बड़े-बड़े रेस्टोरेंट्स फेल हैं इसके आगे! जानिए क्यों 'रोशन दी कुल्फी' है सबकी पहली पसंद

यहां आने वाला हर शख्स सिर्फ खाने का स्वाद ही नहीं लेता, बल्कि एक कहानी, एक जज़्बा और पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा को महसूस करता है जो हर बार उसे फिर से यहां खींच लाती है।
रोशन दी कुल्फी (Roshan Di Kulfi)
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दिल्ली के दिल में बसे करोल बाग की रंगीन और चहल-पहल भरी गलियों में एक ऐसी जगह है, जहां सिर्फ मिठास ही नहीं, बल्कि मिठास के साथ ठंडा का तड़का मिलता है। यह कोई साधारण दुकान नहीं, बल्कि 78 साल से भी ज्यादा पुरानी एक ऐसी विरासत है, जिसने वक्त के साथ खुद को बदला जरूर है, लेकिन अपने असली स्वाद और पहचान को हमेशा बरकरार रखा है। गर्मियों की झुलसाती धूप में ठंडी-ठंडी कुल्फी का मजा हो या सर्दियों की शाम में गरमा-गरम चाट का स्वाद यह जगह हर मौसम में लोगों के दिलों को जीत लेती है। विभाजन जैसे कठिन दौर से शुरू हुआ यह सफर आज दिल्ली के सबसे भरोसेमंद और पसंदीदा फूड डेस्टिनेशन्स में शामिल हो चुका है। यहां आने वाला हर शख्स सिर्फ खाने का स्वाद ही नहीं लेता, बल्कि एक कहानी, एक जज़्बा और पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा को महसूस करता है जो हर बार उसे फिर से यहां खींच लाती है।

कब हुई थी इसकी शुरुआत?

रोशन दी कुल्फी (Roshan Di Kulfi) की शुरुआत 1947 में भारत-पाकिस्तान विभाजन के बाद हुई थी। इसके संस्थापक रोशन लाल सोनी (Roshan Lal Soni)थे, जो मूल रूप से हिमाचल प्रदेश से थे और लाहौर में काम करते थे। विभाजन के बाद जब वे दिल्ली आए, तो उनके पास ज्यादा संसाधन नहीं थे, लेकिन मेहनत और हुनर की कोई कमी नहीं थी। उन्होंने करोल बाग की सड़कों पर कुल्फी और ड्राई फ्रूट्स बेचकर अपने सफर की शुरुआत की। धीरे-धीरे उनके बेहतरीन स्वाद और गुणवत्ता ने लोगों का दिल जीत लिया और उनकी छोटी सी रेहड़ी एक मशहूर दुकान में बदल गई।

आज इस विरासत को परिवार की अगली पीढ़ी खासतौर पर उनके पोते ईशान सोनी (Ishan Soni) और अन्य परिवार के सदस्य मिलकर संभाल रहे हैं, जो इस पुराने स्वाद को आधुनिक अंदाज में आगे बढ़ा रहे हैं। समय के साथ इस ब्रांड ने अपनी पहचान को और मजबूत किया है और अब इसकी चार प्रमुख शाखाएं हैं करोल बाग, राजौरी गार्डन, चांदनी चौक और गुड़गांव। हर शाखा में वही पुराना स्वाद और भरोसा बरकरार रखा गया है, जिसने इसे सालों से लोगों का पसंदीदा बनाए रखा है।

क्यों है रोशन दी कुल्फी इतनी ख़ास?

यहां की कुल्फी अपने रिच और क्रीमी टेक्सचर के लिए जानी जाती है। इसे पारंपरिक तरीके से दूध को धीमी आंच पर गाढ़ा करके बनाया जाता है, जिसमें केसर, इलायची और ड्राई फ्रूट्स मिलाए जाते हैं। हर बाइट में एक देसी मिठास और ठंडक का एहसास होता है। यहां केसर कुल्फी, मैंगो कुल्फी, चॉकलेट ओरियो और शुगर-फ्री कुल्फी जैसे कई फ्लेवर मिलते हैं। इसके अलावा, यहां के छोले भटूरे भी बेहद प्रसिद्ध हैं। मसालेदार, कुरकुरे और पूरी तरह देसी स्वाद से भरपूर। साथ ही आलू टिक्की, पापड़ी चाट, दही भल्ले और साउथ इंडियन डिशेज जैसे डोसा-इडली भी उपलब्ध हैं। सर्दियों में गाजर का हलवा और मूंग दाल हलवा खास आकर्षण होते हैं। मिठाइयों में बर्फी, पिन्नी, लड्डू और मिल्क केक भी मिलते हैं, जो हर उम्र के लोगों को पसंद आते हैं।

