3 माह के भीतर नवजात को 3 बार पड़ा दिल का दौरा

यह घटना नागपुर (Nagpur) के एक अस्पताल की है। जहां पर एक नवजात शिशु को 3 महीने में 3 बार दिल का दौरा पड़ा।
3 माह के भीतर नवजात को 3 बार पड़ा दिल का दौरा ( Pixabay )
3 माह के भीतर नवजात को 3 बार पड़ा दिल का दौरा ( Pixabay )
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न्यूज़ग्राम हिंदी: आप सभी ने कभी ना कभी हार्ट अटैक (Heart Attack) के बारे में जरूर सुना होगा बल्कि आप में से कुछ ने तो इसके मामले अपनी आंखों के सामने भी देखे होंगे। अक्सर लोगों को नाचते गाते चलते-फिरते भी हार्ट अटैक आ जाता है। आपने हार्टअटैक के मामले बड़ों में ही देखे होंगे लेकिन क्या आपने कभी किसी नवजात को दिल का दौरा पड़ने के बारे में सुना है।

3 माह के भीतर नवजात को 3 बार पड़ा दिल का दौरा ( Pixabay )
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आज हम आपको भारत (India) के एक दुर्लभ मामले के बारे में बताने जा रहे हैं जहां पर एक नवजात को 90 दिन के अंदर तीन बार हार्ट अटैक आया लेकिन हर बार उसकी जान बच गई।

यह घटना नागपुर (Nagpur) के एक अस्पताल की है। जहां पर एक नवजात शिशु को 3 महीने में 3 बार दिल का दौरा पड़ा। प्रीमेच्योर पैदा हुए इस बच्चे का इलाज एनआईसीयू (NICU) में हो रहा था। और इस बच्चे को सांस लेने में काफी दिक्कत हो रही थी लेकिन अब यह बच्चा पूरी तरह स्वस्थ होकर अस्पताल से घर जा चुका है।

3 बार दिल का दौरा पड़ा और तीनों बार डॉक्टरों ने उसे बचा लिया (Wikimedia Commons)
3 बार दिल का दौरा पड़ा और तीनों बार डॉक्टरों ने उसे बचा लिया (Wikimedia Commons)Wikimedia

नागपुर के जीएमसीएच (GMCH) अस्पताल में जन्मे बच्चे के फेफड़े निमोनिया (Pneumonia) से डैमेज हो चुके थे और वह 2 सप्ताह वेंटीलेटर पर रहा। डॉक्टरों के अनुसार बच्चे को ज्यादा एंटीबायोटिक नहीं दे सकते थे इसीलिए उसे वेंटिलेटर पर रखने का निर्णय लिया गया था। उसका सीएमवी टेस्ट होना था लेकिन अस्पताल में वह सुविधा उपलब्ध नहीं थी। इसी कारण बच्चे की माता-पिता की सहमति लेकर उसे क्लैनसिक्लोविर इंजेक्शन दिया गया। सीएमवी टेस्ट बहुत महंगा होता है और सब लोग इसे अफोर्ड नहीं कर पाते हैं।

बता दें कि इस बच्चे को 90 दिन में 3 बार दिल का दौरा पड़ा और तीनों बार डॉक्टरों ने उसे बचा लिया। डॉक्टरों के अनुसार जो बच्चे समय से पहले जन्म लेते हैं वह या तो मां के पेट से ही संक्रमित हो जाते हैं या उन्हें बाद में भी संक्रमण का खतरा अधिक रहता हैं।

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