नेशनल क्रश मेजर ऋषभ सांब्याल ने छोड़ी भारतीय सेना, जानें वजह

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के ADC मेजर रहे ऋषभ सिंह सांब्याल ने भारतीय सेना में 12 साल सेवा देने के बाद प्रीमेच्योर रिटायरमेंट लेने का फैसला किया है। बता दें, मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल सोशल मीडिया पर अपने शांत स्वभाव और अनुशासन के लिए अक्सर वायरल रहते हैं। यही वजह है कि लोग उन्हें नेशनल क्रश कह रहे हैं।
इस तस्वीर में भारतीय सेना के मेजर ऋषभ सांब्याल और भारत की राष्ट्रपति द्रौपती मुर्मू हैं
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के ADC मेजर रहे ऋषभ सिंह सांब्याल (Rishabh Singh Sambyal) ने भारतीय सेना में 12 साल सेवा देने के बाद प्रीमेच्योर रिटायरमेंट लेने का फैसला किया है। बता दें, मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल सोशल मीडिया पर अपने शांत स्वभाव और अनुशासन के लिए अक्सर वायरल रहते हैं। यही वजह है कि लोग उन्हें नेशनल क्रश कह रहे हैं। 

बचपन से भारतीय सेना में जाने का सपना आँखों में लिए, मेजर ऋषभ ने अचानक सेना से रिटायरमेंट लेने का फैसला क्यों लिया? आइए जानते हैं रिटायरमेंट लेने के पीछे का कारण।

कौन हैं मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल (Rishabh Singh Sambyal)?

मेजर ऋषभ सिंह (Rishabh Singh Sambyal) सांब्याल जम्मू-कश्मीर में स्थित सांबा क्षेत्र के रहने वाले हैं। ऋषभ डोगरा राजपूत परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनका और उनके परिवार का riभारतीय सेना से पुराना रिश्ता रहा है। ऋषभ ने बचपन से एक ही सपना देखा था…भारतीय सेना में जाकर देश की सेवा करने का। अपने इस सपने को हकीकत में बदलने के लिए उन्होंने सैन्य शिक्षा का रास्ता चुना। उन्होंने अपने इस सफर की शुरुआत सैनिक स्कूल कपूरथला से की। फिर 2013 में NDA की परीक्षा पास कर 2014 में 133वें एनडीए कोर्स में अपनी जगह बनाई। वहीं, 2017 में उन्होंने ग्रेजुएशन पूरा किया और उसी वर्ष इंडियन मिलिट्री एकेडमी में सैन्य ट्रेनिंग भी पूरी की।

मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल का सैन्य सफर

इंडियन मिलिट्री ट्रेनिंग पूरी करने के बाद, उनको सेना में शुरुआती पोस्टिंग जाट रेजिमेंट में मिली। 2021 में मेजर ऋषभ सांब्याल (Rishabh Singh Sambyal) ने गणतंत्र दिवस परेड में कैप्टन के रूप में जाट रेजिमेंट की टुकड़ी की अगुवाई की, और इस टुकड़ी को बेस्ट मार्चिंग कंटिंजेंट ट्रॉफी से नवाजा गया। इस उपलब्धि के बाद उनकी सेना में पहचान और मजबूत हुई। इसके बाद वह 4 वर्ष तक पैरा स्पेशल फोर्स का हिस्सा भी रहे। पैरा स्पेशल फोर्स यूनिट भारतीय सेना की सबसे अधिक मुश्किल यूनिटों में गिनी जाती है। इस दौरान ऋषभ को प्रतिष्ठित बलिदान बैज भी मिला।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के ADC की मिली जिम्मेदारी

भारतीय सेना में शानदार सेवा देने के बाद मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल (Rishabh Singh Sambyal) को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के ADC की जिम्मेदारी सौंपी गई। ADC की जिम्मेदारी के रूप में वह राष्ट्रपति के आधिकारिक कार्यक्रमों के दौरान प्रोटोकॉल और सुरक्षा से जुड़ी कई अहम जिम्मेदारियाँ संभालते थे।

राष्ट्रपति मुर्मू के साथ उनकी मौजूदगी की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर अक्सर वायरल होती थीं। लोग ऋषभ को उनकी सादगी, अनुशासन और शांत स्वभाव के कारण बेहद पसंद करते हैं, यही नहीं, ऋषभ के फ़ैंस ने उन्हें 'नेशनल क्रश' का टैग तक दे दिया।

सेना से प्रीमेच्योर रिटायरमेंट लेने की वजह

मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल (Rishabh Singh Sambyal) ने भारतीय सेना से प्रीमेच्योर रिटायरमेंट लेने का फैसला अपने निजी और पारिवारिक कारणों की वजह से लिया है। इस बात की जानकारी ऋषभ ने खुद अपने सोशल मीडिया के जरिए दी। हालाँकि, उनके रिटायरमेंट की चर्चाओं के बीच रक्षा मंत्रालय या भारतीय सेना की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।(VR/MK)

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