यहां की कुल्फी अपने रिच और क्रीमी टेक्सचर के लिए जानी जाती है।
यहां की कुल्फी अपने रिच और क्रीमी टेक्सचर के लिए जानी जाती है।X

अगर कीमत की बात करें, तो रोशन दी कुल्फी हर बजट के लोगों के लिए एक परफेक्ट जगह है। यहां की स्वादिष्ट कुल्फी करीब ₹60 से ₹150 तक मिल जाती है, जिसमें केसर, पिस्ता, मैंगो और चॉकलेट जैसे फ्लेवर शामिल हैं। वहीं, इनके फेमस छोले भटूरे ₹120 से ₹180 के बीच मिलते हैं। एक प्लेट में भरपूर स्वाद और संतुष्टि। चाट लवर्स के लिए आलू टिक्की, पापड़ी चाट और दही भल्ले ₹80 से ₹150 तक में मिल जाते हैं। अगर आप मिठाइयों के शौकीन हैं, तो यहां बर्फी, लड्डू और मिल्क केक ₹400 से ₹800 प्रति किलो तक उपलब्ध हैं।

कहां है यह दुकान?

लोकेशन की बात करें तो यह मशहूर दुकान करोल बाग (Karol Bag) के अजमल खान रोड (Ajmal Khan Road) के पास स्थित है, जहां हमेशा रौनक बनी रहती है। यहां पहुंचना भी बेहद आसान है आप दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन पर करोल बाग स्टेशन उतरें और वहां से सिर्फ 5–10 मिनट की वॉक में इस जगह तक पहुंच सकते हैं। अगर आप ऑटो या कैब लेते हैं, तो किराया ₹50 से ₹300 तक हो सकता है, आपकी दूरी पर निर्भर करता है। खास बात ये है कि यहां सिर्फ खाना ही नहीं, बल्कि एक पूरा “दिल्ली वाला स्ट्रीट फूड एक्सपीरियंस” मिलता है जहां जेब पर ज्यादा असर नहीं पड़ता, लेकिन स्वाद दिल में लंबे समय तक बस जाता है।

इस दुकान को लेकर क्या कहती दिल्ली की पब्लिक?

यहां आने वाले ग्राहकों का कहना है कि “यह सिर्फ कुल्फी नहीं, एक यादगार स्वाद है।” लोग इसके क्रीमी टेक्सचर, असली फ्लेवर और पुरानी यादों वाले स्वाद की खूब तारीफ करते हैं। कई लोग सालों से यहां आ रहे हैं और हर बार वही क्वालिटी पाकर खुश होते हैं। दुकान आमतौर पर सुबह 11 बजे से रात 11 बजे तक खुली रहती है, हालांकि त्योहारों या भीड़ के समय टाइम थोड़ा बदल सकता है। अगर आप दिल्ली में हैं और असली स्ट्रीट फूड का मजा लेना चाहते हैं, तो यह जगह जरूर ट्राई करें। यहां का माहौल, स्वाद और इतिहास आपको एक अलग ही अनुभव देगा। दोस्तों और परिवार के साथ यहां आना एक परफेक्ट फूड आउटिंग बन सकता है जहां हर बाइट में स्वाद के साथ कहानी भी मिलती है।

अगर आप दिल्ली में हैं और असली देसी स्वाद के साथ एक यादगार अनुभव लेना चाहते हैं, तो रोशन दी कुल्फी आपके लिए परफेक्ट जगह है। यहां की हर डिश में सालों की मेहनत, परंपरा और प्यार का स्वाद मिलता है। तो अगली बार जब आप करोल बाग जाएं, तो इस जगह को अपनी लिस्ट में जरूर शामिल करें क्योंकि यहां सिर्फ कुल्फी नहीं, बल्कि एक ऐसी कहानी मिलती है जिसे आप बार-बार जीना चाहेंगे। [SP]

रोशन दी कुल्फी (Roshan Di Kulfi)
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