'मैं वहां गया था...', असम चुनाव से पहले मचा बवाल, 43 वर्षीय कांग्रेस नेता का निकला पाकिस्तान कनेक्शन !

एक पॉडकास्ट में बातचीत करते गौरव गोगोई ने कबूला की वह जब पकिस्तान की यात्रा पर थे तो अपनी पत्नी के साथ रावलपिंडी में स्थित तक्षशिला गए थे लेकिन रावलपिंडी सेना मुख्यालय नहीं और न ही किसी सैन्य अधिकारी से मुलाक़ात की.
गौरव गोगोई असम में नेता प्रतिपक्ष और असम प्रदेश कांग्रेस कमिटी  के अध्यक्ष हैं और इस चुनाव में बड़े चहरे भी हैं. वो असम विधानसभा चुनाव में जोरहाट (Jorhat) से चुनाव लड़ रहे हैं. कांग्रेस पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री के दावेदार हैं.
एक पॉडकास्ट में बातचीत करते गौरव गोगोई ने कबूला की वह जब पकिस्तान की यात्रा पर थे तो अपनी पत्नी के साथ रावलपिंडी में स्थित तक्षशिला गए थे लेकिन रावलपिंडी सेना मुख्यालय नहीं और न ही किसी सैन्य अधिकारी से मुलाक़ात की. Wikimedia Commons & Pixabay
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Assam Assembly Elections 2026: गौरव गोगोई असम में नेता प्रतिपक्ष और असम प्रदेश कांग्रेस कमिटी  के अध्यक्ष हैं और इस चुनाव में बड़े चहरे भी हैं. वो असम विधानसभा चुनाव में जोरहाट (Jorhat) से चुनाव लड़ रहे हैं. कांग्रेस पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री के दावेदार हैं. 

एक पॉडकास्ट में बातचीत करते गौरव गोगोई (Gaurav Gogoi) ने कबूला की वह जब पकिस्तान की यात्रा पर थे तो अपनी पत्नी (Elizabeth Colburn Gogoi) के साथ रावलपिंडी में स्थित तक्षशिला गए थे लेकिन रावलपिंडी सेना मुख्यालय (military headquarters) नहीं और न ही किसी सैन्य अधिकारी (military officer) से मुलाक़ात की. 

गौरव गोगोई पर आरोप है कि वह अपनी पत्नी के साथ बिना बताए साल 2013 में  पाकिस्तान  की 10 दिन की यात्रा पर गए थे. उन्हें केवल लाहौर, कराची और इस्लामाबाद घूमने की ही इजाज़त थी तो बिना किसी मंजूरी के वो रावलपिंडी कैसे चले गए. ये घटना ठीक 1 साल पहले होता है जब 2014 में कांग्रेस गौरव गोगोई को लोकसभा भेजने वाली थी. 

असम के वर्तमान CM हेमंत बिस्वा सरमा ने गौरव गोगोई पर इसी महीने यानी अप्रैल में फिर एक बार  आरोप लगाया है कि गोगोई पकिस्तान  (Pakistan) के लिए काम करते हैं और एक जासूस (spy) के तौर पर हमारे देश की जानकारी उनसे साझा करते हैं. इस पर सफाई देते हुए गौरव गोगोई ने कहा है भाजपा को ये सब चुनाव के वक्त ही याद आता है और भापना अपने हार से बचने के लिए जनता का ध्यान भटका रही है. लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि एक पॉडकास्ट (podcast) में गोगोई ने खुद कबूला था कि वो रावलपिंडी में स्थित तक्षशिला (Takshshila) गए थे, लेकिन वहां के सेना मुख्यालय में और न किसी सैन्य अधिकारी से भेंट किया. 

इस मामले की सच्चाई का पता लगाने के लिए 2026 फरवरी में असम सरकार ने एक विशेष जाँच समिति का गठन किया. समिति ने अपने रिपोर्ट में बताया है कि गौरव गोगोई की पत्नी एलिज़ाबेथ कोलबर्न गोगोई ने साल 2011-12 में  पाकिस्तान की एक संस्था “LEAD Pakistan”  और बाद में “LEAD India” जो कि पाकिस्तान से काम करता था. इस काम के दौरान वह अली तौकीर शेख से इस्लामाबाद से लगातार संपर्क में थी. समिति के रिपोर्ट के अनुसार “LEAD India” को भारी मात्रा में पाकिस्तान से फण्ड मिलता था और फण्ड का अधिकतम पैसा लगभग 82-85 लाख रुपये एलिजाबेथ के खाते में जाते थे. रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि उनको कुछ समय तक पैसे मिलते रहे और उनके खाते पाकिस्तान के बैंक में भी हैं और इसका जिक्र उन्होंने कभी नहीं किया. इस दौरान वो कई बार भारत से रोड मार्ग  से इस्लामाबाद आती-जाती थीं. 

मुख्यमंत्री ने बताया कि गोगोई की पत्नी ने भारत के ख़ुफ़िया विभाग की एक गुप्त रिपोर्ट तैयार कर सारी जानकारी पाकिस्तान से साझा की और भारत में पाकिस्तान की गतिविधियों से ध्यान भटकाने की भी पूरी कोशिश की. असम सरकार ने इन निष्कर्षों को गंभीर बताते हुए कहा है कि यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है और इस में राज्य स्तर से परे व्यापक जाँच की आवश्यकता हो सकती है l

[VT]

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