

भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) (Election Commission of India) के एक अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों (assembly elections) के लिए नामांकन पत्रों की जांच पूरी कर ली गई है, जिसके बाद केरल में 985 और असम में 789 उम्मीदवार मैदान में बचे हैं।
अधिकारी ने एक बयान में कहा कि पुडुचेरी (Puducherry) में 30 विधानसभा सीटों के लिए 366 उम्मीदवारों को जांच के बाद चुनाव लड़ने की मंजूरी मिल गई है। उन्होंने आगे कहा कि अगर कोई उम्मीदवार शुक्रवार से पहले चुनाव से हटने का फैसला करता है तो अंतिम उम्मीदवारों की सूची में बदलाव हो सकता है।
अधिकारी ने बताया कि असम (Assam), केरल (Keralam) और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के साथ-साथ चार राज्यों में 9 अप्रैल को होने वाले उपचुनावों के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 23 मार्च थी। कर्नाटक की दो सीटों पर उपचुनाव के लिए 50 उम्मीदवार मैदान में हैं।
एक बयान में कहा गया है कि गोवा में एक विधानसभा सीट पर तीन उम्मीदवार चुनाव लड़ेंगे। नागालैंड में एकमात्र विधानसभा सीट पर सात उम्मीदवार हैं और त्रिपुरा में एक विधानसभा सीट पर छह उम्मीदवार हैं।
नामांकन पत्रों की जांच रिटर्निंग अधिकारियों (आरओ) (Returning Officer) द्वारा उम्मीदवारों/उनके प्रतिनिधियों की उपस्थिति में की गई और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की गई ताकि अधिकतम पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार, आरओ ने वैध रूप से नामांकित उम्मीदवारों की सूची तैयार की और उम्मीदवारों के नामों के सामने उनकी तस्वीरों के साथ सूची को अपने नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित किया।
चुनाव आयोग ने 15 मार्च को असम (126 सीटें), केरल (140 सीटें) और पुडुचेरी (30 सीटें) की राज्य विधानसभाओं और छह राज्यों में उपचुनावों का कार्यक्रम घोषित किया।
इस बीच, चुनाव वाले राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में तैनात 5,173 से अधिक फ्लाइंग स्क्वाड और 5,200 से अधिक स्टैटिक सर्विलांस टीमों ने बुधवार तक बड़ी जब्ती की है।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि जब्ती में 17.44 करोड़ रुपए नकद, 37.68 करोड़ रुपए (16.3 लाख लीटर) की शराब, 167.38 करोड़ रुपए की ड्रग्स, 23 करोड़ रुपए की कीमती धातुएं और 163.30 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की अन्य मुफ्त वस्तुएं शामिल हैं।
इन टीमों को यह सुनिश्चित करने का कार्य सौंपा गया है कि शिकायतों का निपटारा 100 मिनट के भीतर किया जाए ताकि चुनावी प्रक्रिया हिंसा, धमकी और रिश्वतखोरी से मुक्त रहे।
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