बाद दुनिया भर में सनसनी फैल गई। 14 फ़रवरी को अमेरिकी अटॉर्नी जनरल Pam Bondi और उप अटॉर्नी जनरल Todd Blanche ने स्पष्ट किया कि सभी उपलब्ध दस्तावेज़ जारी कर दिए गए हैं और केवल नाम आने से किसी व्यक्ति को अपराधी नहीं ठहराया जा सकता।

  • फ़ाइलों में Donald Trump, Bill Clinton, Hillary Clinton, Barack Obama, Michelle Obama, Woody Allen, Prince Harry, Mark Zuckerberg, Elon Musk, Kamala Harris जैसे नामों का उल्लेख हुआ। वहीं, पहले चर्चा में रहे Narendra Modi, अनिल अंबानी और हरदीप सिंह पुरी के नाम अंतिम सूची में नहीं पाए गए।

  • भारत में विपक्ष ने प्रधानमंत्री पर दबाव में फैसले लेने के आरोप लगाए, जबकि अमेरिका में डेमोक्रेटिक सांसद Ro Khanna समेत विपक्षी नेताओं ने कहा कि सभी प्रभावशाली लोगों के नाम बिना राजनीतिक दबाव के पूरी ईमानदारी से सार्वजनिक होने चाहिए। उनका कहना है कि सच्चाई छिपाने से नहीं, बल्कि पारदर्शिता से ही न्याय संभव है।

एपस्टीन फाइल प्रकाश में आने के पश्चात पूरी दुनिया के सामने एक काले कारनामे का  पर्दाफाश हुआ। बड़ी-बड़ी हस्तियों के नाम इस फ़ाइल में आ चुके थे। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से लेकर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम पिछले दिनों एपस्टीन फाइल से जोड़कर खूब हल्ला मचा हुआ था। 

14 फरवरी 2026 को अमेरिका के अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी (Pam Bondi) ने पत्र जारी करके कहा कि एपस्टीन फाइल से जुड़े सारे दस्तावेजों को सार्वजनिक किया जा चुका है। उनके साथ अमेरिका के उप अटॉर्नी जनरल (US Deputy Attorney General) (न्याय विभाग) टॉड वालेस ब्लैंच भी थे।

एपस्टीन फाइल (Epstien files) में बहुत सारे नामों की  चर्चा है। उनका कहना है कि सिर्फ नाम का जिक्र होने से किसी को अपराधी नहीं समझा जा सकता है। अटॉर्नी जनरल ने बताया कि एपस्टीन फाइल में  बहुत सारे प्रभावशाली लोगों के नाम आए हैं। परंतु इनका संबंध किसी आपराधिक घटना से था, इस सबूत का अभाव है।

बता दें कि इस फाइल  में नामचीन हस्तियों के नाम थे जैसे डोनाल्ड ट्रम्प, बिल क्लिंटन,हिलेरी क्लिंटन, बराक ओबामा, मिशेल ओबामा,वुडी एलन प्रिंस हैरी मार्क ज़ुकरबर्ग, एलन मस्क, कमला हैरिस इत्यादि नाम आए थे। हालाँकि, हैरानी की बात यह है कि जिस नाम को लेकर सबसे ज्यादा हो हल्ला मचा था, वही इसमे से गायब है और वो नाम नरेंद्र मोदी, हरदीप सिंह पुरी और अनिल अंबानी का है ।

एपस्टीन  फाइल की  अंतिम  सूची
अमेरिका के अटर्नी जनरल द्वारा एपस्टीन फाइल की अंतिम सूची में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अनिल अंबानी और हरदीप सिंह पूरी का नाम नहीं है।X

क्यों मोदी-हरदीप सिंह पुरी का नाम है गायब? 

अमेरिका के अटर्नी जनरल द्वारा जारी नामों कि अंतिम सूची में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अनिल अंबानी और हरदीप सिंह पुरी का नाम नहीं है। तात्पर्य यह है कि अमेरिका ने आधिकारिक तौर पर यह बताने का प्रयास किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अनिल अंबानी  और हरदीप सिंह पुरी का नाम उन लोगों की सूची में नहीं है, जो एपस्टीन के साथ यौन अपराध में सम्मिलित थे। हालांकि भारत में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने नरेंद्र मोदी (Narendra modi) पर दबाव में रहने का आरोप लगाया था।

राहुल गांधी ने कहा था कि नरेंद्र मोदी का नाम एपस्टीन फाइल में आया है। उन्होंने भविष्य की तरफ इशारा करते हुए कहा था कि अभी एपस्टीन फाइल में बहुत कुछ बाकी है। राहुल गांधी ने कहा था, कि नरेंद्र मोदी किसी न किसी दबाव में डोनाल्ड ट्रम्प के साथ व्यापार समझौता कर रहे हैं। 

बता दें कि डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) ने कुछ दिन पहले ही भारत के साथ व्यापार समझौता पर हस्ताक्षर किया था। भारत के विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया था कि देश के प्रधानमंत्री ने अपनी इज्जत बचाने के लिए देश के किसानों का सस्ते में ट्रम्प के साथ सौदा कर दिया। 

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अमेरिकी विपक्ष का सत्तपक्ष पर हमला 

वहीं, अमेरिका के विपक्षी दल के नेताओं ने आरोप लगाया है कि न्याय विभाग की तरफ से जो नाम जारी करने की बात कही गई है वह अधूरी बात है। न्यायपूर्ण तरीके से सभी के नामों को सही तरीके से सार्वजनिक करना चाहिए। उनका आरोप है कि फाइल को सार्वजनिक करने में बहुत सारे नियमों कानूनों को दरकिनार करने कि कोशिश की गई है।

अमेरिका में डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता रोहित खन्ना (Ro Khanna) ने इस बाबत सरकार पर आरोप लगते हुए कहा कि सभी प्रभावशाली लोगों के नामों को ईमानदारी पूर्वक जारी किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिना किसी राजनीतिक दबाव के सभी नामों को जारी किया जाना चाहिए। न्याय तभी हो सकता है जब सच्चाई को छुपाने के बजाय जनता के समक्ष असली लोगों के असली चेहरों को लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रभावशाली लोगों को बचाने के लिए नियमों कानूनों का दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए। 

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