IAS रिंकू सिंह राही का बड़ा दावा- मेरे खिलाफ रची जा रही गहरी साजिश

आईएएस रिंकू सिंह राही, शनिवार को स्वतंत्रता दिवस समारोह में दिए गए संबोधन के बाद लगातार खबरों की सुर्खियों में हैं। रिंकू सिंह राही का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह अपने संबोधन में क्रांतिकारी भगत सिंह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करते नज़र आए। इसको लेकर उन्होंने दावा किया कि यह वायरल वीडियो फेक है और उनके खिलाफ बड़ी साजिश रची जा रही है। आइये जानते हैं क्या है पूरा माजरा?
यह तस्वीर में भगत सिंह और आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही हैं
IAS रिंकू सिंह राही का बड़ा दावा- मेरे खिलाफ रची जा रही गहरी साजिशx
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आईएएस रिंकू सिंह राही, शनिवार को स्वतंत्रता दिवस समारोह में दिए गए संबोधन के बाद लगातार खबरों की सुर्खियों में हैं। रिंकू सिंह राही का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह अपने संबोधन में क्रांतिकारी भगत सिंह (Bhagat singh) के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करते नज़र आए। इसको लेकर उन्होंने दावा किया कि यह वायरल वीडियो फेक है और उनके खिलाफ बड़ी साजिश रची जा रही है। आइये जानते हैं क्या है पूरा माजरा?

क्या है पूरा मामला?

उत्तर प्रदेश के जालौन में स्वतंत्रता दिवस समारोह पर आईएएस रिंकू सिंह राही(Rinku singh Rahi) ध्वजारोहण करने पहुँचे, जहां उन्होंने ध्वजारोहण के बाद लोगों को संबोधित किया। जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। उसने सोशल मीडिया पर एक नई बहस को जन्म दे दिया है। उस वीडियो में रिंकू सिंह राही ने अपने भाषण में कहा- लोग देश की आजादी का महोत्सव मना रहे हैं, लेकिन जब देश ब्रिटिश शासन का गुलाम था उस दौरान भारत के लोगों ने ही किसानों पर जुल्म किए। और वही जिन भगत सिंह (Bhagat singh) को लोग क्रांतिकारी कहते हैं, वही भगत सिंह अपने घर के सबसे बेकार बच्चे थे।

इस वायरल वीडियो पर रिंकू सिंह राही (Rinku singh Rahi) ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए स्पष्ट किया कि इस वायरल वीडियो में AI द्वारा छेड़-छाड़ की गई है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने संबोधन में ऐसी किसी भी भाषा का प्रयोग नहीं किया। चाहे आप लोग असली वीडियो उठा कर देख सकते हैं, और उन्होंने आगे कहा - उनके खिलाफ षड्यंत्र रचा गया है, इसके साथ उन्होंने आरोप लगाया कि यह काम प्रशासन के भीतर किसी आदमी का ही है। रिंकू सिंह राही ने अपर जिलाधिकारी को पत्र भेजकर सूचित किया, उस स्पष्टीकरण नोटिस में उन्होंने सारे आरोपों का खंडन करते हुए इसे उनके खिलाफ सोची-समझी साजिश का नाम दिया।

दोषियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग

रिंकू सिंह (Rinku singh Rahi) ने बताया कि उन्होंने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कोतवाली उरई में अनुरोध पत्र भेजा। लेकिन उनकी अपील को नज़रअंदाज़ किया गया। और अब उन्होंने डीएम से अपील की कि इस मामले पर निष्पक्ष कार्रवाई का आदेश जारी किया जाए। जिससे सभागार की सीसीटीवी और वीडियो रिकॉर्डिंग का पूरा सच देश के सामने उजागर हो सके और वास्तविक दोषियों का सच सामने आ सके।

रिंकू सिंह ने की राज्य ट्रांसफर की मांग

इस मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। अब रिंकू सिंह (Rinku singh Rahi) ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X (पूर्व ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा किया। जिसमें उन्होंने लिखा कि वह उत्तर प्रदेश की नौकरशाही के लिए अनुकूल नहीं हैं। और साथ ही उन्होंने अपने राज्य/कैडर ट्रांसफर की अपील की। और उत्तर प्रदेश (Uttarpradesh) के प्रशासन पर कई गंभीर सवाल भी उठाए।(VR/MK)

देखें उनका पोस्ट-

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