बेटे के लिए नीतीश कुमार ने दी कुर्बानी! क्या इस आपराधिक मामले से बचाने के लिए निशांत को बनाया जा रहा डिप्टी सीएम?
5 मार्च 2026 को नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने की घोषणा की, जिसके बाद बिहार की राजनीति में हलचल बढ़ गई। लगभग 20 साल तक बिहार का नेतृत्व करने के बाद उनके इस फैसले पर सवाल उठ रहे हैं कि यह उनका व्यक्तिगत निर्णय है या उन पर दबाव डाला गया है।
पूर्व आईपीएस अमिताभ दास ने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार के बेटे Nishant Kumar पटना की एक NEET छात्रा की मौत के मुख्य आरोपी हैं और उनके पास सबूत हैं। इसके बाद 13 फरवरी 2026 को बिहार पुलिस ने अमिताभ दास को पटना स्थित उनके घर से गिरफ्तार कर लिया।
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद अटकलें तेज हैं कि उनके बेटे निशांत कुमार राजनीति में प्रवेश कर सकते हैं। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम उनके राजनीतिक भविष्य को स्थापित करने की रणनीति हो सकती है।
नीतीश कुमार ने 5 मार्च 2026 को राज्यसभा जाने की घोषणा कर दी। इसके के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
नीतीश कुमार साल 2005 से लगातार बिहार की कुर्सी पर विराजमान रहे। लालू प्रसाद यादव के बाद नीतीश कुमार ने बिहार का नेतृत्व लगभग 20 साल किया और अब राज्यसभा जाने की तैयारी कर रहे हैं। नीतीश कुमार ने यह फैसला खुद किया है या नीतीश कुमार को दबाव में डालकर राज्यसभा भेजा जा रहा, इसपर लगातार बहस जारी।
इसी बीच नीतीश कुमार के बेटे निशांत के राजनीतिक पारी की शुरुआत को लेकर भी काफी कयास लगाए जा रहे हैं। नीतीश कुमार के बेटे निशांत के ऊपर पूर्व आईपीएस (IPS) अमिताभ दास ने 13 फरवरी 2026 को अपनी गिरफ़्तारी के समय बयान दिया था कि निशांत कुमार पटना नीट छात्रा के मौत का मुख्य आरोपी है, इसके बाद से से यह खेल जारी है और अमिताभ दास को गिरफ्तार कर लिया गया।
क्या है अमिताभ दास का नीतीश के बेटे पर आरोप
हाल ही पटना में 11 जनवरी 2026 को पटना में नीट छात्रा की मौत को लेकर पूरे बिहार में राजनीतिक माहौल गर्म था। सत्ता पक्ष को विपक्ष की तरफ से लगातार घेरने की कोशिश की जा रही थी। इसी बीच पूर्व आईपीएस (IPS) अमिताभ दास ने एक सनसनीखेज खुलासा किया।
अमिताभ दास ने नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को लेकर यह बयान दिया कि वह पटना नीट छात्रा की मौत का मुख्य आरोपी है। अमिताभ दास ने यह भी कहा कि उनके पास सारे सबूत हैं और वह सीबीआई (CBI) डायरेक्टर को सारे सबूत सौंपने की तैयारी में थे। 13 फरवरी 2026 को बिहार पुलिस ने अमिताभ दास को पटना के स्काइज अपार्टमेंट में उनके आवास पर छापेमारी किया और गिरफ्तार कर लिया।
क्या नीतीश कुमार ने अपने बेटे के भविष्य को बनाने के लिए इस्तीफा दिया
नीतीश कुमार ने 5 मार्च 2026 को राज्यसभा जाने की घोषणा कर दी। इसके बाद नीतीश कुमार के बेटे निशांत को लेकर बहस तेज हो गई। दरअसल,नीतीश कुमार के बेहद करीबी कहे जाने वाले संजय झा ने कहा कि निशांत अगर राजनीति में आते हैं तो उनका स्वागत है। यह बड़ा ही अजीब फैसला लगता है कि कोई मुख्यमंत्री राज्यसभा जाने के लिए मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ रहा। बहुत सारे लोगों का कहना है कि नीतीश कुमार को अमित शाह ने चारों तरफ से घेर लिया है और नीतीश कुमार के पास कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है, इसलिए वह इस्तीफा दे रहे हैं।
वहीं दूसरी तरफ अमिताभ दास (Amitabh Das) के मामले को जोड़कर देखने से यह समझ आता है कि अगर अमिताभ दास के आरोप सही थे तो कहीं नीतीश कुमार, अपने बेटे को बचाने के लिए खुद की बलि तो नहीं दे रहे हैं? वहीं कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि निशांत कुमार अब नीतीश कुमार के विरासत को संभाल सकते हैं। आने वाले समय में नीतीश कुमार के बेटे को राजनीति में अच्छे खासे पद से नवाजा जा सकता है और बिहार की राजनीति में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव (Tejaswi Yadav) ने पहले ही कह दिया था कि नीतीश कुमार की पार्टी और उनकी कुर्सी, दोनों पर भाजपा की नजर बनी हुई है, वह कभी भी उनके हाथ से निकाल सकती है। जनता दल यूनाइटेड (JDU) के कार्यकर्ताओं के बीच अमित शाह और भाजपा को लेकर काफी नाराजगी है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि नीतीश कुमार अगर एक बार सामने आकर यह बोल दें कि राज्यसभा जाना उनका स्वयं का निर्णय है, तो वो मान जाएंगे। कार्यकर्ताओं का मानना है कि नीतीश कुमार ने यह फैसला किसी दबाव में आकर लिया है, जो कि अनैतिक दबाव का परिणाम है।

