

कभी सड़क किनारे एक छोटे से ठेले पर गर्मागर्म छोले-कुलचे बेचने वाला यह शख्स आज करोड़ों के कारोबार का मालिक बन चुका है। जिस इंसान के पास कभी रोज की कमाई से घर चलाना भी मुश्किल था, आज उसी के आउटलेट्स पर ग्राहकों की लंबी कतारें लगी रहती हैं। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि सफलता इतनी बड़ी हो चुकी है कि अब उसके पास चैन से बैठने या खुलकर सांस लेने तक का समय नहीं बचा।
सुबह सूरज निकलने से पहले काम शुरू होता है और देर रात तक ऑर्डर, सप्लाई, ग्राहकों और बिजनेस मीटिंग्स का सिलसिला चलता रहता है। लेकिन आखिर ऐसा क्या हुआ कि एक मामूली ठेले वाले की जिंदगी इतनी तेजी से बदल गई? कौन है यह शख्स, कहां से आया, कितने संघर्ष झेले और आखिर छोले-कुलचे बेचते-बेचते करोड़पति बनने का यह सफर कैसे तय किया? इसकी कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है।
हम बात कर रहे हैं सिया राम छोले-कुलचे (Siyaram Chole Kulcha) की, जो नई दिल्ली (New Delhi) के लाजपत नगर सेंट्रल मार्केट में स्थित एक बेहद मशहूर स्ट्रीट फूड शॉप है। आज इस दुकान के सामने सुबह से ही लंबी लाइनें लग जाती हैं, लेकिन इसकी शुरुआत बेहद साधारण और संघर्ष भरे दौर में हुई थी।
साल 1956 में सिया राम अलीगढ़ से दिल्ली आए थे। उस समय उनके पास न बड़ी पूंजी थी और न ही कोई पक्की दुकान। परिवार चलाने और नई जिंदगी शुरू करने के लिए उन्होंने लाजपत नगर की सड़क किनारे एक छोटी-सी दुकान लगानी शुरू की। शुरुआत में उनके पास सिर्फ कोयले की एक अंगीठी, एल्युमिनियम की एक हांडी और स्वादिष्ट छोले बनाने का हुनर था। धीरे-धीरे उनके छोले-कुलचे का स्वाद लोगों की जुबान पर चढ़ गया। खास तौर पर उनके 32 मसालों के खास मिश्रण ने इस दुकान को अलग पहचान दिलाई। साल 1982 में भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति Giani Zail Singh ने भी उन्हें दिल्ली के बेस्ट स्ट्रीट फूड सम्मान से नवाजा। आज करीब 60 से ज्यादा साल बाद भी यह दुकान दिल्ली की पहचान बनी हुई है।
हम जिस दुकान की बात कर रहे हैं, वह है सिया राम छोले-कुलचे (Siyaram Chole Kulcha), जो लाजपत नगर सेंट्रल मार्केट, साउथ दिल्ली में स्थित है। यह दुकान लाजपत नगर-II (Lajpat Nagar-II) के अंदर मार्केट एरिया में है और करीब 60–70 साल से लोगों को अपना खास स्वाद परोस रही है। दुकान आमतौर पर दिन में खुलती है और यहां हमेशा भीड़ देखने को मिलती है। अगर आप मेट्रो से जाना चाहते हैं, तो सबसे नजदीकी स्टेशन लाजपत नगर मेट्रो स्टेशन (Lajpat Nagar Metro Station) है। मेट्रो स्टेशन से सेंट्रल मार्केट लगभग 5 मिनट पैदल दूरी पर है, इसलिए पहुंचना काफी आसान है।
इस दुकान की सबसे बड़ी पहचान इसका मटर कुलचा / छोले कुलचे है। एक प्लेट में गर्मागर्म छोले, मुलायम कुलचे, कच्चा प्याज, अचार और हरी मिर्च दी जाती है। अलग-अलग प्लेट की कीमत समय और सर्विंग के हिसाब से बदल सकती है, लेकिन ऑनलाइन फूड लिस्टिंग के अनुसार इसकी डिश लगभग ₹100–₹110 के आसपास मिलती है।
इस फेमस छोले कुलचे को तैयार करने काम सुबह से ही शुरू हो जाता है। ये अपने हर प्लेट को बहुत सावधानी और खास अंदाज से तैयार करते हैं। मसाले का सही मिश्रण को हरे धनिए का स्वाद इसमें चार चांद लगा देता है। गरमा गरम छोले को कुलचे के साथ परोसा जाता है, जिस पर भरपूर मात्रा में धनिया और मक्खन डाला जाता है। इसके अलावा कच्चे प्याज, नींबू के टुकड़े, तीखी अचारी मिर्च और साथ में ठंडा बूंदी रायता का एक गिलास, इसे नेक्स्ट लेवल पर लेकर जाता है। बता दें कि सिया राम हर रोज लगभग 5,000 से अधिक प्लेट परोसने है। [SP]