

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने गुरुवार को हुए विधानसभा चुनावों में मतदान प्रतिशत पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि खासकर हिंदू और स्वदेशी समुदायों में दिखा उत्साह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मतदान संपन्न होने के बाद सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि स्थानीय और स्वदेशी मतदाताओं में भागीदारी में स्पष्ट बढ़ोतरी देखी गई है।
उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए सकारात्मक संकेत बताते हुए कहा कि ऐसी सक्रिय भागीदारी चुनावी प्रणाली को मजबूत करती है और शासन में जनता के भरोसे को दर्शाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बढ़ता हुआ मतदान प्रतिशत इस बात का संकेत है कि लोग अब अधिक जागरूक हैं और अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का उपयोग करने के लिए उत्सुक हैं।
उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण मतदान और मतदाताओं का उत्साह राज्य में जीवंत लोकतांत्रिक संस्कृति को दर्शाता है।
सरमा ने भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले गठबंधन की जीत को लेकर भी भरोसा जताया और कहा कि 126 सदस्यीय विधानसभा में गठबंधन 90 से अधिक सीटें जीत सकता है।
उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों से मिले जनसमर्थन से साफ संकेत मिलता है कि जनता का जनादेश सत्तारूढ़ गठबंधन के पक्ष में है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ज्यादा मतदान से लोकतांत्रिक व्यवस्था और मजबूत होगी और इससे अधिक प्रतिनिधित्व वाली सरकार बनेगी।
उन्होंने कहा कि अंतिम नतीजे राज्य की जनता की आकांक्षाओं को दर्शाएंगे, क्योंकि इस बार असम में हाल के वर्षों के सबसे ज्यादा भागीदारी वाले चुनावों में से एक देखा गया।
चुनाव आयोग के अनुसार, असम में इस बार 85.38 प्रतिशत का रिकॉर्ड मतदान हुआ, जो 2016 के 84.67 प्रतिशत के पिछले रिकॉर्ड से अधिक है।
अधिकारियों ने मतदान को कुल मिलाकर शांतिपूर्ण बताया, जहां केवल कुछ स्थानों से मामूली घटनाएं सामने आईं।
प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, महिला मतदाताओं (85.96 प्रतिशत) की भागीदारी पुरुषों (84.80 प्रतिशत) से थोड़ी अधिक रही, जबकि थर्ड जेंडर मतदाताओं का प्रतिशत 36.84 रहा। (MK)
(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)