45 डिग्री की गर्मी से चाहिए तुरंत छुटकारा? भारत की इन 4 गुप्त जगहों पर बिना AC के भी कांप जाएंगे आप!!

मई-जून की चिलचिलाती गर्मी (The scorching heat of May-June) में जब तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच जाता है, तब हर किसी का मन किसी ठंडी और सुकून भरी जगह पर भाग जाने का करता है|
4 coldest places in India
4 coldest places in IndiaPixabay
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मई-जून की चिलचिलाती गर्मी (The scorching heat of May-June) में जब तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच जाता है, तब हर किसी का मन किसी ठंडी और सुकून भरी जगह पर भाग जाने का करता है। शहरों की तपती सड़कें, गर्म हवाएं और लगातार चल रहे AC भी कई बार राहत नहीं दे पाते। ऐसे में अगर आप भी ऐसी जगह की तलाश में हैं जहां प्राकृतिक ठंडक आपको बिना AC के ही सिहरने पर मजबूर कर दे, तो भारत में कुछ ऐसी छुपी हुई खूबसूरत जगहें मौजूद हैं जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। ये जगहें सिर्फ ठंडी ही नहीं, बल्कि अपनी प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण और अनोखी संस्कृति के लिए भी मशहूर हैं। कहीं बर्फ से ढके पहाड़ हैं, तो कहीं बादलों के बीच बसे छोटे-छोटे गांव। इन जगहों पर पहुंचते ही ऐसा लगता है जैसे गर्मी का नामोनिशान ही मिट गया हो। अगर इस बार आप भी भीड़भाड़ वाले हिल स्टेशनों से हटकर किसी शांत और ठंडी जगह पर घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो ये 4 (4 coldest places in India) डेस्टिनेशन आपके लिए परफेक्ट साबित हो सकते हैं।

तवांग, अरुणाचल प्रदेश – बादलों और बर्फ के बीच बसा स्वर्ग

तवांग, अरुणाचल प्रदेश
तवांग, अरुणाचल प्रदेश Pixabay

तवांग (Tawang) भारत के सबसे खूबसूरत और ठंडे इलाकों में गिना जाता है। समुद्र तल से करीब 10 हजार फीट की ऊंचाई पर बसे इस छोटे से शहर में गर्मियों के मौसम में भी तापमान काफी कम रहता है। यहां की ठंडी हवाएं और बर्फ से ढके पहाड़ लोगों को मिनटों में गर्मी भुला देते हैं। तवांग अपनी शांत वादियों, झीलों और बौद्ध मठों के लिए प्रसिद्ध है। यहां स्थित तवांग मठ एशिया के सबसे बड़े बौद्ध मठों में शामिल है। इसके अलावा सेला पास और माधुरी लेक यहां के प्रमुख आकर्षण हैं।

यहां पहुंचने के लिए सबसे पहले असम के तेजपुर या गुवाहाटी पहुंचना होता है। वहां से सड़क मार्ग के जरिए तवांग जाया जा सकता है। रास्ते में दिखने वाले पहाड़ और झरने सफर को और भी खूबसूरत बना देते हैं। यहां की खास बात यह है कि गर्मियों में भी कई बार लोगों को जैकेट पहननी पड़ती है।

मुंस्यारी, उत्तराखंड – जहां गर्मियों में भी चलती हैं बर्फीली हवाएं

मुंस्यारी, उत्तराखंड
मुंस्यारी, उत्तराखंड Pixabay

मुंस्यारी उत्तराखंड (Munsyari, Uttarakhand) का एक बेहद शांत और कम चर्चित हिल स्टेशन है। पंचाचूली पर्वतों के बीच बसा यह छोटा सा कस्बा प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं माना जाता। यहां की सुबहें बादलों से ढकी होती हैं और रातें इतनी ठंडी कि बिना कंबल के रहना मुश्किल हो जाए। मुंस्यारी ट्रैकिंग और एडवेंचर के शौकीनों के बीच काफी लोकप्रिय है। यहां से हिमालय की चोटियों का बेहद शानदार नजारा दिखाई देता है। इसके अलावा यहां के स्थानीय गांव और पहाड़ी संस्कृति भी पर्यटकों को काफी आकर्षित करती है। यहां पहुंचने के लिए सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन काठगोदाम है। वहां से टैक्सी या बस के जरिए मुंस्यारी पहुंचा जा सकता है। अगर आप भीड़भाड़ से दूर शांति और प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेना चाहते हैं, तो यह जगह आपके लिए बेस्ट है।

