जामा मस्जिद से कनॉट प्लेस तक...अगर आप नॉन-वेज के शौकीन हैं, तो दिल्ली के इन 4 लेजेंड्री फूड स्पॉट्स पर जाना न भूलें!

दिल्ली की खास बात यह है कि यहाँ हर दुकान के पीछे एक कहानी छिपी है किसी ने छोटे से ठेले से शुरुआत की थी, तो किसी ने अपने खानदानी स्वाद को पीढ़ियों तक संभाल कर रखा।
 दिल्ली वाला नॉन-वेज (Non- Veg Food In Delhi) टेस्ट
दिल्ली वाला नॉन-वेज (Non- Veg Food In Delhi) टेस्ट Pixabay
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दिल्ली सिर्फ अपनी ऐतिहासिक इमारतों और बाजारों के लिए ही नहीं, बल्कि अपने दमदार स्ट्रीट फूड और नॉन-वेज खाने के लिए भी पूरे देश में मशहूर है। पुरानी दिल्ली की गलियों से लेकर कनॉट प्लेस की चमचमाती सड़कों तक, यहाँ ऐसे कई फूड स्पॉट्स हैं जहाँ सालों पुरानी रेसिपी आज भी लोगों को दीवाना बना रही है। कहीं कोयले पर सिकते कबाब की खुशबू लोगों को खींच लाती है, तो कहीं मक्खन में डूबे चिकन की एक प्लेट खाने के बाद लोग उंगलियाँ चाटते रह जाते हैं। दिल्ली की खास बात यह है कि यहाँ हर दुकान के पीछे एक कहानी छिपी है किसी ने छोटे से ठेले से शुरुआत की थी, तो किसी ने अपने खानदानी स्वाद को पीढ़ियों तक संभाल कर रखा। अगर आप भी असली दिल्ली वाला नॉन-वेज (Non- Veg Food In Delhi) टेस्ट चखना चाहते हैं, तो जामा मस्जिद से लेकर कनॉट प्लेस तक मौजूद ये 4 लेजेंड्री फूड स्पॉट्स आपकी फूड लिस्ट में जरूर होने चाहिए। यहाँ का स्वाद सिर्फ पेट नहीं, दिल भी भर देता है।

करीम्स (Karim's)

करीम्स (Karim's)
करीम्स (Karim's) Pixabay

करीम्स (Karim's) का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में मुगलई खाने की खुशबू घूमने लगती है। इस मशहूर रेस्टोरेंट की शुरुआत साल 1913 में हाजी करीमुद्दीन ने की थी। कहा जाता है कि उनके परिवार के लोग मुगल बादशाहों के लिए खाना बनाया करते थे। मुगल सल्तनत खत्म होने के बाद उन्होंने आम लोगों तक वही शाही स्वाद पहुँचाने का फैसला किया और जामा मस्जिद के पास छोटी सी दुकान खोल दी। आज यहाँ का मटन कोरमा, चिकन जहांगीरी और सीक कबाब सबसे ज्यादा पसंद किए जाते हैं। एक प्लेट कबाब लगभग 250 से 350 रुपये तक मिल जाती है। जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन (Jama Masjid Metro Station) से उतरकर आप पैदल ही यहाँ पहुँच सकते हैं। दुकान के बाहर हमेशा लंबी लाइन लगी रहती है, लेकिन लोग कहते हैं कि “करीम्स का स्वाद इंतजार करवाने लायक है।” कई ग्राहक मजाक में कहते हैं कि यहाँ का निहारी खाकर ऐसा लगता है जैसे पुरानी दिल्ली की पूरी कहानी प्लेट में परोस दी गई हो।

अल जवाहर (Al Jawahar)

