एयर फोर्स अकादमी की ग्रेजुएशन परेड, नए फ्लाइंग ऑफिसर्स ने साझा की सफलता की कहानी

हरियाणा के चरखी दादरी जिले से आने वाले एक नवनियुक्त अधिकारी ने कहा कि एयर फोर्स अकादमी और राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) में बिताए गए चार वर्ष उनके जीवन के सबसे महत्वपूर्ण अनुभवों में से एक रहे हैं।
एयर फोर्स अकादमी की ग्रेजुएशन परेड, नए फ्लाइंग ऑफिसर्स ने साझा की सफलता की कहानी
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तेलंगाना के डुंडीगल स्थित एयर फोर्स अकादमी में आयोजित संयुक्त ग्रेजुएशन परेड के दौरान देश के नए सैन्य अधिकारियों ने भारतीय वायुसेना में अपने सफर की शुरुआत की। इस अवसर पर शानदार एरियल डिस्प्ले भी आयोजित किया गया।

परेड के दौरान 217वें कोर्स के कैडेट्स ने सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अधिकारी के रूप में कमीशन प्राप्त किया। चार वर्षों की कठिन ट्रेनिंग, अनुशासन और समर्पण के बाद वर्दी पहनकर देश सेवा के लिए तैयार हुए युवा अधिकारियों ने इसे अपने जीवन का सबसे गर्वपूर्ण क्षण बताया।

हरियाणा के चरखी दादरी जिले से आने वाले एक नवनियुक्त अधिकारी ने कहा कि एयर फोर्स अकादमी और राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) में बिताए गए चार वर्ष उनके जीवन के सबसे महत्वपूर्ण अनुभवों में से एक रहे हैं। उन्होंने कहा, "आज यहां खड़े होकर मुझे बेहद सम्मान और गर्व महसूस हो रहा है। यह क्षण मेरे लिए और मेरे माता-पिता के लिए अत्यंत भावुक और गर्वपूर्ण है। चार वर्षों की यह यात्रा शानदार रही है और इसे शब्दों में बताना आसान नहीं है।"

नव-नियुक्त फ्लाइंग ऑफिसर रितुल ने बताया कि पहले बैच का हिस्सा बनना उनके लिए विशेष गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि के पीछे केवल उनकी मेहनत नहीं, बल्कि उनके माता-पिता, प्रशिक्षकों और वरिष्ठ अधिकारियों का भी महत्वपूर्ण योगदान है। हमारे व्यक्तित्व को गढ़ने में कई लोगों ने योगदान दिया है। मैं उन सभी की आभारी हूं क्योंकि उन्होंने मुझे आज इस मुकाम तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई है।

उन्होंने लड़कियों को प्रेरित करते हुए कहा कि उन्हें बड़े सपने देखने चाहिए। महिलाओं के लिए आज हर क्षेत्र में अवसर उपलब्ध हैं और सशस्त्र बल भी इसका उत्कृष्ट उदाहरण हैं। उन्होंने बताया कि उनके परिवार में उनसे पहले कोई रक्षा सेवाओं में नहीं था और वह अपने परिवार की पहली पीढ़ी हैं, जिसने सशस्त्र बलों में प्रवेश किया है।

एक नवनियुक्त अधिकारी ने कहा कि यह केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि उन सभी लोगों की सफलता है, जिन्होंने उनके सपने को पूरा करने में योगदान दिया। मेरे लिए यह बेहद सफल और संतोषजनक क्षण है। सिर्फ मैंने ही नहीं, बल्कि मेरे परिवार, प्रशिक्षकों और कई अन्य लोगों ने अथक प्रयास किए हैं, जिसकी बदौलत मैं आज यहां तक पहुंच पाई हूं। पिछले चार वर्षों में हमने कठिन प्रशिक्षण और कई चुनौतियों का सामना किया है। उन सभी परिस्थितियों को पार करते हुए आज हम पास आउट हुए हैं। यह हम सभी के लिए गर्व का क्षण है।

समारोह में मौजूद एक नवनियुक्त महिला अधिकारी निधि की मां ने भी खुशी जाहिर की। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी का वर्षों पुराना सपना आज पूरा हुआ है। उन्होंने कहा, "मैं अपनी खुशी शब्दों में व्यक्त नहीं कर सकती। मेरी बेटी निधि का सपना था कि वह वायुसेना में अधिकारी बने और आज वह सपना साकार हो गया है। पहले उसने नौसेना में भी ज्वाइन किया था, लेकिन उसका सपना भारतीय वायुसेना में शामिल होने का था। आज वह फ्लाइंग ऑफिसर बन चुकी है और हमारे परिवार की विरासत को आगे बढ़ा रही है।"

उन्होंने बताया कि निधि के पिता भी भारतीय वायुसेना में सेवा दे चुके हैं और फ्लाइंग ऑफिसर के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। अब उनकी बेटी उसी परंपरा को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि पूरे परिवार को अपनी बेटी पर गर्व है और उसकी मेहनत आज रंग लाई है। [SP]

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(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)

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