बंगाल के 'कुबेर' विधायक...आखिर कितनी है सीएम शुभेंदु अधिकारी की नेटवर्थ? देखें टॉप-3 रईस नेताओं की पूरी लिस्ट

शुभेंदु सरकार में ‘करोड़पति विधायकों’ की भरमार, बंगाल की सादगी वाली राजनीति पर धनबल का बढ़ता साया
अमित शाह और शुभेन्दु अधिकारी।
पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में बनी नई भाजपा सरकार के बीच मंत्रियों और विधायकों की संपत्ति पर बहस तेज हो गई है। नबग्राम (SC) से भाजपा विधायक दिलीप साहा लगभग 43.03 करोड़ की संपत्ति के साथ सबसे अमीर विधायक हैं, जो कि अमित शाह के बेहद करीबी हैं। X
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पश्चिम बंगाल में भाजपा की प्रचंड जीत के बाद शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में नई सरकार का गठन हो चुका है। सत्ता परिवर्तन के इस दौर में मंत्रिमंडल के चेहरों को लेकर जितनी चर्चा उनके राजनीतिक कद की है, उतनी ही चर्चा उनकी संपत्ति को लेकर भी हो रही है। मंत्रिमंडल में कुछ ऐसे चेहरे शामिल हैं जिनकी संपत्ति को जानकर काफी हैरानी होती है। बंगाल की राजनीति, जो कभी अपनी सादगी के लिए जानी जाती थी, अब धनबल के आंकड़ों में तब्दील होते नजर आ रही है।

कौन है सबसे अमीर विधायक?

पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनते ही विधायकों की संपत्ति एक बार फिर चर्चे में है। बंगाल के मुर्शिदाबाद के नबग्राम (SC) से BJP विधायक दिलीप साहा बंगाल के सबसे अमीर विधायक हैं। चुनावी हलफनामों के विश्लेषण से पता चलता है कि साहा की कुल संपत्ति लगभग 43.03 करोड़ रुपए बताई गई है, जिसमें 16.58 करोड़ रुपए की चल संपत्ति और 26.45 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति शामिल है। एक आरक्षित सीट से आने वाले विधायक की इतनी विशाल संपत्ति ने राजनीतिक विश्लेषकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

शुभेंदु अधिकारी के पास कितनी है संपत्ति?

शुभेंदु अधिकारी बंगाल के सीएम बन चुके हैं। मुख्यमंत्री बनने के बाद उनकी निजी संपत्ति को लेकर चर्चा बनी हुई है। चुनावी हलफनामे के अनुसार, शुभेन्दु अधिकारी के पास कुल 85.87 लाख की संपत्ति है। इसमें लगभग 24.57 लाख रुपए की चल संपत्ति और 61.30 लाख रुपए की अचल संपत्ति है।

नए मुख्यमंत्री को लेकर चर्चा इसलिए भी हो रही है कि एक तरफ ममता बनर्जी ने बंगाल की कमान लगभग 15 साल संभाल रखा था। इस दौरान उन्होंने निजी संपत्ति और निजी जीवन पर बहुत ज्यादा ध्यान नहीं दिया। यही कारण है कि आज भी ममता बनर्जी एक साधारण से घर में रहती हैं। अब राजनीतिक गलियारों में यह कहा जा रहा है कि शुभेन्दु अधिकारी जैसे नेता को मौका मिलने पर बंगाल में इस सादगी की परंपरा को कायम रखा जाएगा या यह परंपरा टूट जाएगी। गौरतलब है कि शुभेन्दु अधिकारी काफी लंबे समय तक ममता बनर्जी की पार्टी में थे। अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत उन्होंने कांग्रेस पार्टी से की थी और 2021 में बंगाल चुनाव से पहले वे बीजेपी में शामिल हो गए थे।

किस दल के कितने विधायक करोड़पति?

पश्चिम बंगाल में सबसे बड़ी पार्टी अब भाजपा बन चुकी है। आंकड़ों के अनुसार, करोड़पति विधायकों की लंबी फेहरिस्त भाजपा के पास है। भाजपा के 206 विधायकों में से 55 फीसदी विधायक ऐसे हैं जो करोड़पति हैं। लगभग 114 विधायकों के पास करोड़ों की संपत्ति है। वहीं, विपक्ष की भूमिका में आई TMC के 80 विजेता उम्मीदवारों में से लगभग 59 विधायक करोड़पति हैं।

अन्य दलों की बात करें तो आम जनता उन्नयन पार्टी के 2 विजेता उम्मीदवारों में से दोनों विधायक करोड़पति हैं। वहीं कांग्रेस के 2 विजेता उम्मीदवारों में से दोनों और CPI(M) के 1 विजेता उम्मीदवार के पास 1 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति है।

अगर औसत का आंकड़ा देखें तो भाजपा के विधायकों की औसत संपत्ति 2.97 करोड़ रुपए है, अर्थात भाजपा के हर विधायक के पास औसतन लगभग 2.97 करोड़ रुपए की संपत्ति है। वहीं TMC के विधायकों का औसत निकाला जाए तो हर विधायक के पास लगभग 5.36 करोड़ रुपए है। 

भारतीय लोकतंत्र में धनबल बनाम सादगी का संघर्ष !

पश्चिम बंगाल की राजनीति में आए इस बड़े बदलाव के केंद्र में केवल सत्ता का हस्तांतरण नहीं, बल्कि राजनीतिक संस्कृति का संक्रमण भी है। बंगाल की राजनीति ऐतिहासिक रूप से विचारधारा और सादगी से प्रेरित रही है, जिसका प्रतिनिधित्व लंबे समय तक वामपंथ और बाद में ममता बनर्जी ने किया। हालांकि, वर्तमान आंकड़े दर्शाते हैं कि 'करोड़पति विधायकों' की बढ़ती संख्या ने चुनावी राजनीति को महंगा और कठिन बना दिया है।

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