सिर्फ 2 दिन में काशी फुल एक्सप्लोर! ये ट्रैवल प्लान कर देगा आपकी यात्रा आसान

भारत के किसी भी कोने में आप पैदा हुए हों लेकिन सबके मन में एक ख्वाहिश रहती है कि जीवन में एक बार काशी जरूर जाएं। कई मौके ऐसे भी आते हैं, जब सारी प्लानिंग हो जाती है लेकिन बावजूद इसके आप काशी (Kashi Travel Plan) नगरी जा नहीं पाते हैं और कई बार ऐसा होता है कि आप उस जगह के बारे में ज्यादा नहीं जानते हैं, तो आप वहां जाने की चाहत ही खत्म कर देते हैं।
बाईं ओर वाराणसी के ऐतिहासिक घाट और किनारे लगी नावें दिख रही हैं, और दाईं ओर शाम के समय दो पुजारी हाथों में जलते हुए बड़े दीपदान लेकर प्रसिद्ध गंगा आरती कर रहे हैं।
हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से यह बताने की कोशिश करेंगे कि आप कैसे मात्र 2 दिन में काशी (Kashi Travel Plan) घूम सकते हैं।X
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  • हर किसी के मन में काशी जाने की इच्छा होती है, लेकिन जानकारी और समय की कमी के कारण प्लान अधूरा रह जाता है, ऐसे में 2 दिन का यह ट्रैवल प्लान यात्रा को आसान बनाता है।

  • काशी विश्वनाथ मंदिर से दिन की शुरुआत करें, फिर अन्नपूर्णा मंदिर, विश्वनाथ गली में शॉपिंग और शाम को दशाश्वमेध घाट पर भव्य गंगा आरती का अनुभव लें।

  • अस्सी घाट से सुबह की शुरुआत, नाव की सवारी, फिर सारनाथ का दौरा और शाम को बनारस के स्ट्रीट फूड व कुल्हड़ चाय के साथ ट्रिप को यादगार बनाएं।

भारत के किसी भी कोने में आप पैदा हुए हों लेकिन सबके मन में एक ख्वाहिश रहती है कि जीवन में एक बार काशी जरूर जाएं। कई मौके ऐसे भी आते हैं, जब सारी प्लानिंग हो जाती है लेकिन बावजूद इसके आप काशी (Kashi Travel Plan) नगरी जा नहीं पाते हैं और कई बार ऐसा होता है कि आप उस जगह के बारे में ज्यादा नहीं जानते हैं, तो आप वहां जाने की चाहत ही खत्म कर देते हैं।

मन में कई विचार आते हैं, जैसे :- वहां जाएं कैसे, वहां घूमने वाली कौन-कौन सी जगह होगी और सबसे अहम चीज कि इसमें कितने दिन लगेंगे? ऐसे विचार मन में अक्सर आते हैं। ऐसे में हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से यह बताने की कोशिश करेंगे कि आप कैसे मात्र 2 दिन में काशी (Kashi Travel Plan) घूम सकते हैं। इसके लिए आपको एक ट्रेवल प्लान की जरूरत है, जो आपको यात्रा को बहुत ही ज्यादा आसान बना देगा।

दो दिन में कैसे घूमे काशी?

वाराणसी की एक व्यस्त सड़क का दृश्य जहाँ ई-रिक्शा, साइकिल और पैदल चलने वालों की भीड़ है। पीछे पुराने शहर की इमारतें और बिजली के तारों का जाल दिखाई दे रहा है।
भारत में बनारस को आध्यात्म की जगह कहा जाता है। पौराणिक मान्यताओं और हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार, काशी (वाराणसी) को भगवान शिव के त्रिशूल पर टिका हुआ माना जाता है। X

भारत में बनारस को आध्यात्म की जगह कहा जाता है। पौराणिक मान्यताओं और हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार, काशी (वाराणसी) को भगवान शिव के त्रिशूल पर टिका हुआ माना जाता है। धार्मिक विश्वास है कि यह नगर पृथ्वी का हिस्सा नहीं है, बल्कि भगवान शिव का अपना धाम है। हर साल लाखों की संख्या में पर्यटक यहाँ आते हैं, और वहां की गलियों और शांति और सुकून का लुत्फ़ उठाते हैं। ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि कैसे आप 2 दिन में काशी (Kashi Travel Plan) घूम सकते हैं?

