कौन है मैथ्यू वैनडाइक, अमेरिकी जासूस या मोहरा? 4 बार भारत में साजिश रचने का काम कर चुकी CIA!

मैथ्यू वैनडाइक (Matthew VanDyke) को लेकर यह कहा जा रहा है कि वो CIA का एजेंट है। हालांकि, उसने इस बात से इनकार किया है।
CIA का अधिकारी सेना की वर्दी में, दूसरी ओर एक व्यक्ति को गिरफ्तार करती NIA
CIA ने 4 बार भारत में तनाव पैदा करने की कोशिश की। X
Summary
  • 13 मार्च 2026 को 7 विदेशी नागरिक गिरफ्तार, मिजोरम होते हुए म्यांमार में विद्रोहियों से संपर्क और साजिश की आशंका।

  • वैनडाइक पर CIA एजेंट होने के शक के बीच भारत में पहले भी विदेशी साजिशों के आरोप, भाभा की मौत, ISRO जासूसी केस और शास्त्री जी की रहस्यमयी मृत्यु जैसे उदाहरण सामने आते हैं।

  • पूर्वोत्तर में अस्थिरता फैलाने की आशंका, ड्रोन ट्रेनिंग और अंतरराष्ट्रीय साजिश के संकेतों ने सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता बढ़ा दी है।

13 मार्च 2026 को भारतीय जाँच एजेंसी (NIA) ने 7 विदेशी लोगों को गिरफ्तार किया, जिसमें 6 यूक्रेनी और 1 अमेरिकी नागरिक शामिल था। इन्हें कोलकाता एयरपोर्ट से इमिग्रेशन के दौरान पकड़ा गया था। इसमें अमेरिकी नागरिक जो है, उसका नाम मैथ्यू वैनडाइक (Matthew VanDyke) बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि वो बिना किसी इजाजत के मिजोरम में प्रतिबंधित इलाकों से होते हुए म्याँमार जा रहा था। इसके पीछे वजह थी कि उत्तर पूर्व क्षेत्र में एक नई अशान्ति को जन्म दिया जाए। ये सभी आरोपी वीजा पर भारत में आए थे।

इन्होंने अवैध रूप से म्यांमार सीमा पार में और वहां के विद्रोही समूहों से संपर्क किया। मैथ्यू वैनडाइक (Matthew VanDyke) को लेकर यह कहा जा रहा है कि वो CIA का एजेंट है। हालांकि, उसने इस बात से इनकार किया है लेकिन इतिहास पर गौर करें, तो अमेरिका ने भारत में तनाव पैदा करने के लिए कई बार CIA का सहारा लिया है। आज हम आपको ऐसी ही 4 घटना के बारे में बताएंगे।

1. होमी जहांगीर भाभा की मृत्यु (1966)

रतीय परमाणु कार्यक्रम के जनक डॉ. होमी जहांगीर भाभा की एक क्लासिक ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीर।
डॉ. होमी जहांगीर भाभा (Dr. Homi Jehangir Bhabha) की मृत्यु में CIA का हाथ था ! X

इस बात में कोई दो राय नहीं है कि डॉ. होमी जहांगीर भाभा (Dr. Homi Jehangir Bhabha) भारत के परमाणु कार्यक्रम के जनक थे। अगर वो जीवित रहते तो भारत को परमाणु हथियार बनाने में इतना वक्त नहीं लगता। हालांकि 24 जनवरी 1966 को माउंट ब्लांक (आल्प्स पर्वत) में एक विमान हादसे में उनकी मृत्यु हो गई।

एयर इंडिया का विमान 'कंचनजंगा' रहस्यमयी परिस्थितियों में क्रैश हो गया, इस विमान में भाभा समेत 117 यात्री सवार थे और सबकी मौत हो गई। रिपोर्ट में क्रैश की वजह मानवीय भूल बताया गया था लेकिन ग्रेगरी डगलस ने 'Conversations with the Crow' नामक एक किताब लिखी थी, जिसमें पूर्व CIA अधिकारी रॉबर्ट क्रॉली के साथ एक कथित इंटरव्यू में यह दावा किया गया था कि डॉ. होमी जहांगीर भाभा के विमान को बम से उड़ाने की साजिश रची गई थी।

2. ISRO जासूसी केस (1994)

इसरो (ISRO) के प्रसिद्ध वैज्ञानिक नंबी नारायणन की एक हालिया तस्वीर, जो भारत के रॉकेट विज्ञान में उनके योगदान का प्रतीक है।
नंबी नारायणन (Nambi Narayanan) को जासूसी केस में फंसाने का काम CIA के इशारे पर हुआ था ! X

रॉकेट्री: द नंबी इफेक्ट एक फिल्म है जो 2022 में रिलीज हुई थी। माधवन ने इस फिल्म में ISRO के प्रख्यात वैज्ञानिक नंबी नारायणन (Nambi Narayanan) का किरदार निभाया था। असल जीवन में उनके और उनके साथियों के ऊपर पाकिस्तान को गोपनीय तकनीकी जानकारी बेचने के झूठे आरोप लगाए गए थे।

