

विमेंस टी20 वर्ल्ड कप के 9 संस्करणों में ऐसा सिर्फ 2 बार हुआ, जब किसी टीम ने सिर्फ '1 रन' के अंतर से जीत हासिल की। आइए, इन 2 मुकाबलों के बारे में जानते हैं।
श्रीलंका बनाम पाकिस्तान: विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2010 में ऐसा पहली बार देखने को मिला था। बासेटेरे के मैदान पर खेले गए इस मैच में श्रीलंकाई टीम 19.3 ओवरों में महज 108 रन पर सिमट गई। इस टीम के लिए इनोका गलागेदारा ने सर्वाधिक 25 रन बनाए, जबकि सुविनी डी अल्विज ने 22 रन का योगदान टीम के खाते में दिया। विपक्षी खेमे से सना मीर, जावेरिया खान और नादिया डार ने 2-2 विकेट हासिल किए।
इसके जवाब में पाकिस्तानी टीम 107 पर सिमट गई। पाकिस्तान के लिए बिस्माह मारूफ ने 41 गेंदों में 42 रन की पारी खेली, जबकि जावेरिया खान ने 14 रन का योगदान टीम के खाते में दिया। श्रीलंका की तरफ से ईशानी लोकसुरियागे ने 2 विकेट निकाले।
भारत बनाम पाकिस्तान: गाले के मैदान पर 1 अक्टूबर 2012 को लो-स्कोरिंग मुकाबला खेला गया, जिसमें पाकिस्तान ने 1 रन से जीत दर्ज की। पहले बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तानी टीम निर्धारित ओवरों में 9 विकेट खोकर 98 रन ही बना सकी थी।
पाकिस्तान के लिए कप्तान सना मीर ने सर्वाधिक 25 रन बनाए, जबकि नैन आबिदी ने 25 रन का योगदान दिया। इनके अलावा, अस्मविया इकबाल ने 10 रन जुटाए। भारत की तरफ से झूलन गोस्वामी, रसनारा परवीन और अनुजा पाटिल ने 2-2 विकेट निकाले।
इसके जवाब में भारतीय टीम निर्धारित ओवरों में 8 विकेट खोकर सिर्फ 97 रन ही बना सकी। भारत की तरफ से झूलन गोस्वामी ने 24 गेंदों में 21 रन की पारी खेली, जबकि पूनम राउत ने टीम के खाते में 18 रन जोड़े। इनके अलावा, कप्तान मिताली राज ने 16 रन का योगदान दिया। पाकिस्तान के लिए निदा दार ने 12 रन देकर 3 विकेट हासिल किए। बिस्माह मारूफ को 2 सफलताएं हासिल हुईं। [SP]
(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)