

असम विधानसभा चुनाव की मतगणना के बीच शुरुआती रुझानों में भारतीय जनता पार्टी बढ़त की ओर बढ़ती नजर आ रही है। इसी बीच राज्य के मंत्री पीयूष हजारिका ने भरोसा जताया है कि भाजपा दोबारा सरकार बनाने जा रही है।
मोरीगांव के एक मतगणना केंद्र पर मीडिया से बातचीत करते हुए पीयूष हजारिका ने कहा कि शुरुआती रुझान साफ दिखा रहे हैं कि जनता ने भाजपा की 'डबल इंजन सरकार' के विकास कार्यों पर भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने लगातार जनता के लिए काम किया है, जिसका नतीजा अब चुनावी रुझानों में दिख रहा है।
पीयूष हजारिका ने कहा, "सरकार ने दिन-रात मेहनत की है और अब नतीजों में उसका असर दिख रहा है। भाजपा ही सरकार बनाएगी।" उन्होंने यह भी बताया कि मतगणना के पहले और दूसरे राउंड में मोरीगांव और जागीरोड विधानसभा सीटों पर भाजपा बड़े अंतर से आगे चल रही है।
राज्यभर में कड़ी सुरक्षा के बीच वोटों की गिनती जारी है और जैसे-जैसे राउंड आगे बढ़ेंगे, तस्वीर और स्पष्ट होती जाएगी। शुरुआती रुझानों के मुताबिक, भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए 85 सीटों पर आगे चल रहा है, जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाला विपक्षी गठबंधन 30 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।
असम में 9 अप्रैल को मतदान हुआ था, जिसमें 2.50 करोड़ से अधिक मतदाताओं में से 85.96 प्रतिशत लोगों ने वोट डाला, जो काफी अच्छा मतदान प्रतिशत माना जा रहा है।
इस चुनाव में कुल 722 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 59 महिला उम्मीदवार शामिल हैं। कांग्रेस ने सबसे ज्यादा 99 उम्मीदवार उतारे, जबकि बीजेपी ने 90 उम्मीदवारों को टिकट दिया। ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) ने 30 सीटों पर चुनाव लड़ा।
एनडीए के सहयोगी दलों में असम गण परिषद ने 26 उम्मीदवार और बोडो पीपुल्स फ्रंट ने 11 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे। वहीं विपक्षी खेमे में रायजोर दल ने 13, असम जातीय परिषद ने 10, माकपा ने 3 और ऑल पार्टी हिल लीडर्स कॉन्फ्रेंस ने 2 सीटों पर चुनाव लड़ा।
इसके अलावा आम आदमी पार्टी और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल ने 18-18 सीटों पर, तृणमूल कांग्रेस ने 22 सीटों पर, और झारखंड मुक्ति मोर्चा ने 16 सीटों पर उम्मीदवार उतारे। चुनाव मैदान में 258 निर्दलीय उम्मीदवार भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। [SP]
(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)