बुढ़ापे में स्वस्थ रहने के लिए योग : तन-मन की गर्मी पर शीतली प्राणायाम से लगाएं ब्रेक

Sheetali pranayama benefits: मौसम में होने वाले बदलाव का सबसे ज्यादा असर बच्चों व बढ़ती उम्र वाले लोगों को झेलना पड़ता है। वहीं
Sheetali pranayama benefits: बुढ़ापे में स्वस्थ रहने के लिए योग : तन-मन की गर्मी पर शीतली प्राणायाम से लगाएं ब्रेक
Sheetali pranayama benefits: बुढ़ापे में स्वस्थ रहने के लिए योग : तन-मन की गर्मी पर शीतली प्राणायाम से लगाएं ब्रेकians
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Sheetali pranayama benefits: मौसम में होने वाले बदलाव का सबसे ज्यादा असर बच्चों व बढ़ती उम्र वाले लोगों को झेलना पड़ता है। वहीं, देश भर के कई हिस्सों में पड़ रही भीषण गर्मी की वजह से बुजुर्गों को शारीरिक व मानसिक गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में भारत सरकार का आयुष मंत्रालय शीतली प्राणायाम को दिनचर्या में शामिल करने की सलाह देता है, जो तन-मन की गर्मी को भगाने का प्रभावी समाधान हो सकता है।

यह प्राचीन योगिक श्वास अभ्यास शरीर को अंदर से ठंडक प्रदान करता है और तनाव को भी कम करता है। शीतली प्राणायाम में जीभ को बाहर निकालकर उसे नली के आकार में मोड़ लिया जाता है और धीरे-धीरे सांस अंदर खींची जाती है। इसके बाद मुंह बंद करके नाक से सांस छोड़ी जाती है। यह सरल अभ्यास शरीर की आंतरिक गर्मी को संतुलित करने में मदद करता है। विशेष रूप से बढ़ती उम्र में जब शरीर में गर्मी बढ़ने, चिड़चिड़ापन और नींद की समस्या आम हो जाती है, तब शीतली प्राणायाम बेहद फायदेमंद साबित होता है।

आयुष मंत्रालय के अनुसार, यह प्राणायाम न सिर्फ शरीर को ठंडा करता है बल्कि मन को भी शांत रखता है। इससे गर्मियों में होने वाली थकान, जलन और तनाव में कमी आती है। नियमित अभ्यास से ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है और पाचन तंत्र भी मजबूत होता है। उम्र बढ़ने के साथ जोड़ों की समस्या, चिंता और अनिद्रा जैसी दिक्कतें बढ़ती हैं। शीतली प्राणायाम इन समस्याओं को प्राकृतिक तरीके से कम करने में सहायक है।

इस बार अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 की थीम “स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग” रखी गई है। ऐसे में मंत्रालय लोगों को सलाह दे रहा है कि रोजाना की दिनचर्या में ऐसे आसान योग अभ्यास शामिल करें जो उम्र के हर पड़ाव पर स्वास्थ्य, संतुलन और खुशहाली बनाए रखें। शीतली प्राणायाम इन्हीं अभ्यासों में से एक है।

शीतली प्राणायाम अभ्यास के लिए शांत और साफ जगह पर आसन लगाकर बैठ जाएं, आंखें बंद रखें और शरीर को ढीला छोड़ दें। जीभ को बाहर निकालकर नली जैसा बनाएं। इसके बाद धीरे से मुंह से सांस अंदर लें। इस दौरान मुंह बंद करके नाक से सांस बाहर छोड़ें। शुरू में 5-10 बार करें, बाद में समय बढ़ा सकते हैं।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि गर्मी के मौसम में सुबह-शाम इसका अभ्यास सबसे अच्छा रहता है। इससे न सिर्फ शारीरिक गर्मी कम होती है बल्कि मानसिक शांति भी मिलती है। बढ़ती उम्र में यह अभ्यास ऊर्जा बनाए रखने और तनाव मुक्त जीवन जीने में सहायक सिद्ध होता है। (MK)

(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)

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