दिल्ली की पहचान बन चुके ये 4 साउथ इंडियन रेस्टोरेंट्स, यहाँ नहीं खाया तो क्या खाया?

सुबह के क्रिस्पी मसाला डोसे से लेकर रात के गरमा-गरम उत्तपम तक, दिल्ली के ये रेस्टोरेंट्स हर फूडी की पहली पसंद बन चुके हैं।
South Indian food in Delhi
South Indian food in Delhi Pixabay
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दिल्ली (Delhi's Food) सिर्फ चाट, छोले-भटूरे और कबाबों के लिए ही नहीं, बल्कि शानदार साउथ इंडियन खाने के लिए भी पूरे देश में मशहूर है। यहाँ ऐसे कई रेस्टोरेंट्स हैं जहाँ डोसे की खुशबू, फिल्टर कॉफी का स्वाद और नारियल की चटनी का असली जायका लोगों को सीधे दक्षिण भारत (South Indian food in Delhi) की गलियों तक पहुँचा देता है। सुबह के क्रिस्पी मसाला डोसे से लेकर रात के गरमा-गरम उत्तपम तक, दिल्ली के ये रेस्टोरेंट्स हर फूडी की पहली पसंद बन चुके हैं। खास बात यह है कि यहाँ सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि पुराने समय की विरासत, शानदार सर्विस और पॉकेट-फ्रेंडली कीमतें भी लोगों को बार-बार आने पर मजबूर कर देती हैं। अगर आपने इन जगहों का स्वाद नहीं चखा, तो समझिए दिल्ली का असली फूड टूर अभी अधूरा है।

सरवाना भवन

सरवाना भवन (Saravana Bhavan)
सरवाना भवन (Saravana Bhavan) Pixabay

दिल्ली में साउथ इंडियन खाने की बात हो और सरवाना भवन (Saravana Bhavan) का नाम न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता। इस मशहूर रेस्टोरेंट की शुरुआत 1981 में चेन्नई के कारोबारी राजगोपाल (Rajgopal) ने की थी और धीरे-धीरे यह पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हो गया। दिल्ली का कनॉट प्लेस (Connaught Place in Delhi) वाला आउटलेट लोगों की सबसे पसंदीदा जगहों में गिना जाता है। यहाँ पहुँचने के लिए आप राजीव चौक मेट्रो स्टेशन से पैदल जा सकते हैं। यहाँ मसाला डोसा, रवा डोसा, इडली, वडा और फिल्टर कॉफी सबसे ज्यादा पसंद किए जाते हैं। एक प्लेट मसाला डोसा लगभग 250 से 300 रुपये तक मिल जाता है। डोसा बनाने के लिए चावल और उड़द दाल के घोल को घंटों फर्मेंट किया जाता है, जिससे उसका स्वाद और भी शानदार हो जाता है। ग्राहकों का कहना है कि यहाँ की सांभर और नारियल चटनी इतनी स्वादिष्ट होती है कि लोग एक्स्ट्रा बार मांगते रहते हैं।

सागर रत्ना

सागर रत्ना (Sagar Ratna)
सागर रत्ना (Sagar Ratna) Pixabay

सागर रत्ना (Sagar Ratna) दिल्ली के सबसे पुराने और भरोसेमंद साउथ इंडियन रेस्टोरेंट्स में से एक माना जाता है। इसकी शुरुआत 1986 में जयपुरिया परिवार द्वारा की गई थी। डिफेंस कॉलोनी वाला आउटलेट आज भी फूड लवर्स की पहली पसंद बना हुआ है। यहाँ पहुँचने के लिए लाजपत नगर या जोरबाग मेट्रो से आसानी से ऑटो मिल जाता है। यहाँ का मैसूर मसाला डोसा, पनीर उत्तपम और स्पेशल थाली काफी मशहूर है। खाने का खर्च दो लोगों के लिए लगभग 700 से 1000 रुपये तक आ सकता है। यहाँ डोसे को तवे पर धीमी आँच में कुरकुरा बनाया जाता है और उसके अंदर मसालेदार आलू की स्टफिंग डाली जाती है। ग्राहकों के अनुसार यहाँ की सफाई, तेज सर्विस और असली दक्षिण भारतीय स्वाद इसे खास बनाते हैं। वीकेंड पर यहाँ लंबी लाइन लगना आम बात है।

नैवेद्यम

नैवेद्यम (Naivedyam)
नैवेद्यम (Naivedyam) Pixabay

अगर आप केले के पत्ते पर परोसा गया असली साउथ इंडियन खाना खाना चाहते हैं, तो नैवेद्यम (Naivedyam) आपके लिए परफेक्ट जगह है। इस रेस्टोरेंट की शुरुआत 2000 के दशक में हुई थी और थोड़े ही समय में यह दिल्ली के फूड लवर्स के बीच बेहद लोकप्रिय हो गया। हौज खास विलेज में स्थित यह रेस्टोरेंट हौज खास मेट्रो स्टेशन (Hauz Khas Metro Station) से कुछ ही दूरी पर है। यहाँ की खासियत है कि खाने में पारंपरिक दक्षिण भारतीय मसालों और देसी घी का इस्तेमाल किया जाता है। यहाँ पेपर डोसा, अप्पम, पोंगल और फिल्टर कॉफी काफी पसंद की जाती है। दो लोगों का खर्च करीब 800 से 1200 रुपये तक आता है। डोसे को बड़े तवे पर पतला फैलाकर बेहद क्रिस्पी बनाया जाता है। ग्राहक बताते हैं कि यहाँ का माहौल बिल्कुल दक्षिण भारत जैसा महसूस होता है और स्टाफ का व्यवहार भी काफी अच्छा है।

कर्नाटिक कैफे

कर्नाटिक कैफे (Carnatic Cafe)
कर्नाटिक कैफे (Carnatic Cafe) Pixabay

कर्नाटिक कैफे (Carnatic Cafe) आज दिल्ली के युवाओं और फूड ब्लॉगर्स की सबसे चर्चित साउथ इंडियन जगहों में से एक बन चुका है। इसकी शुरुआत बेंगलुरु के पारंपरिक स्वाद को दिल्ली तक पहुँचाने के उद्देश्य से की गई थी। ग्रेटर कैलाश-2 स्थित यह कैफे नेहरू एन्क्लेव मेट्रो स्टेशन के पास पड़ता है। यहाँ का मल्लेश्वरम डोसा, गुंटूर इडली और फिल्टर कॉफी लोगों की फेवरेट डिश मानी जाती है। दो लोगों के खाने का खर्च लगभग 1000 से 1500 रुपये तक आता है। यहाँ डोसे को देसी मक्खन और खास मसालों के साथ तैयार किया जाता है, जिससे उसका स्वाद बाकी जगहों से अलग लगता है। ग्राहकों का कहना है कि एक बार यहाँ का बटर डोसा खाने के बाद उसका स्वाद लंबे समय तक याद रहता है। शाम के समय यहाँ सीट मिलना भी मुश्किल हो जाता है क्योंकि हर दिन भारी भीड़ उमड़ती है। [SP]

South Indian food in Delhi
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