राम मंदिर विवाद में विनय कटियार का बड़ा धमाका! ट्रस्ट के मुख्य प्रशासक को कहा 'कालिया', लगाए गंभीर आरोप!

अयोध्या के भव्य राम मंदिर (Ram Mandir, Ayodhya) में दान के पैसों और चांदी की कथित हेराफेरी का मामला अब एक बड़े विवाद में बदल चुका है।
अयोध्या के भव्य राम मंदिर (Ram Mandir, Ayodhya)
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अयोध्या के भव्य राम मंदिर (Ram Mandir, Ayodhya) में दान के पैसों और चांदी की कथित हेराफेरी का मामला अब एक बड़े विवाद में बदल चुका है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) इस समय मंदिर के चढ़ावे में हुई गड़बड़ियों की गंभीरता से जांच कर चुकी है और अब अपनी रिपोर्ट भी उत्तर प्रदेश सरकार को सौंपने वाली है। इसी बीच, भाजपा के वरिष्ठ नेता विनय कटियार ने श्री राम जन्मभूमि (Shri Ram Janam Bhumi) तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य प्रशासक और पूर्व आरएसएस प्रांत प्रचारक गोपाल राव पर बेहद तीखे और गंभीर आरोप लगाए हैं। कटियार के इस कड़े बयान ने मंदिर ट्रस्ट के कामकाज और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। तो आइए जानतें है कि आखिर कटियार ने क्या कहा जिस इस इतना बवाल हुआ।

विनय कटियार ने गोपाल राव को कहा कालिया

राम मंदिर (Ram Mandir) के प्रमुख चेहरों में से एक और भाजपा के नेता विनय कटियार ने हाल ही में मीडिया के सामने आकर बेहद कड़े शब्दों में अपनी गहरी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने सीधे तौर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पूर्व प्रांत प्रचारक और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वर्तमान मुख्य प्रशासक गोपाल राव को इस पूरे विवाद के कटघरे में खड़ा किया है। कटियार का स्पष्ट आरोप है कि गोपाल राव ने मंदिर के चढ़ावे और दान पेटियों (Donation Boxes) की दैनिक सुरक्षा व्यवस्था को संभालने में घोर लापरवाही और कुप्रबंधन (Mismanagement) किया है। उन्होंने तीखे लहजे में गोपाल राव को ‘कलिया’ कह डाला। उन्होंने कहा कि जब ट्रस्ट के सारे प्रशासनिक अधिकार गोपाल राव और कुछ गिने-चुने अधिकारियों के हाथ में ही थे, तो पैसों और चांदी की गिनती में हुई किसी भी तरह की गड़बड़ी की पूरी जवाबदेही भी उन्हीं की बनती है। कटियार ने चेतावनी दी कि ऐसे घोटालों से मंदिर के पवित्र उद्देश्य को ठेस पहुंचती है।

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SIT जांच का पहलू और पूरा मामला

इस पूरे विवाद की जड़ में उत्तर प्रदेश सरकार (Uttar Pradesh) द्वारा गठित की गई एक उच्च स्तरीय तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) है। दरअसल, अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा बड़े पैमाने पर दिए गए दान की गिनती में भारी अनियमितताओं (Irregularities) की शिकायतें सामने आई थीं। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई कि न केवल दान में मिले करोड़ों रुपये के फंड में हेरफेर हुई है, बल्कि भक्तों द्वारा चढ़ाई गई भारी मात्रा में चांदी भी गायब है। SIT इसी लापता नकदी, गायब हुई चांदी और दान गणना में हुई धांधली की बारीकी से जांच कर रही है। विनय कटियार ने इसी जांच का हवाला देते हुए चेतावनी दी है कि इस तरह के गंभीर घोटाले न केवल मंदिर की पवित्रता को ठेस पहुंचा रहे हैं, बल्कि देश-विदेश के करोड़ों राम भक्तों की आस्था और राम मंदिर के पावन उद्देश्य को भी गंभीर रूप से आहत कर रहे हैं।

राम मंदिर जैसे करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़े बड़े संस्थान में वित्तीय पारदर्शिता (financial transparency) होना बेहद जरूरी है। हालांकि, असली सच SIT की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा, लेकिन विनय कटियार के इस कड़े बयान ने राजनीतिक और धार्मिक हलकों में भारी खलबली मचा दी है। [SP]

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