धोनी की कप्तानी में डेब्यू करने वाले का जन्मदिन, लॉर्ड्स में 12 साल पहले दिलाई थी टीम इंडिया को ऐतिहासिक जीत

महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में खेलते हुए भुवनेश्वर ने हमेशा लाइन-लेंथ और स्विंग को प्राथमिकता दी। वे इनस्विंग और आउटस्विंग दोनों ही करा सकते हैं और उनका इनस्विंगर बेहद घातक होता है।
तस्वीर में धोनी और भुवनेश्वर कुमार
भुवनेश्वर कुमार अपनी शानदार स्विंग और लाइन-लेंथ के दम पर एमएस धोनी की कप्तानी में भारत को 2014 लॉर्ड्स टेस्ट में ऐतिहासिक जीत दिलाने वाले भरोसेमंद गेंदबाज रहे, जिनका करियर आज भी याद किया जाता है।X
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भारतीय क्रिकेट में अगर किसी गेंदबाज को सीमित गति के बावजूद शानदार लाइन-लेंथ और स्विंग के लिए याद किया जाता है, तो उस सूची में भुवनेश्वर कुमार का नाम अवश्य शामिल होगा। भुवी के पास अन्य तेज गेंदबाजों जैसी रफ्तार भले ही न रही हो, लेकिन उन्होंने कभी इसकी परवाह नहीं की।

महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में खेलते हुए भुवनेश्वर ने हमेशा लाइन-लेंथ और स्विंग को प्राथमिकता दी। वे इनस्विंग और आउटस्विंग दोनों ही करा सकते हैं और उनका इनस्विंगर बेहद घातक होता है। यही कारण था कि कप्तान एमएस धोनी उन्हें अक्सर नई गेंद से गेंदबाजी के लिए पहले बुलाते थे। भुवी नई गेंद से जितने असरदार रहे, उतने ही पुरानी गेंद से बल्लेबाजों के छक्के छुड़ाने में माहिर भी।

भुवनेश्वर कुमार की शानदार गेंदबाजी की बदौलत ही भारत ने 2014 में लॉर्ड्स में इंग्लैंड को हराकर यादगार जीत हासिल की थी। भले ही भारत उस टेस्ट सीरीज को 3-1 से हार गया था, लेकिन लॉर्ड्स में मिली यह जीत आज भी क्रिकेट प्रेमियों के दिलों में बसी हुई है। यह मैच भुवनेश्वर के करियर के शुरुआती दिनों का सबसे यादगार प्रदर्शन बना।

5 फरवरी को भुवनेश्वर कुमार अपना जन्मदिन मनाएंगे। आइए, भुवी की उस शानदार गेंदबाजी और उनके अंतरराष्ट्रीय करियर को नजदीक से जानते हैं।

17 जुलाई 2014 को लॉर्ड्स में खेले गए इस टेस्ट में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 295 रन बनाए। स्कोर कम होने के बावजूद भारतीय गेंदबाजों ने पहली पारी में कमाल दिखाया। भुवनेश्वर कुमार ने 31 ओवर में 10 मेडन के साथ 6 विकेट लेकर इंग्लैंड को 319 रनों पर रोक दिया। उनकी स्विंग से अंग्रेजी बल्लेबाज पूरी तरह बेबस नजर आए। दूसरी पारी में भारतीय बल्लेबाजों ने धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी करते हुए 342 रन बनाए। इंग्लैंड की दूसरी पारी 223 रन पर सिमट गई और भारत ने 95 रनों से यह ऐतिहासिक मैच जीत लिया।

भुवनेश्वर कुमार के अंतरराष्ट्रीय करियर पर गौर करें, तो उन्होंने 21 टेस्ट मैच में 63 विकेट लिए। सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन: 6/82 (लॉर्ड्स, 2014)

साल 2013 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चेन्नई में भुवनेश्वर कुमार ने डेब्यू किया। साल 2018 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आखिरी टेस्ट मैच खेला।

भुवी ने वनडे करियर में भुवनेश्वर कुमार ने 121 मैच में 141 विकेट लिए, उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 5/42 रहा। भुवी ने साल 2012 में पाकिस्तान के खिलाफ डेब्यू किया और 2022 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आखिरी वनडे खेला।

टी20 इंटरनेशनल में भुवनेश्वर ने 87 मैच 90 विकेट लिए, उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 5/4 रहा।

टी-20 में भुवनेश्वर ने साल 2012 में पाकिस्तान के खिलाफ डेब्यू किया। आखिरी टी20 साल 2022 में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला।

उत्तर प्रदेश के मेरठ से ताल्लुक रखने वाले भुवनेश्वर कुमार ने तीनों फॉर्मेट में भारत के लिए वर्षों तक गेंदबाजी का बोझ उठाया। लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर होने के बावजूद उनकी स्विंग और नियंत्रित गेंदबाजी आज भी याद की जाती है।

(MK)

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