पेट संबंधित समस्याओं से हैं परेशान? बस 5 मिनट इस योगासन को करने से मिलेगा आराम

दिनभर ऑफिस में बैठकर रहने से पेट संबंधित समस्याएं शुरू होने लगती है। लगातार बैठने से पाचन तंत्र धीमा होता है और पेट की चर्बी बढ़ने लगती है। ऐसी स्थिति में पश्चिमोत्तानासन सबसे सरल और असरदार योगासनों में से एक माना जाता है।
पेट संबंधित समस्याओं से हैं परेशान? बस 5 मिनट इस योगासन को करने से मिलेगा आराम
पेट संबंधित समस्याओं से हैं परेशान? बस 5 मिनट इस योगासन को करने से मिलेगा आरामIANS
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दिनभर ऑफिस में बैठकर रहने से पेट संबंधित समस्याएं शुरू होने लगती है। लगातार बैठने से पाचन तंत्र धीमा होता है और पेट की चर्बी बढ़ने लगती है। ऐसी स्थिति में पश्चिमोत्तानासन (Paschimottanasana) सबसे सरल और असरदार योगासनों में से एक माना जाता है।

'पश्चिम' का अर्थ है, शरीर का पिछला हिस्सा और 'उत्तान' का अर्थ खिंचाव होता है। इस आसन को करने के दौरान शरीर आगे की तरफ झुकता है, जिससे पेट के अंगों पर हल्का-सा दवाब पड़ता है। (Paschimottanasana) इससे पाचन बेहतर होता है, पेट की चर्बी कम होती है और कब्ज की भी शिकायत दूर होती है। साथ ही, ये रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाकर दिनभर की थकान भी दूर करता है।

आयुष मंत्रालय के इंस्टाग्राम पोस्ट के अनुसार, पश्चिमोत्तानासन (Paschimottanasana) पेट की मांसपेशियों को मजबूत करने के साथ-साथ साइटिका की संभावना को भी कम करता है। यह कब्ज, मोटापा, अपच और त्वचा रोगों को दूर करने में भी सहायक होता है।

रोजाना कुछ समय तक इस आसन को करने से शरीर लचीला बनता है, पाचन में सुधार होता है, और तनाव कम होता है। इस आसन को करने के समय साधक अपने पैरों की तरफ झुकते हैं, जिससे रीढ़ की हड्डी से लेकर पैरों की मांसपेशियों तक पूरा खिंचाव होता है।

योग शास्त्रों में इस आसन को लंबी उम्र और बेहतर सेहत का राजा बताया गया है। इस आसन को करने से शरीर में खून का संचार बेहतर होता है, मोटापा कम होता है, और मन शांत रहता है। यह एक ऐसा योगासन है, जिसे हर उम्र के साधक कर सकते हैं।

पश्चिमोत्तानासन (Paschimottanasana) करने से पहले इसका सही तरीका जानना जरूरी है। शुरुआत में शरीर पर अधिक दबाव न डालें। इस आसन के लिए सबसे पहले जमीन पर दोनों पैर सीधे फैलाकर बैठ जाएं। इसके बाद गहरी सांस लें और धीरे-धीरे आगे की ओर झुकें। हाथों से पैर के अंगूठों को छूने का प्रयास करें और सिर को घुटनों के पास लाएं। इस स्थिति में कुछ सेकंड रुकें, फिर धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए वापस सामान्य अवस्था में आ जाएं।

मंत्रालय ने अपने पोस्ट में उन लोगों को यह आसन करने से मना किया, जिनके पेट में अल्सर है। साथ ही विशेषज्ञ से परामर्श लेने की भी बात कही है।(VR)

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(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)

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