

दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार शनिवार को 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' (Delhi Lakshmi yojana) शुरू करने जा रही है, जिसके तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपए की आर्थिक मदद मिलेगी।
सीएम रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) ने एक्स पर पोस्ट किया, 1 अगस्त से दिल्ली की महिलाओं के जीवन में सम्मान का एक नया अध्याय शुरू हो रहा है। आज से दिल्ली लक्ष्मी योजना के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पोर्टल खुल गया है।
किसी बहन के लिए यह अपने नाम की पहली बचत होगी, किसी के लिए दवा, किताब या घर की कोई जरूरी चीज और किसी के लिए यह एहसास कि अब अपनी हर आवश्यकता के लिए किसी के सामने हाथ नहीं फैलाना पड़ेगा।
सीएम में लिखा, 'दिल्ली लक्ष्मी योजना (Delhi Lakshmi yojana) के अंतर्गत हर पात्र महिला को प्रतिमाह 2,500 रुपए का आर्थिक संबल मिलेगा। यह राशि केवल खाते में नहीं जाएगी, यह आत्मविश्वास जगाएगी, निर्णय लेने की शक्ति बढ़ाएगी और जीवन को अपने ढंग से जीने का साहस देगी। सभी पात्र महिलाएं दिल्ली सरकार की आधिकारिक वेवसाइट पर जाकर अपना पंजीकरण अवश्य कराएं।
यह योजना (Delhi Lakshmi yojana) सरकार की उन अहम कल्याणकारी पहलों में से एक है, जिसका मकसद राष्ट्रीय राजधानी में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को आर्थिक मदद पहुंचाना है।
इस योजना (Delhi Lakshmi yojana)को लागू करने के लिए दिल्ली सरकार ने अपने 2026-27 के बजट में 5,110 करोड़ रुपए रखे हैं। अधिकारियों का अनुमान है कि जब यह योजना पूरी तरह से लागू हो जाएगी, तो दिल्ली भर में 17 लाख से ज्यादा महिलाओं को इसका फायदा मिलेगा।
पात्रता के नियमों के तहत, 21 से 60 साल की उम्र की वे महिलाएं इस योजना के लिए पात्र होंगी जिनके परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपए तक है। ध्यान देने वाली बात यह है कि जो महिलाएं इनकम टैक्स देती हैं, जीएसटी फाइल करती हैं, सरकारी कर्मचारी हैं, या पहले से ही दूसरी सरकारी योजनाओं के तहत आर्थिक मदद ले रही हैं, वे इसके लिए पात्र नहीं होंगी।
इसी तरह, जिन परिवारों के पास चार पहिया वाहन है, जो सालाना 2,400 यूनिट से ज़्यादा बिजली का इस्तेमाल करते हैं, या जिनके परिवार के सदस्य सरकारी विभागों या पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स (पीएसयू) में काम करते हैं, उन्हें भी इस योजना से बाहर रखा जाएगा।
इसके अलावा, तीन से ज्यादा बच्चे होने या आपराधिक रिकॉर्ड होने वाली महिलाएं 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' का लाभ उठाने के लिए पात्र नहीं होंगी। यह योजना लाभार्थियों को आर्थिक मदद पाने के लिए दो विकल्प देती है।
पहले विकल्प के तहत, हर महीने 1,500 रुपए रिकरिंग डिपॉजिट (आरडी) या फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) खाते में जमा किए जाएंगे, जबकि बाकी 1,000 रुपए सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) वॉलेट में जमा किए जाएंगे, जिसका इस्तेमाल मंजूरी-प्राप्त जरूरी चीजों की खरीद के लिए किया जा सकेगा।
इसके अलावा लाभार्थी चाहें तो 2,500 रुपए की पूरी मासिक सहायता राशि को बैंक खाते और सीबीडीसी वॉलेट में बांटने के बजाय सीधे रिकरिंग डिपॉजिट या फिक्स्ड डिपॉजिट खाते में ले सकते हैं।
सीधी आर्थिक सहायता देने के अलावा, दिल्ली लक्ष्मी योजना (Delhi Lakshmi yojana) का मकसद कई सामाजिक कल्याण के लक्ष्यों को बढ़ावा देना भी है। इनमें स्कूल में दाखिले को बढ़ावा देना, 'अपार' योजना और 'आभा' आईडी बनाना, समय पर टीकाकरण सुनिश्चित करना, 'पोषण' ट्रैकर पर रजिस्ट्रेशन, 'एक पेड़ मां के नाम' और स्वच्छ भारत अभियान जैसे अभियानों में हिस्सा लेना, और महिलाओं को स्वयं-सहायता समूहों और कौशल विकास कार्यक्रमों से जुड़ने के लिए प्रेरित करना शामिल है। इस योजना के तहत आवेदनों की प्रक्रिया खास दिल्ली लक्ष्मी योजना पोर्टल के जरिए की जाएगी।
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(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)