

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को कहा कि राज्य की मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि यह आंकड़ा प्रति एक लाख जन्म पर 480 मौतों से घटकर 84 पर पहुंच गया है। उन्होंने इसे असम के स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए व्यापक बदलाव और लगातार किए गए सुधारों का परिणाम बताया।
मुख्यमंत्री ने नवीनतम सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (एसआरएस) बुलेटिन 2022-23 और राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस) के निष्कर्षों का हवाला देते हुए कहा कि असम अब मातृ स्वास्थ्य के मामले में देश के सबसे पिछड़े राज्यों में नहीं, बल्कि भारत की स्वास्थ्य प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले राज्यों में शामिल हो गया है।
एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सरमा ने कहा, "480 से 84 तक पहुंचना असम की मातृ मृत्यु दर में ऐतिहासिक गिरावट है। आज राज्य की एमएमआर राष्ट्रीय औसत से भी बेहतर है। यह स्वास्थ्य क्षेत्र में बढ़े निवेश, बुनियादी ढांचे के विस्तार और मातृ स्वास्थ्य को लेकर चलाए गए व्यवहार परिवर्तन अभियानों की सफलता का प्रमाण है।"
उन्होंने कहा कि जब उन्होंने वर्ष 2006 में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के रूप में कार्यभार संभाला था, तब असम की मातृ मृत्यु दर देश में सबसे अधिक थी।
सरमा ने कहा, "उस समय असम की मातृ मृत्यु दर प्रति एक लाख जीवित जन्म पर करीब 480 थी। स्वास्थ्य के लगभग हर राष्ट्रीय मानक पर राज्य सबसे निचले पायदान पर था और राष्ट्रीय औसत से लगभग 300 अंक पीछे था। लेकिन एसआरएस 2022-23 की ताजा रिपोर्ट के अनुसार अब असम की एमएमआर घटकर 84 हो गई है और राज्य भारतीय राज्यों में 10वें स्थान पर पहुंच गया है। यह राष्ट्रीय औसत 88 से भी चार अंक बेहतर है।"
मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि का श्रेय स्वास्थ्य क्षेत्र में लगातार किए गए नीतिगत हस्तक्षेप, स्वास्थ्य अवसंरचना के विस्तार, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, स्वास्थ्य बजट में वृद्धि और गर्भवती महिलाओं के बीच जागरूकता बढ़ाने को दिया।
उन्होंने दावा किया कि आज असम की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था देश की सबसे प्रभावी स्वास्थ्य प्रणालियों में गिनी जाती है।
सरमा ने कहा, "आज असम स्वास्थ्य के क्षेत्र में पिछड़ा राज्य नहीं रहा। हमने भारत की स्वास्थ्य और विकास यात्रा में अपनी अलग पहचान बनाई है। पिछले दो दशकों में मिली उपलब्धियों को बनाए रखने और आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र को और मजबूत करती रहेगी।"[SP]
(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)