निशांत नहीं बल्कि 2 आपराधिक मामलों का आरोपी बनने जा रहा बिहार का अगला सीएम, नीतीश कुमार की लेगा जगह !

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की संभावनाओं के बीच बिहार में नेतृत्व परिवर्तन की सुगबुगाहट तेज है।
नीतीश कुमार और जीतन राम मांझी।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की संभावनाओं के बीच बिहार में नेतृत्व परिवर्तन की सुगबुगाहट तेज है। X
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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने का रास्ता लगभग साफ हो चुका है। बिहार में नए मुख्यमंत्री को लेकर सियासी गलियारों में काफी समय से कानाफूसी हो रही है। बिहार के राजनीतिक धुरंधरों की तरफ से लगातार इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि भाजपा की तरफ से मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। इसी बीच बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री ने इशारा किया है कि भाजपा के सम्राट चौधरी नए सीएम के तौर पर शपथ लेंगे।

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया कौन होगा नया सीएम ?

दरअसल, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने यह बात बताया है कि बिहार के नए मुख्यमंत्री की नियुक्ति भाजपा की तरफ से हो सकती है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के बेहद विश्वसनीय लोगों में से एक सम्राट चौधरी के सिर पर नीतीश कुमार का पूरा आशीर्वाद है। नीतीश कुमार सम्राट को अपने खुले हाथों से सीएम बनने का आशीर्वाद देंगे। मांझी ने कहा कि नीतीश कुमार बार-बार इस बात के संकेत दे रहे हैं कि सम्राट को बड़ी जिम्मेदारी दी जाएगी। उन्होंने सार्वजनिक जगहों पर कई बार घोषणा की है कि सम्राट चौधरी को बड़ी जिम्मेदारी दी जाएगी। 

वहीं नीतीश कुमार के बेटे पर मांझी (Jitan Ram Manjhi) ने कहा कि अभी नए-नए आए हैं, उन्हे सब कुछ जानने में थोड़ा समय लग सकता है। ये सारी बाते जीतनराम मांझी ने अपने यहाँ इफ्तार पार्टी के दौरान कहा। जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) ने 19 फरवरी 2026 को अपने आवास पर आयोजित दावत-ए-इफ्तार में राजग के बहुत सारे नेताओं को आमंत्रित किया था और बहुत सारे नेताओं का जमावड़ा उनके यहाँ देखा भी गया।

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सम्राट चौधरी पर गंभीर अपराध के आरोप हैं !

 बिहार में भाजपा के सम्राट चौधरी (Samrat Chaudhary) के ऊपर गंभीर आरोप लग चुके हैं। एक मामला साल 1995 का है जब बिहार के तारापुर में नरसंहार हुआ था। सम्राट चौधरी भी इस मामले में सम्मिलित थे। उन्होंने इस मामले में अपने आपको नाबालिग साबित करने के लिए एक हलफ़नामा दिया और उस समय उनकी उम्र लगभग 15 साल बताई गई। इसके बाद सम्राट ने साल 2020 के विधान परिषद चुनावी हलफनामे में अपना उम्र लगभग 56 वर्ष बताया था। चुनावी हलफनामे के हिसाब से साल 1995 के नरसंहार के समय उनकी आयु लगभग 26 साल होनी चाहिए। यह गड़बड़ी साल 2025 के विधानसभा चुनाव में उजागर हुई थी। 

इसके अलावा सम्राट चौधरी पर शिल्पी हत्याकांड का आरोप है। साल 1999 में पटना में शिल्पी गौतम हत्याकांड में नाम आ चुका है। 

इस तरीके के भ्रष्टाचार में संलिप्त लोगों के हाथ में बिहार के भविष्य को सौंपा जा रहा है। हालांकि अभी तक बिहार में मुख्यमंत्री के चेहरे पर अंतिम मुहर लगनी बाकी है। देखना यह है कि लगभग 20 साल बाद बिहार में मुख्यमंत्री का नया चेहरा कौन बनता है।  

नीतीश कुमार देश की सबसे बड़ी पंचायत में जा रहे हैं अब देखना है बिहार में उनके रिक्त स्थान को कौन भर पाता है। 

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