जीरो वैली, अरुणाचल प्रदेश – हरियाली और ठंडी हवाओं का अनोखा संगम

जीरो वैली, अरुणाचल प्रदेश
जीरो वैली, अरुणाचल प्रदेशPixabay

जीरो वैली (Zero valley) अपनी हरियाली, धान के खेतों और बेहद सुहावने मौसम के लिए जानी जाती है। यहां का तापमान गर्मियों में भी इतना आरामदायक रहता है कि लोगों को पंखे की जरूरत तक महसूस नहीं होती। चारों तरफ फैली हरियाली और पहाड़ों से आती ठंडी हवा इस जगह को खास बनाती है। जीरो वैली यूनेस्को की संभावित विश्व धरोहर सूची में भी शामिल रही है। यहां की अपातानी जनजाति और उनकी अनोखी संस्कृति दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित करती है। यहां हर साल आयोजित होने वाला जीरो म्यूजिक फेस्टिवल भी काफी प्रसिद्ध है।

यहां पहुंचने के लिए सबसे पहले ईटानगर पहुंचना पड़ता है, जिसके बाद सड़क मार्ग से जीरो वैली जाया जा सकता है। अगर आप प्रकृति, संगीत और सुकून भरी जिंदगी का अनुभव करना चाहते हैं, तो यह जगह आपके लिए एकदम परफेक्ट है।

लाचुंग, सिक्किम – जून में भी महसूस होगी दिसंबर जैसी ठंड

लाचुंग, सिक्किम
लाचुंग, सिक्किमPixabay

लाचुंग सिक्किम (Lachung, Sikkim) का एक बेहद खूबसूरत पहाड़ी गांव है, जो अपनी कड़क ठंड और शानदार प्राकृतिक नजारों के लिए जाना जाता है। यहां गर्मियों के मौसम में भी तापमान काफी नीचे रहता है और सुबह-शाम लोगों को स्वेटर पहनने पड़ते हैं। लाचुंग को “सिक्किम का स्विट्जरलैंड” भी कहा जाता है। यहां बहने वाली तीस्ता नदी, बर्फीले पहाड़ और खूबसूरत झरने पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं। युमथांग वैली और जीरो पॉइंट यहां के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थल हैं। यहां पहुंचने के लिए पहले गंगटोक जाना होता है, फिर वहां से सड़क मार्ग द्वारा लाचुंग पहुंचा जा सकता है। रास्ते में दिखने वाले पहाड़, झरने और घुमावदार सड़कें सफर को बेहद रोमांचक बना देती हैं। यहां की खास बात यह है कि जून-जुलाई में भी यहां का मौसम कई बार सर्दियों जैसा महसूस होता है।

अगर आप भी 45 डिग्री की झुलसा देने वाली गर्मी से परेशान हो चुके हैं और किसी ऐसी जगह की तलाश में हैं जहां प्राकृतिक ठंडक आपका स्वागत करे, तो भारत की ये 4 गुप्त जगहें आपके लिए किसी जन्नत से कम नहीं हैं। यहां न सिर्फ आपको गर्मी से राहत मिलेगी, बल्कि प्रकृति के बेहद खूबसूरत और शांत रूप को करीब से देखने का मौका भी मिलेगा। भीड़भाड़ वाले पर्यटन स्थलों से दूर ये डेस्टिनेशन आपकी छुट्टियों को यादगार बना सकते हैं। [SP]

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