

असम, केरल और पुडुचेरी में जारी विधानसभा चुनावों के दौरान मतदान ने इस बार मजबूत रफ्तार दिखाई है। सुबह से ही मतदाताओं में उत्साह देखने को मिला और समय के साथ वोटिंग प्रतिशत तेजी से बढ़ता गया। शुरुआती धीमी शुरुआत के बाद दोपहर तक आंकड़े काफी ऊंचाई पर पहुंच गए, जो एक बड़े ट्रेंड की ओर इशारा करते हैं।
गुरुवार सुबह मतदान की शुरुआत “धीमी लेकिन स्थिर” रही। शुरुआती दो घंटों में मतदाताओं की भागीदारी सीमित रही, लेकिन माहौल उत्साहपूर्ण दिखा।
असम: 17.87%
केरल: 16.23%
पुडुचेरी: 17.41%
इन आंकड़ों से साफ है कि लोगों ने सुबह-सुबह ही मतदान केंद्रों पर पहुंचना शुरू कर दिया था, हालांकि भीड़ धीरे-धीरे बढ़ रही थी।
सुबह 9 बजे के बाद मतदान में साफ तौर पर तेजी देखने को मिली और 11 बजे तक वोटिंग प्रतिशत में अच्छा उछाल दर्ज किया गया। उपलब्ध रुझानों के अनुसार—
असम: लगभग 35–40% के बीच मतदान
केरल: करीब 30–35% तक मतदान
पुडुचेरी: लगभग 32–36% तक मतदान
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि 9 बजे की तुलना में 11 बजे तक मतदान में तेज बढ़ोतरी हुई। कई इलाकों में लंबी कतारें लग गईं और लोगों का उत्साह बढ़ता गया।
इस दौरान शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में मतदाताओं की भागीदारी बढ़ी। खासकर महिलाओं और युवाओं का उत्साह भी देखने को मिला। चुनावी माहौल पूरी तरह सक्रिय हो चुका था और मतदान केंद्रों पर भीड़ लगातार बढ़ रही थी।
दोपहर 1 बजे तक मतदान ने सबसे तेज रफ्तार पकड़ी और आंकड़े काफी ऊंचाई पर पहुंच गए।
असम: 59.62%
केरल: 49.70%
पुडुचेरी: 56.83%
इन आंकड़ों से साफ है कि सुबह की तुलना में दोपहर तक वोटिंग में जबरदस्त उछाल आया। यह ट्रेंड इस बात का संकेत देता है कि इस बार मतदान प्रतिशत पिछले चुनावों के रिकॉर्ड को चुनौती दे सकता है।
तीनों राज्यों में जारी विधानसभा चुनावों के दौरान दोपहर 3 बजे तक मतदान में तेज बढ़त देखने को मिली। ताजा आंकड़ों के अनुसार
असम: 75.91%
केरल: 62.71%
पुडुचेरी: 72.40%
इन आंकड़ों से साफ है कि मतदाताओं में उत्साह बना हुआ है और मतदान लगातार बढ़ रहा है।
शाम 5 बजे तक मतदान प्रतिशत
विधानसभा चुनाव के दौरान शाम 5 बजे तक मतदान में भारी बढ़त दर्ज की गई है। ताजा आंकड़ों के अनुसार—
असम: 84.42%
केरल: 75.01%
पुडुचेरी: 86.92%
इन आंकड़ों से साफ है कि तीनों राज्यों में मतदाताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला और मतदान ने ऊंचा स्तर हासिल कर लिया है।
असम, केरल और पुडुचेरी में इस बार मतदान ने नए रिकॉर्ड की ओर इशारा किया है। अंतिम आंकड़ों के अनुसार तीनों राज्यों में मतदाताओं की भागीदारी काफी ज्यादा रही, जो लोकतंत्र के प्रति लोगों की जागरूकता को दर्शाता है। पिछले चुनावों की तुलना में इस बार वोटिंग प्रतिशत में साफ बढ़ोतरी देखने को मिली है, खासकर पुडुचेरी और असम में।
ताजा आंकड़े:
असम: 85.38%
केरल: 78.03%
पुडुचेरी: 89.83%
अगर तीनों राज्यों के मतदान प्रतिशत का विश्लेषण करें, तो पुडुचेरी और असम सबसे आगे नजर आते हैं। पुडुचेरी में सबसे ज्यादा मतदान दर्ज किया गया, जो वहां के मतदाताओं के जबरदस्त उत्साह को दिखाता है। वहीं असम भी काफी करीब रहा, जहां लगातार बढ़ते मतदान प्रतिशत ने यह संकेत दिया कि जनता ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। दूसरी ओर, केरल में मतदान प्रतिशत अच्छा होने के बावजूद बाकी दोनों राज्यों की तुलना में थोड़ा पीछे रहा, हालांकि वहां भी भागीदारी मजबूत रही। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की बात करें तो ग्रामीण इलाकों में सुबह से ही भारी भीड़ देखने को मिली, जिससे वहां वोटिंग प्रतिशत तेजी से बढ़ा। वहीं शहरी क्षेत्रों में शुरुआत धीमी रही, लेकिन दोपहर के बाद लोगों की भागीदारी बढ़ी। कुल मिलाकर, दोनों ही क्षेत्रों ने चुनाव को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
असम, केरल और पुडुचेरी में इस बार हुए विधानसभा चुनावों ने पिछले चुनावों के कई रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए हैं। जहां पहले के चुनावों में असम में करीब 82% के आसपास मतदान हुआ था, वहीं इस बार यह बढ़कर लगभग 85.24% तक पहुंच गया है। केरल में पिछले चुनाव में करीब 74% मतदान दर्ज हुआ था, जो अब बढ़कर 77.75% हो गया है। सबसे बड़ा उछाल पुडुचेरी में देखने को मिला, जहां पहले लगभग 81% के आसपास वोटिंग होती थी, जबकि इस बार यह 89.56% तक पहुंच गई।
इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण मतदाताओं में बढ़ती जागरूकता, कड़ी राजनीतिक टक्कर और युवा व महिला मतदाताओं की बढ़ी भागीदारी मानी जा रही है। सुबह धीमी शुरुआत के बावजूद दिनभर जिस तेजी से मतदान बढ़ा, उसने साफ कर दिया कि जनता इस बार ज्यादा सक्रिय रही।
हालांकि ज्यादा मतदान को किसी एक पार्टी की जीत से सीधे जोड़ना सही नहीं है, लेकिन इतना जरूर कहा जा सकता है कि इस बार का चुनाव पहले से ज्यादा प्रतिस्पर्धी और निर्णायक रहा। अब सभी की नजरें नतीजों पर टिकी हैं, जो तय करेंगे कि जनता ने किसे सत्ता सौंपी है। [SP]