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असम चुनाव में सियासी पारा चढ़ा हुआ है। इसी बीच हिमंता बिस्वा सरमा ने एक बयान दिया है जिससे बवाल मचा हुआ है। हिमन्त ने यह कहा है कि असम में बीफ खाने पर किसी भी प्रकार का रोक नहीं है। बीजेपी ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है।
कुछ दिन पहले 4 अप्रैल 2026 को हिमंता ने बयान दिया कि असम में कुकी चौधरी के माता-पिता सार्वजनिक रूप से बीफ खाकर गलत संदेश देने का प्रयास कर रहे थे। उन्होंने कहा कि असम में बीफ खाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया जा रहा है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। इस तरीके के कृत्य पर सरकार कड़ा एक्शन लेगी। मुख्यमंत्री हिमंता ने इस मामले पर एफआईआर करने की बात कही। असम के चुनाव में बीफ को फिर से मुद्दा बनाने की कोशिश की जा रही है ताकि ध्रुवीकरण का फायदा उठाया जा सके। कुकी चौधरी गुवाहाटी सेंट्रल (Guwahati Central) से चुनाव लड़ रही हैं। असम चुनाव में कुकी चौधरी की चर्चा एक युवा प्रत्याशी के तौर पर हो रही है। उनके खिलाफ बीजेपी से अनुभवी नेता चुनाव लड़ रहे हैं जिनका नाम विजय कुमार गुप्ता। विजय गुप्ता की उम्र लगभग 70 साल है।
कुकी चौधरी से विवाद छिड़े महज कुछ ही दिन हुए। हिमंता चुनाव से एक दिन पहले अपनी बात से पलट गए हैं। उन्होंने कहा कि बीफ खाने पर असम में कोई रोक नहीं है। जो लोग बीफ खाना चाहते हैं वे घर के अंदर बैठकर खाएं। हिमंता ने पिछली बार कहा था कि मुस्लिम लोग बीफ खाना छोड़ चुके हैं। लेकिन अब चुनाव से एक दिन पहले बोल रहे हैं कि मुस्लिम समुदाय को बीफ खाने से कभी नहीं रोका गया। बीफ खाइए लेकिन घर के अंदर खाइए। हिमंता को इस बयान का फायदा चुनाव में मिलेगा या नहीं इसका फैसला 4 मई 2026 को होगा लेकिन विपक्ष ने बीजेपी को इस मामले पर खूब सुनाया है।
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असम चुनाव 2026 में बीफ के मुद्दे पर हिमंता सरमा ने जो बयान दिया है, बयान से बीजेपी के बहुत सारे नेता किनारे हो रहे हैं। इस बार के चुनाव में बीफ पर प्रतिबंध नहीं है ऐसा बोलकर हिमंता मुस्लिम मतदाताओं को साधने की कोशिश कर रहे हैं। अंतिम समय बीजेपी द्वारा चलाए गए इस रणनीतिक अभियान ने चुनाव को दिलचस्प बना दिया है।
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