गिरफ्तारी के बाद उन्हें मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना तक झेलनी पड़ी। 1994 में हुई गिरफ्तारी के बाद 1996 में CBI की जाँच में वह निर्दोष पाए गए। फिर सितंबर 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें पूर्ण रूप से निर्दोष घोषित किया और केरल पुलिस द्वारा की गई अवैध गिरफ्तारी के लिए उन्हें मुआवजा देने का आदेश दिया।

कई विशेषज्ञों का यह कहना था कि ये यह केरल पुलिस के जरिए रची गई एक अंतरराष्ट्रीय साजिश थी, जिसमे CIA का हाथ था। नंबी नारायणन की गिरफ्तारी से भारत का 'क्रायोजेनिक इंजन' कार्यक्रम काफी पीछे चला गया था। इस फर्जी केस के कारण भारत की रॉकेट तकनीक विकसित करने की गति कम से कम दो दशक पीछे छूट गई, और इसका फायदा विदेशी ताकतों को हुआ।

3. लाल बहादुर शास्त्री की मृत्यु (1966)

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की मुस्कुराती हुई तस्वीर, जो उनकी सादगी और दृढ़ता को दर्शाती है।
लाल बहादुर शास्त्री (Lal Bahadur Shastri) की मृत्यु 11 जनवरी 1966 को ताशकंद में हुई थी। X

पंडित नेहरू की मृत्यु के बाद लाल बहादुर शास्त्री (Lal Bahadur Shastri) 9 जून 1964 को भारत के दूसरे प्रधानमंत्री बने लेकिन 11 जनवरी 1966 को ताशकंद में उनकी रहस्य्मयी तरीके से मृत्यु हो गई। यह घटना पाकिस्तान के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने के महज कुछ घंटों बाद ही घटी। बताया गया कि उन्हें दिल का दौरा पड़ा था लेकिन मृत्यु के बाद उनका शरीर काफी नीला पड़ गया था।

साथ ही उनका पोस्टमार्टम भी नहीं हुआ और इसके जल्दबाजी में अंतिम संस्कार भी हो गया। उनकी निजी डायरी के गायब होने जैसे तथ्यों ने विदेशी साजिश की आशंकाओं को जन्म दिया। कई विशेषज्ञों का मानना है कि इसमें CIA का हाथ था। 1965 की जंग में पाकिस्तान को पटखनी देने के बाद भारत का अंतरराष्ट्रीय मंच पर दबदबा दिख रहा था। शायद यही कारण था कि शास्त्री जी के खिलाफ साजिश रची गई थी।

4. नरेंद्र मोदी के खिलाफ साजिश (2025)

चीन में नरेंद्र मोदी के खिलाफ CIA ने रची थी साजिश
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक औपचारिक मुद्रा मेंX

31 अगस्त से 1 सितंबर 2025 के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) चीन गए थे जहां उन्होंने तियानजिन में आयोजित 25वें SCO शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया था। इस दौरान सोशल मीडिया पर यह बात निकलकर सामने आई थी कि अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA ने उनकी हत्या की साजिश रची थी, लेकिन रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने समय रहते इसे नाकाम कर दिया था। पीएम मोदी को उन्होंने अपनी सुरक्षित गाड़ी में बैठाकर उनकी जान बचाई। इस कहानी को ढाका में एक अमेरिकी एजेंट की संदिग्ध मौत से भी जोड़ा गया।

हालांकि, इस बात की कभी पुष्टि नहीं हो सकी लेकिन जब पीएम मोदी भारत लौटे, तो 2 सितंबर, 2025 को वो 'सेमीकॉन इंडिया 2025' समारोह में शामिल हुए। इस दौरान जब उन्होंने बोलना शुरू किया, तब हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूँज उठा। इसपर उन्होंने कहा कि "गया था इसकी ताली बजा रहे हो कि आया हूं इसलिए ताली बजा रहे हो?" वहीं, चीन जाने से पहले भी उन्होंने एक ऐसी बात कही थी, जिसके बाद इस अफवाह को ज्यादा तूल मिली थी। 7 अगस्त, 2025 को नई दिल्ली में आयोजित 'एम.एस. स्वामीनाथन शताब्दी अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन' में उन्होंने कहा था कि मैं जानता हूं कि व्यक्तिगत रूप से मुझे बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी, लेकिन मैं इसके लिए तैयार हूं।

बता दें कि अमेरिका चाहता है कि भारत कृषि क्षेत्र के दरवाजे उनके लिए खोले लेकिन भारत सरकार इसके लिए ना पहले राजी थी और ना अब राजी है। कहा जाता है कि इसी खुन्नस में अमेरिका ऐसी साजिशों को अंजाम देने की फ़िराक में है।

CIA का अधिकारी सेना की वर्दी में, दूसरी ओर एक व्यक्ति को गिरफ्तार करती NIA
भारत में छिपकर साजिश रच रही थी CIA! जानें कौन है मैथ्यू वैनडाइक, जिसे NIA ने कोलकाता से दबोचा ?

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