ऑफिस में घंटों बैठते हैं? रोज करें पादहस्तासन, तनाव और अकड़न से मिलेगा छुटकारा

ऑफिस में लंबे समय तक डेस्क पर बैठे रहने से कई तरह की शारीरिक और मानसिक समस्या शरीर को जकड़ने लगती हैं। ऐसी स्थिति में रोजाना समयानुसार, नियमित आहार और योगासन शरीर को इन समस्याओं से निजात दिलाने में मददगार है, योग के इन्हीं आसनों में पादहस्तासन श्रेष्ठ बताया गया है, जिसके अभ्यास से शरीर को धीरे-धीरे आराम मिलने लगता है।
ऑफिस में घंटों बैठते हैं? रोज करें पादहस्तासन, तनाव और अकड़न से मिलेगा छुटकारा
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ऑफिस में लंबे समय तक डेस्क पर बैठे रहने से कई तरह की शारीरिक और मानसिक समस्या शरीर को जकड़ने लगती हैं। ऐसी स्थिति में रोजाना समयानुसार, नियमित आहार और योगासन शरीर को इन समस्याओं से निजात दिलाने में मददगार है, योग के इन्हीं आसनों में पादहस्तासन श्रेष्ठ बताया गया है, जिसके अभ्यास से शरीर को धीरे-धीरे आराम मिलने लगता है।

पादहस्तासन एक ऐसा योगासन है जो तीन शब्दों से मिलकर बना है, पाद + हस्त + आसन। इस आसन में पांव (पाद) को हाथों (हस्त) से पकडते हैं इसलिए इसे पादहस्तासन या हस्त पादासन कहते हैं।

आधुनिक जीवनशैली में हम जहां ज्यादातर समय मोबाइल या कंप्यूटर के सामने झुके रहते हैं, ऐसे में यह आसन रीढ़ को राहत देता है और पूरे शरीर में ऊर्जा का प्रवाह बढ़ाता है।

केंद्र सरकार के आयुष मंत्रालय ने इस आसन को लेकर सुझाव दिए हैं। उनके अनुसार, इस आसन के नियमिस अभ्यास से तनाव, अकड़न, खराब पाचन और कम ऊर्जा जैसी समस्याएं शरीर में धीरे-धीरे जमा होती रहती हैं। इनसे छुटकारा पाने के लिए पादहस्तासन एक ऐसा आसान है, जिसके नियमित अभ्यास से शरीर का लचीलापन बढ़ता है, पाचन तंत्र मजबूत होता है, मन शांत रहता है और आगे की ओर गहरे खिंचाव से शारीरिक तनाव दूर होता है।

इस आसन को करने से सिर की तरफ खून का प्रवाह बढ़ता है, जिससे दिमाग और आंखों को फायदा होता है। साथ ही, यह मन को शांत करता है और तनाव को कम करने में मदद करता है।

इस आसन को करने के लिए सबसे पहले खड़े होकर दोनों पैरों को जोड़ें, सांस छोड़ते हुए कमर से आगे की ओर झुकें और हाथों को पैरों के पास जमीन पर रखने की कोशिश करें। शुरुआती दिनों में घुटनों को थोड़ा मोड़ सकते हैं। कुछ सेकंड रुककर धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में लौटें। रोजाना 3 से 5 बार इस आसन का अभ्यास किया जा सकता है।

शुरुआती अभ्यासकर्ता इस आसन को करने के लिए किसी विशेषज्ञ की सलाह पर ही करें और योगासन करते समय हमेशा अपनी क्षमता पर ध्यान दें। जबरदस्ती या जरूरत से ज्यादा खिंचाव शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है। इसके साथ ही गंभीर बीमारी और हालिया हुई सर्जरी और गर्भवती महिलाओं को इसको करने से पहले योग विशेषज्ञ से सलाह जरूर लेनी चाहिए।(VR)

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(यह रिपोर्ट IANS न्यूज़ एजेंसी से स्वचालित रूप से ली गई है। न्यूज़ग्राम इस कंटेंट की कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेता।)

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