

रांची के जगन्नाथपुर (Ranchi Jagannathnath Temple Guard murder) थाना क्षेत्र स्थित जगन्नाथपुर मंदिर में गुरुवार देर रात एक सनसनीखेज वारदात सामने आई, जहां अज्ञात अपराधियों ने मंदिर के गार्ड की हत्या कर दी। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच में जुट गई है।
घटना की जानकारी मिलते ही रांची के एसएसपी राकेश रंजन (SSP Rakesh Ranjan) भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस के मुताबिक, बदमाशों ने हत्या के बाद मंदिर की दान पेटी से नकदी भी निकाल ली, जिससे इस घटना को लूट और हत्या दोनों एंगल से जोड़कर देखा जा रहा है।
मृतक की पहचान बिरसा मुंडा के रूप में हुई है, जो मंदिर की सुरक्षा में गार्ड के तौर पर तैनात थे। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि जब अपराधी दान पेटी से पैसे निकालने की कोशिश कर रहा था, तब गार्ड ने उसे रोकने की कोशिश की होगी। इसी दौरान उन्होंने गार्ड की हत्या कर दी।
घटना के बाद पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी है। मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, जिसमें एक संदिग्ध की तस्वीर कैद होने की बात सामने आई है। पुलिस का कहना है कि इस सुराग के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
हटिया के डीएसपी पीके मिश्रा ने आईएएनएस से बताया कि बिरसा मुंडा मंदिर की सुरक्षा में तैनात थे और प्रथमदृष्टया यह मामला लूट के दौरान हुई हत्या का प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया जा रहा है और फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड भी जांच में जुटे हुए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों ने भी मौके का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए हैं।
डीएसपी ने बताया कि अज्ञात अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और जल्द से जल्द मामले का खुलासा करने की कोशिश की जा रही है। इस घटना पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। झारखंड राज्य क्रिकेट संघ (जेएससीए) के चेयरमैन सह कांग्रेस नेता अजय नाथ शाहदेव ने कहा कि मृतक गार्ड के परिवार को उचित मुआवजा मिलना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने की मांग की।
वहीं, भाजपा के प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव (BJP spokesperson Pratul Shahdev) ने इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मंदिर से एक किलोमीटर से भी कम दूरी पर विधानसभा स्थित है और यह पूरा इलाका हाई सिक्योरिटी जोन माना जाता है। ऐसे क्षेत्र में इस तरह की घटना होना गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि अगर हाई सिक्योरिटी जोन में भी हत्या हो जाए और पुलिस को तुरंत कोई सुराग न मिले, तो यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। उन्होंने राज्य सरकार से अपील की कि झारखंड को अपराध का गढ़ बनने से रोका जाए। फिलहाल, पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।
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(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)