पहले दिन इन जगहों पर घूमे

काशी विश्वनाथ मंदिर के भव्य 'गंगा द्वार' की नक्काशीदार पत्थर की संरचना। प्रवेश द्वार के बीच से मंदिर का स्वर्ण शिखर (Golden Spire) साफ दिखाई दे रहा है
सुबह करीब 7 बजे आप काशी विश्वनाथ मंदिर जाएं और वहां भोलेनाथ के दर्शन करें।X

अगर आप काशी (Kashi Travel Plan) की धरती पर जाएं और भगवान शिव के दर्शन ना करें, ऐसा हो नहीं सकता है। ऐसे में आप अपने सुबह के यात्रा की शुरुआत भगवान शिव के आशीर्वाद से करें। सुबह करीब 7 बजे आप काशी विश्वनाथ मंदिर जाएं और वहां भोलेनाथ के दर्शन करें। इसके बाद मंदिर के आसपास आपको बनारस कई प्राचीन कलाकृतियां नज़र आएंगी, उनका अनुभव लीजिये। फिर वही पास में अन्नपूर्णा मंदिर और विशालक्षी मंदिर है, वहां भी जरूर जाएं।

इसके बाद दोपहर में बनारस की गलियों में घूमिए जहाँ आपको चाट-पकौड़ी, कचौड़ी-सब्जी और जलेबी मिलेगा, जिसका लुत्फ़ आप उठा सकते हैं। खरीददारी करने के लिए आप विश्वनाथ गली जा सकते हैं जहाँ आपको बनारसी साड़ी, रुद्राक्ष की मालाएं और हस्तशिल्प मिल जाएंगे।

फिर शाम को आप दशाश्वमेध घाट जाइये जहाँ गंगा आरती होती है। यहाँ हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं और घाट की सीढ़ियों पर बैठकर या नाव से गंगा आरती देखते हैं। ऐसा दृश्य आपको दुनिया में कहीं नहीं मिलेगा।

दूसरे दिन यहाँ घूमने का प्लान करें

गंगा नदी के किनारे का एक टॉप व्यू, जहाँ नदी में तैरते हुए प्लेटफॉर्म और किनारे पर कतार से बंधी हुई कई नावें दिखाई दे रही हैं।
दूसरे दिन की शुरुआत अस्सी घाट से करें। यहाँ आपको शास्त्रीय संगीत का आनंद मिल सकता है। X

वहीं, दूसरे दिन की शुरुआत अस्सी घाट से करें। यहाँ आपको शास्त्रीय संगीत का आनंद मिल सकता है। आप नाव की सवारी करते हुए अस्सी घाट से मणिकर्णिका घाट तक जा सकते हैं। फिर दोपहर में आप शहर से 10 किमी दूर सारनाथ जा सकते हैं जहाँ आपको भगवान बुद्ध के दर्शन होंगे। यहां आप सारनाथ संग्रहालय, धमेख स्तूप और चौखंडी स्तूप देख सकते हैं।

फिर शाम तक वापस बनारस (Kashi Travel Plan) लौटे और यहाँ के हिंदू विश्वविद्यालय परिसर में जा सकते हैं, जहाँ आपको विश्वनाथ मंदिर मिलेगा। इसके बाद फिर अस्सी घाट लौटें और वहां के स्ट्रीट फ़ूड (Street Food) का आप आनंद ले सकते हैं। मशहूर कुल्हड़ वाली चाय पी सकते हैं। इसके बाद आप आराम से वापस लौट सकते हैं लेकिन ध्यान रहे वापस आने से पहले बनारसी पान जरूर खाएं, नहीं तो आपकी यात्रा अधूरी रह जाएगी।

बाईं ओर वाराणसी के ऐतिहासिक घाट और किनारे लगी नावें दिख रही हैं, और दाईं ओर शाम के समय दो पुजारी हाथों में जलते हुए बड़े दीपदान लेकर प्रसिद्ध गंगा आरती कर रहे हैं।
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