अल जवाहर (Al Jawahar)
अल जवाहर (Al Jawahar) Pixabay

अल जवाहर (Al Jawahar) पुरानी दिल्ली का एक और ऐसा नाम है, जो नॉन-वेज प्रेमियों के दिल पर राज करता है। इस रेस्टोरेंट की शुरुआत आजादी के बाद 1947 के आसपास हुई थी। कहा जाता है कि भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू (Jawahar Lal Nehru) यहाँ आए थे, जिसके बाद इसका नाम “अल जवाहर” (Al Jawahar) रखा गया। यहाँ का चिकन चंगेजी, मटन स्टू और बटर चिकन लोगों को बेहद पसंद आता है। कीमत की बात करें तो 300 से 500 रुपये के बीच भरपेट शानदार खाना मिल जाता है। यहाँ पहुँचने के लिए जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन सबसे आसान रास्ता है। अल जवाहर की खासियत इसका मसालेदार लेकिन बैलेंस्ड स्वाद है। यहाँ आने वाले ग्राहक कहते हैं कि “अगर पुरानी दिल्ली का असली नॉन-वेज टेस्ट समझना है, तो अल जवाहर जरूर आओ।” रात के समय यहाँ की रौनक देखने लायक होती है, जब तंदूर की गर्म खुशबू पूरी गली में फैल जाती है।

असलम चिकन (Aslam Chicken)

असलम (Aslam Chicken)
असलम (Aslam Chicken) Pixabay

अगर आप बटर चिकन के दीवाने हैं, तो असलम चिकन आपके लिए किसी जन्नत से कम नहीं। इस दुकान की शुरुआत मोहम्मद असलम (Aslam Chicken) ने करीब 1990 के दशक में की थी। शुरुआत में यह एक छोटा सा स्टॉल था, लेकिन अपने यूनिक बटर चिकन की वजह से यह जगह आज सोशल मीडिया से लेकर फूड ब्लॉग्स तक हर जगह छाई रहती है। यहाँ का चिकन मक्खन, दही और खास मसालों में डूबा हुआ मिलता है, जिसका स्वाद बाकी जगहों से बिल्कुल अलग होता है। हाफ प्लेट की कीमत लगभग 220 रुपये से शुरू हो जाती है। जामा मस्जिद के गेट नंबर 1 से पैदल चलते हुए आप कुछ ही मिनटों में यहाँ पहुँच सकते हैं। ग्राहकों का कहना है कि “असलम का चिकन इतना बटर्री होता है कि पहली बाइट के बाद डाइट भूल जाते हैं।” शाम के समय यहाँ इतनी भीड़ होती है कि सीट मिलना भी किसी जीत से कम नहीं लगता।

काके दा होटल (Kake Da Hotel)

कनॉट प्लेस (Connaught Place)
कनॉट प्लेस (Connaught Place) Pixabay

कनॉट प्लेस (Connaught Place) का काके दा होटल (Kake Da Hotel) दिल्ली के सबसे पुराने और आइकॉनिक नॉन-वेज स्पॉट्स में गिना जाता है। इसकी शुरुआत 1931 में कुंदन लाल जग्गी ने की थी। भारत-पाकिस्तान बंटवारे के बाद यह दुकान दिल्ली में आकर फिर से शुरू हुई और धीरे-धीरे लोगों की पसंद बन गई। यहाँ का मटन रोगन जोश, बटर चिकन और दाल मखनी बेहद मशहूर हैं। एक व्यक्ति का खाना लगभग 400 से 700 रुपये तक पड़ सकता है। राजीव चौक मेट्रो स्टेशन (Rajiv Chowk Metro Station) से पैदल कुछ मिनट चलकर आप आसानी से यहाँ पहुँच सकते हैं। यहाँ का खाना भारी पंजाबी फ्लेवर वाला होता है, जिसमें मक्खन और मसालों का शानदार बैलेंस मिलता है। कई ग्राहक कहते हैं कि “काके दा होटल का बटर चिकन खाए बिना दिल्ली का फूड टूर अधूरा है।” देर रात तक खुला रहने वाला यह रेस्टोरेंट ऑफिस वालों से लेकर टूरिस्ट्स तक सभी की पसंद बना हुआ है। [SP]

 दिल्ली वाला नॉन-वेज (Non- Veg Food In Delhi) टेस्ट
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