अब अमेरिका बनेगा मुस्लिम राष्ट्र ! डोनाल्ड ट्रंप के पार्टी के नेता ने बताया हैरान करने वाला सच

साल 2016 में ट्रम्प ने अपने चुनावी अभियान में यह बयान दिया था कि अमेरिका में मुस्लिमों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। अमेरिका के मुस्लिम शरिया कानून के आधार पर शासन की मांग कर रहे हैं।
डोनाल्ड ट्रम्प काला कोट पहने हुए और मुस्लिम नमाज पढ़ते हुए ।
साल 2016 में ट्रम्प ने अपने चुनावी अभियान में यह बयान दिया था कि अमेरिका में मुस्लिमों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। अमेरिका के मुस्लिम शरिया कानून के आधार पर शासन की मांग कर रहे हैं। wikimedia commons
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Summary
  • अमेरिका में मुस्लिमों और ट्रम्प नीतियाँ: ट्रम्प के चुनावी अभियान और कार्यकाल में मुस्लिम देशों के नागरिकों पर यात्रा प्रतिबंध लगाए गए; अमेरिका में मुस्लिमों के शरिया कानून और मुस्लिम राष्ट्र बनाने जैसी मांगों को लेकर रिपोर्टों में विवादित आंकड़े सामने आए हैं।

  • ब्रैंडन गिल और हेरिटेज फाउंडेशन रिपोर्ट: युवा रिपब्लिकन नेता ब्रैंडन गिल ने 2024 में हेरिटेज फाउंडेशन की रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि अमेरिका में कुछ मुस्लिम शरिया कानून, नई पार्टी, और इजरायल में यहूदियों के अधिकारों के खिलाफ हैं।

  • हंटिंगटन की ‘Clash of Civilizations’ थ्योरी: सैमुअल पी. हंटिंगटन के अनुसार, भविष्य के वैश्विक संघर्ष राजनीतिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान पर आधारित होंगे; उन्होंने इस्लाम और पश्चिमी लोकतांत्रिक देशों के बीच संभावित टकराव पर विशेष जोर दिया।

अमेरिका, लिखित संविधान वाला विश्व का पहला लोकतांत्रिक देश है। अमेरिका में  जब से ट्रम्प की सरकार बनी है, लगातार वैश्विक राजनीति में उथल-पुथल मची हुई है। ट्रम्प के फैसले वैश्विक राजनीति को प्रभावित कर रहे हैं। साल 2016 में ट्रम्प ने अपने चुनावी अभियान में यह बयान दिया था, कि अमेरिका में मुस्लिमों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाए जाएंगे। ट्रम्प के चुनावी अभियान पर काफी असर भी दिखा। 

ट्रम्प चुनाव जीतने में सफल रहे। साल 2017 में ट्रम्प ने एकाएक 7 मुस्लिम बहुल देशों के नागरिकों की यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया था। अब खबर निकलकर आ रही है कि अमेरिका के मुस्लिम शरिया कानून के आधार पर शासन की मांग कर रहे हैं। 

एक सर्वे में अमेरिका के मुसलमानों ने इजरायल में यहूदियों के अस्तित्व को खत्म करने की मांग का समर्थन किया है।

किस रिपोर्ट में मुसलमान अमेरिका में शरिया की मांग कर रहे हैं? 

दरअसल, अमेरिका (America) में रिपब्लिकन पार्टी कि तरफ से एक युवा नेता, ब्रैंडन गिल ने बताया है कि 39 प्रतिशत मुसलमान अमेरिका में शरिया कानून लागू करने के समर्थन में हैं। उन्होंने आगे कहा कि 46 प्रतिशत मुसलमान अमेरिका में एक नई पार्टी बनाने के समर्थन में है। मुसलमानों के बारे में उन्होंने आगे कहा कि 33 प्रतिशत मुसलमान अमेरिका को एक मुस्लिम राष्ट्र घोषित करंने के समर्थन में हैं। गिल ने आगे बताया कि अमेरिका के मुसलमानों  में 43 प्रतिशत मुसलमान ऐसे हैं जो इजरायल पर यहूदियों के अधिकार के खिलाफ हैं। उन्होंने ये सारी बातें एक रिपोर्ट के आधार पर बताई । यह रिपोर्ट हेरिटेज फाउंडेशन कि तरफ से तैयार किया गया है। यह रिपोर्ट साल 2024 के अक्टूबर महीने में प्रकाशित की गई थी।  

कौन हैं  ब्रैंडन गिल 

ब्रैंडन गिल अमेरिका के एक युवा नेता हैं। साल 1994 में जन्मे गिल ने डार्टमाउथ कॉलेज से इतिहास विषय में पढ़ाई की है। गिल डोनाल्ड ट्रम्प ( Donald Trump) की पार्टी, रिपब्लिकन पार्टी से जुड़े हैं। साल 2024 के चुनाव में उन्होंने अमेरिका के चुनाव में सफलता हासिल की।  फिलहाल वो संयुक्त राज्य अमेरिका के हाउस ऑफ़ रिप्रेजेंटेटिव्स (निचला सदन) में टेक्सास से सदस्य हैं। गिल पहले भी बहुत सारे मामले में मुसलमानों के खिलाफ बयान दे चुके हैं। उनका मानना है कि इस्लाम अमेरिका की संस्कृति के अनुकूल नहीं है।  

अमेरिका में पिछले कुछ समय से रिपब्लिकन पार्टी के नेता लगातार इस्लाम पर कुछ न कुछ बयान देते रहे हैं। अमेरिका में 9/11 हमले के  बाद से लगातार इस्लाम पर अतिवादी होने के आरोप लगते रहे हैं। इस्लाम को लेकर अमेरिका के नेताओं ने समय-समय पर चुनावी माहौल को गरम  भी किया है। 

9/11 हमले के बाद से अमेरिका में इसलामोफोबिया राष्ट्रीय सुरक्षा में एक अहम मुद्दा बन गया है।

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पहले से कुछ विद्वानों ने दिया है संकेत

बता दें कि आइडेंटिटी कान्फ्लिक्ट (Identity Conflict) राजनीतिशास्त्र में एक अहम विषय है। इस पर समय-समय पर अनुसंधान होते रहते हैं। शीत युद्ध की समाप्ति पर फ्रांसिस फुकुयम के एंड ऑफ हिस्ट्री (The End of History and the Last Man-1992) के जवाब में सैमुअल पी. हंटिंगटन (Samuel P. Huntington)  ने "The Clash of Civilizations” (1996)  की थ्योरी (Theory) में, भविष्य के वैश्विक राजनीति कि तरफ इशारा किया है। यह आइडेंटिटी कान्फ्लिक्ट (Identity Conflict) पर आधारित एक सिद्धांत है, जिसके माध्यम से सैमुअल पी. हंटिंगटन ने यह बताया कि भविष्य में वैश्विक टकराव राजनीतिक न होकर, सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान पर आधारित होंगे।

इसमे सैमुअल पी. हंटिंगटन (Samuel P. Huntington) ने बताया कि इस्लाम का टकराव पश्चिमी दुनिया से होना तय है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी देशों के लोकतंत्र,स्वतंत्रता में और इस्लाम के परंपरागत धार्मिक मूल्यों में बहुत अंतर है, जिसके कारण इनका आपस में टकराव हो सकता है।     

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