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बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी (Subramanian Swamy) इन दिनों काफी हमलावर हो रखे हैं। दनादन इंटरव्यू दे रहे हैं और अपनी ही पार्टी के नेताओं की पोल खोल रहे हैं। अटल बिहारी वायपेयी पर विवादित टिप्पणी करने के बाद वो नरेंद्र मोदी पर भी महिलाओं के साथ गलत संबंध होने का इल्जाम लगा चुके हैं। राजनीति जगत में एक व्यंग यह भी चलता है कि बीजेपी नेता स्वामी किसी के सगे नहीं हैं।
1999 में जब वो जनता पार्टी (उस समय ये पार्टी मात्र एक संगठन रह गई थी) के अध्यक्ष थे, तब उन्होंने जयललिता और सोनिया गाँधी के साथ मिलकर वाजपेयी सरकार गिराने में अहम भूमिका निभाई थी। 2013 तक स्वामी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रहे और 11 अगस्त 2013 को इसका विलय बीजेपी में कर लिया। अब इन्हीं सुब्रमण्यम स्वामी (Subramanian Swamy) ने गृह मंत्री अमित शाह पर विवादित बयान दिया है। क्या पूरा मामला आइये समझते हैं?
बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी (Subramanian Swamy) का एक इंटरव्यू काफी वायरल हो रहा है, जिसमें वो अमित शाह पर हमलावर हो रहे हैं। शालिनी कपूर तिवारी, जोकि एक इन्फ्लुएंसर हैं, इन्होने भाजपा नेता का इंटरव्यू लिया था। इस इंटरव्यू में ही स्वामी ने अमित शाह को गुंडा तक बता दिया। साथ ही यह भी कहा कि हारेन पांड्या हत्याकांड में उनका ही हाथ था।
उन्होंने कहा, ''अमित शाह तो गुंडा है। मैं बता रहा हूं। आप छापेंगे तो मुझे मुझे कोई आपत्ति नहीं। मैं कह रहा हूं कि अमित शाह एक गुंडा है। और जो उसने किया हारेन पांड्या की हत्या में वो कभी ना कभी आएगा। इस देश में कटघरे में इनको खड़ा होना पड़ेगा। समझे? इसको तो आप छाप नहीं सकते हो। तुम छापोगी वो बंद करवा देगा तुम्हारा चैनल।"
स्वामी ने आगे कहा, ''मैं कहता हूं पांड्या जो हमारी जनरल सेक्रेटरी था हो सकता है यह ब्राह्मण था इसीलिए उससे वो चिढ़ता था। मुझे नहीं पता पर उसकी हत्या किसने की हां मोदी भी तो चीफ मिनिस्टर था, उसको भी पता था कहां किया कब किया। किसी आरएसएस पर्सन को जानते हो जो गुजरात में है वो प्राइवेटली बोल देगा लेकिन पब्लिकली नहीं बोलेगा मैं पब्लिकली बोल रहा हूं कि हारेन पांड्या की हत्या हुई थी। जनरल सेक्रेटरी ऑफ़ पार्टी बहुत माने जाने एक ही बुरा था कि वह ब्राह्मण था।"
हारेन पांड्या गुजरात सरकार में पूर्व गृह मंत्री थे, जिनकी 26 मार्च 2003 को अहमदाबाद के लॉ गार्डन में सुबह की सैर के बाद उनके ही कार में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसे भारतीय राजनीति के सबसे चर्चित और विवादास्पद हत्याकांडों में गिना जाता है। जाँच में इसे साम्प्रदायिक बदला बताया गया।
हालांकि, यह भी कहा गया कि उनके तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वैचारिक मतभेद भी थे, जिसके कारण मोदी पर भी इल्जाम के छीटें आई थीं। CBI ने इस केस की जाँच की थी और 12 लोगों को दोषी ठहराया। हालांकि, 2011 में गुजरात हाईकोर्ट ने सीबीआई की जांच को "अधूरी और दिशाहीन" बताते हुए सभी आरोपियों को हत्या के आरोपों से बरी कर दिया था लेकिन 2019 में यह केस फिर खुला और सुप्रीम कोर्ट ने इनकी सजा बरकार रखी। पांड्या का परिवार अभी तक इंसाफ का इन्तजार कर रहा है।
गौरतलब है कि बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी (Subramanian Swamy) इससे पहले भी अमित शाह पर हमलावर हो चुके हैं। अप्रैल 2023 में उन्होंने हिन्दुओं और भारत की सीमाओं की सुरक्षा को लेकर शाह को घेरा था।
उन्होंने कहा था, ''अमित शाह कहते हैं कि भारत की सीमाएं सुरक्षित हैं, उल्लंघन नहीं किया जा सकता। यह सब झूठ है। ये उनकी हिमालयी अज्ञानता है। वो गृहमंत्री बनने लायक नहीं है।
स्वामी ने आगे कहा था, ''बेहतर होगा कि अमित शाह बम्बिनो की अवैध दोहरी नागरिकता पर काम करें।" बता दें कि अप्रैल 2023 में अमित शाह रुणाचल प्रदेश के दौरे पर थे जहाँ उन्होंने कहा था की भारत की एक इंच भूमि पर भी कोई अतिक्रमण नहीं कर सकता। इसी पर सुब्रमण्यम स्वामी (Subramanian Swamy) ने प्रतिक्रिया दी थी।